2 Timothy · chapter 2 · verse 6
2 Timothy 2:6 in Hindi
जो गृहस्थ परिश्रम करता है, फल का अंश पहिले उसे मिलना चाहिए।
Jo gruhasth parishram karataa hai, phal kaa ansh pahile use milanaa chaahie.
2 Timothy 2:6 in English
- King James Version (KJV)
- The husbandman that laboureth must be first partaker of the fruits.
- World English Bible (WEB)
- The farmer who labors must be the first to get a share of the crops.
- American Standard Version (ASV)
- The husbandman that laboreth must be the first to partake of the fruits.
- Bible in Basic English (BBE)
- It is right for the worker in the fields to be the first to take of the fruit.
- Darby Translation (DBY)
- The husbandman must labour before partaking of the fruits.
- Webster's Bible (WBS)
- The husbandman that laboreth must be first partaker of the fruits.
- Young's Literal Translation (YLT)
- the labouring husbandman it behoveth first of the fruits to partake;
Read in context
- 4जब कोई योद्धा लड़ाई पर जाता है, तो इसलिये कि अपने भरती करनेवाले को प्रसन्न करे, अपने आप को संसार के कामों में नहीं फंसाता
- 5फिर अखाड़े में लडनेवाला यदि विधि के अनुसार न लड़े तो मुकुट नहीं पाता।
- 6जो गृहस्थ परिश्रम करता है, फल का अंश पहिले उसे मिलना चाहिए।
- 7जो मैं कहता हूं, उस पर ध्यान दे और प्रभु तुझे सब बातों की समझ देगा।
- 8यीशु मसीह को स्मरण रख, जो दाऊद के वंश से हुआ, और मरे हुओं में से जी उठा; और यह मरे सुसमाचार के अनुसार है।
Cross references
- Hebrews 10:36 इब्रानियों 10:36क्योंकि तुम्हें धीरज धरना अवश्य है, ताकि परमेश्वर की इच्छा को पूरी करके तुम प्रतिज्ञा का फल पाओ।
- 1 Corinthians 9:7–11 1 कुरिन्थियों 9:7–11कौन कभी अपनी गिरह से खाकर सिपाही का काम करता है: कौन दाख की बारी लगाकर उसका फल नहीं खाता? कौन भेड़ों की रखवाली करके उन का दूध नहीं पीता? क्या मैं ये बातें मनुष्य ही की रीति पर बोलता हूं? क्या व्यवस्था भी यही नहीं कहती? क्योंकि मूसा की व्यवस्था में लिखा है कि दांए में चलते हुए बैल का मुंह न बान्धना: क्या परमेश्वर बैलों ही की चिन्ता करता है? या विशेष करके हमारे लिये कहता है। हां, हमारे लिये ही लिखा गया, क्योंकि उचित है, कि जातनेवाला आशा से जोते, और दावनेवाला भागी होने की आशा से दावनी करे। सो जब कि हम ने तुम्हारे लिये आत्मिक वस्तुएं बोई, तो क्या यह कोई बड़ी बात है, कि तुम्हारी शारीरिक वस्तुओं की फसल काटें।
- 1 Corinthians 3:6–9 1 कुरिन्थियों 3:6–9मैं ने लगाया, अपुल्लोस ने सींचा, परन्तु परमेश्वर ने बढ़ाया। इसलिये न तो लगानेवाला कुछ है, और न सींचनेवाला, परन्तु परमेश्वर जो बढ़ानेवाला है। लगानेवाला और सींचनेवाला दानों एक हैं; परन्तु हर एक व्यक्ति अपने ही परिश्रम के अनुसार अपनी ही मजदूरी पाएगा। क्योंकि हम परमेश्वर के सहकर्मी हैं; तुम परमेश्वर की खेती और परमेश्वर की रचना हो।
- 1 Corinthians 9:23 1 कुरिन्थियों 9:23और मैं सब कुछ सुसमाचार के लिये करता हूं, कि औरों के साथ उसका भागी हो जाऊं।
- Luke 10:2 लूका 10:2और उस ने उन से कहा; पक्के खेत बहुत हैं; परन्तु मजदूर थोड़े हैं: इसलिये खेत के स्वामी से बिनती करो, कि वह अपने खेत काटने को मजदूर भेज दे।
- Matthew 9:37–38 मत्ती 9:37–38तब उस ने अपने चेलों से कहा, पक्के खेत तो बहुत हैं पर मजदूर थोड़े हैं। इसलिये खेत के स्वामी से बिनती करो कि वह अपने खेत काटने के लिये मजदूर भेज दे।।
- John 4:35–38 यूहन्ना 4:35–38क्या तुम नहीं कहते, कि कटनी होने में अब भी चार महीने पड़े हैं? देखो, मैं तुम से कहता हूं, अपनी आंखे उठाकर खेतों पर दृष्टि डालो, कि वे कटनी के लिये पक चुके हैं। और काटनेवाला मजदूरी पाता, और अनन्त जीवन के लिये फल बटोरता है; ताकि बोनेवाला और काटनेवाला दोनों मिलकर आनन्द करें। क्योंकि इस पर यह कहावत ठीक बैठती है कि बानेवाला और है और काटनेवाला और। मैं ने तुम्हें वह खेत काटने के लिये भेजा, जिस में तुम ने परिश्रम नहीं किया: औरों ने परिश्रम किया और तुम उन के परिश्रम के फल में भागी हुए।।
- Isaiah 28:24–26 यशायाह 28:24–26क्या हल जोतनेवाला बीज बोने के लिये लगातार जोतता रहता है? क्या वह सदा धरती को चीरता और हेंगाता रहता है? क्या वह उसको चौरस करके सौंफ को नहीं छितराता, जीरे को नहीं बखेरता और गेहूं को पांति पांति करके और जब को उसके निज स्थान पर, और कठिये गेहूं को खेत की छोर पर नहीं बोता? क्योंकि उसका परमेश्वर उसको ठीक ठीक काम करना सिखलाता और बतलाता है।।
- Matthew 21:33–41 मत्ती 21:33–41एक और दृष्टान्त सुनो: एक गृहस्थ था, जिस ने दाख की बारी लगाई; और उसके चारों ओर बाड़ा बान्धा; और उस मे रस का कुंड खोदा; और गुम्मट बनाया; और किसानों को उसका ठीका देकर परदेश चला गया। जब फल का समय निकट आया, तो उस ने अपने दासों को उसका फल लेने के लिये किसानों के पास भेजा। पर किसानों ने उसके दासों को पकड़ के, किसी को पीटा, और किसी को मार डाला; और किसी को पत्थरवाह किया। फिर उस ने और दासों को भेजा, जो पहिलों से अधिक थे; और उन्हों ने उन से भी वैसा ही किया। अन्त में उस ने अपने पुत्रा को उन के पास यह कहकर भेजा, कि वे मेरे पुत्रा का आदर करेंगे। परन्तु किसानों ने पुत्रा को देखकर आपस में कहा, यह तो वारिस है, आओ, उसे मार डालें: और उस की मीरास ले लें। और उन्हों ने उसे पकड़ा और दाख की बारी से बाहर निकालकर मार डाला। इसलिये जब दाख की बारी का स्वामी आएगा, तो उन किसानों के साथ क्या करेगा? उन्होंने उस से कहा, वह उन बुरे लोगों को बुरी रीति से नाश करेगा; और दाख की बारी का ठीका और किसानों को देगा, जो समय पर उसे फल दिया करेंगे।
- Matthew 20:1 मत्ती 20:1स्वर्ग का राज्य किसी गृहस्थ के समान है, जो सबेरे निकला, कि अपने दाख की बारी में मजदूरों को लगाए।