2 Timothy · chapter 3 · verse 14
2 Timothy 3:14 in Hindi
पर तू इन बातों पर जो तू ने सीखीं हैं और प्रतीति की थी, यह जानकर दृढ़ बना रह; कि तू ने उन्हें किन लोगों से सीखा था?
Par too in baatom par jo too ne seekheem haim aur prateeti kee thee, yah jaanakar drudh banaa rah; ki too ne unhem kin logom se seekhaa thaa?
2 Timothy 3:14 in English
- King James Version (KJV)
- But continue thou in the things which thou hast learned and hast been assured of, knowing of whom thou hast learned [them];
- World English Bible (WEB)
- But you remain in the things which you have learned and have been assured of, knowing from whom you have learned them.
- American Standard Version (ASV)
- But abide thou in the things which thou hast learned and hast been assured of, knowing of whom thou hast learned them;
- Bible in Basic English (BBE)
- But see that you keep to the teaching you have been given and the things of which you are certain, conscious of who has been your teacher;
- Darby Translation (DBY)
- But thou, abide in those things which thou hast learned, and [of which] thou hast been fully persuaded, knowing of whom thou hast learned [them];
- Webster's Bible (WBS)
- But continue thou in the things which thou hast learned and hast been assured of, knowing from whom thou hast learned [them] ;
- Young's Literal Translation (YLT)
- And thou — be remaining in the things which thou didst learn and wast entrusted with, having known from whom thou didst learn,
Read in context
- 12पर जितने मसीह यीशु में भक्ति के साथ जीवन बिताना चाहते हैं वे सब सताए जाएंगे।
- 13और दुष्ट, और बहकानेवाले धोखा देते हुए, और धोखा खाते हुए, बिगड़ते चले जाएंगे।
- 14पर तू इन बातों पर जो तू ने सीखीं हैं और प्रतीति की थी, यह जानकर दृढ़ बना रह; कि तू ने उन्हें किन लोगों से सीखा था?
- 15और बालकपन से पवित्रा शास्त्रा तेरा जाना हुआ है, जो तुझे मसीह पर विश्वास करने से उद्धार प्राप्त करने के लिये बुद्धिमान बना सकता है।
- 16हर एक पवित्राशास्त्रा परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है और उपदेश, और समझाने, और सुधारने, और धर्म की शिक्षा के लिये लाभदायक है।
Cross references
- 1 Thessalonians 2:13 1 थिस्सलुनीकियों 2:13इसलिये हम भी परमेश्वर का धन्यवाद निरन्तर करते हैं; कि जब हमारे द्वारा परमेश्वर के सुसमाचार का वचन तुम्हारे पास पहुंचा, तो तुम ने उस मनुष्यों का नहीं, परन्तु परमेश्वर का वचन समझकर (और सचमुच यह ऐसा ही है) ग्रहण किया: और वह तुम में जो विश्वास रखते हो, प्रभावशाली है।
- 2 Timothy 2:2 2 तीमुथियुस 2:2और जो बातें तू ने बहुत गवाहों के साम्हने मुझ से सुनी है, उन्हें विश्वासी मनुष्यों को सौंप दे; जो औरों को भी सिखाने के योग्य हों।
- 2 Timothy 1:13 2 तीमुथियुस 1:13जो खरी बातें तू ने मुझ से सुनी हैं उन को उस विश्वास और प्रेम के साथ जो मसीह यीशु में है, अपना आदर्श बनाकर रख।
- 1 Thessalonians 1:5 1 थिस्सलुनीकियों 1:5क्योंकि हमारा सुसमाचार तुम्हारे पास न केवल वचन मात्रा ही में बरन सामर्थ और पवित्रा आत्मा, और बड़े निश्चय के साथ पहुंचा है; जैसा तुम जानते हो, कि हम तुम्हारे लिये तुम में कैसे बन गए थे।
- Hebrews 10:22 इब्रानियों 10:22तो आओ; हम सच्चे मन, और पूरे विश्वास के साथ, और विवेक को दोष दूर करने के लिये हृदय पर छिड़काव लेकर, और देह को शुद्ध जल से धुलवाकर परमेश्वर के समीप जाएं।
- Hebrews 6:11 इब्रानियों 6:11पर हम बहुत चाहते हैं, कि तुम में से हर एक जन अन्त तक पूरी आशा के लिये ऐसा ही प्रयत्न करता रहे।
- 1 Timothy 4:16 1 तीमुथियुस 4:16इन बातों पर स्थिर रह, क्योंकि यदि ऐसा करता रहेगा, तो तू अपने, और अपने सुननेवालों के लिये भी उद्धार का कारण होगा।।
- 2 Timothy 3:15 2 तीमुथियुस 3:15और बालकपन से पवित्रा शास्त्रा तेरा जाना हुआ है, जो तुझे मसीह पर विश्वास करने से उद्धार प्राप्त करने के लिये बुद्धिमान बना सकता है।
- Romans 14:5 रोमियों 14:5कोई तो एक दिन को दूसरे से बढ़कर जानता है, और कोई सब दिन एक सा जानता है: हर एक अपने ही मन में निश्चय कर ले।
- Colossians 2:2 कुलुस्सियों 2:2ताकि उन के मनों में शान्ति हो और वे प्रेम से आपस में गठे रहें, और वे पूरी समझ का सारा धन प्राप्त करें, और परमेश्वर पिता के भेद को अर्थात् मसीह को पहिचान लें।
- Acts 17:31 प्रेरितों के काम 17:31क्योंकि उस ने एक दिन ठहराया है, जिस में वह उस मनुष्य के द्वारा धर्म से जगत का न्याय करेगा, जिसे उस ने ठहराया है और उसे मरे हुओं में से जिलाकर, यह बात सब पर प्रामाणित कर दी है।।