1 Thessalonians · chapter 1 · verse 5
1 Thessalonians 1:5 in Hindi
क्योंकि हमारा सुसमाचार तुम्हारे पास न केवल वचन मात्रा ही में बरन सामर्थ और पवित्रा आत्मा, और बड़े निश्चय के साथ पहुंचा है; जैसा तुम जानते हो, कि हम तुम्हारे लिये तुम में कैसे बन गए थे।
Kyonki hamaaraa susamaachaar tumhaare paas na keval vachan maatraa hee mem baran saamarth aur pavitraa aatmaa, aur bade nishchay ke saath pahunchaa hai; jaisaa tum jaanate ho, ki ham tumhaare liye tum mem kaise ban gae the.
1 Thessalonians 1:5 in English
- King James Version (KJV)
- For our gospel came not unto you in word only, but also in power, and in the Holy Ghost, and in much assurance; as ye know what manner of men we were among you for your sake.
- World English Bible (WEB)
- and that our Good News came to you not in word only, but also in power, and in the Holy Spirit and with much assurance. You know what kind of men we showed ourselves to be among you for your sake.
- American Standard Version (ASV)
- how that our gospel came not unto you in word only, but also in power, and in the Holy Spirit, and [in] much assurance; even as ye know what manner of men we showed ourselves toward you for your sake.
- Bible in Basic English (BBE)
- Because our good news came to you, not in word only, but in power, and in the Holy Spirit, so that you were completely certain of it; even as you saw what our behaviour to you was like from our love to you.
- Darby Translation (DBY)
- For our glad tidings were not with you in word only, but also in power, and in [the] Holy Spirit, and in much assurance; even as ye know what we were among you for your sakes:
- Webster's Bible (WBS)
- For our gospel came not to you in word only, but also in power, and in the Holy Spirit, and in much assurance; as ye know what manner of men we were among you for your sake.
- Young's Literal Translation (YLT)
- because our good news did not come to you in word only, but also in power, and in the Holy Spirit, and in much assurance, even as ye have known of what sort we became among you because of you,
Read in context
- 3और अपने परमेश्वर और पिता के साम्हने तुम्हारे विश्वास के काम, और प्रेम का परिश्रम, और हमारे प्रभु यीशु मसीह में आशा की धीरता को लगातार स्मरण करते हैं।
- 4और हे भाइयो, परमेश्वर के प्रिय लोगों हम जानतें हैं, कि तुम चुने हुए हो।
- 5क्योंकि हमारा सुसमाचार तुम्हारे पास न केवल वचन मात्रा ही में बरन सामर्थ और पवित्रा आत्मा, और बड़े निश्चय के साथ पहुंचा है; जैसा तुम जानते हो, कि हम तुम्हारे लिये तुम में कैसे बन गए थे।
- 6और तुम बड़े क्लेश में पवित्रा आत्मा के आनन्द के साथ वचन को मानकर हमारी और प्रभु की सी चाल चलने लगे।
- 7यहां तक कि मकिदुनिया और अखया के सब विश्वासियों के लिये तुम आदर्श बने।
Cross references
- 2 Thessalonians 3:7–9 2 थिस्सलुनीकियों 3:7–9क्योंकि तुम आप जानते हो, कि किस रीति से हमारी सी चाल चलनी चाहिए; क्योंकि हम तुम्हारे बीच में अनुचित चाल न चले। और किसी की रोटी सेंत में न खाई; पर परिश्रम और कष्ट से रात दिन काम धन्धा करते थे, कि तुम में से किसी पर भार न हो। यह नहीं, कि हमें अधिकार नहीं; पर इसलिये कि अपने आप को तुम्हारे लिये आदर्श ठहराएं, कि तुम हमारी सी चाल चलो।
- Mark 16:20 मरकुस 16:20और उन्होंने निकलकर हर जगह प्रचार किया, और प्रभु उन के साथ काम करता रहा, और उन चिन्हों के द्वारा जो साथ साथ होते थे वचन को, दृढ़ करता रहा। आमीन॥
- 1 Corinthians 2:2–5 1 कुरिन्थियों 2:2–5क्योंकि मैं ने यह ठान लिया था, कि तुम्हारे बीच यीशु मसीह, बरन क्रूस पर चढ़ाए हुए मसीह को छोड़ और किसी बात को न जानूं। और मैं निर्बलता और भय के साथ, और बहुत थरथराता हुआ तुम्हारे साथ रहा। ओर मेरे वचन, और मेरे प्रचार में ज्ञान की लुभानेवाली बातें नहीं; परन्तु आत्मा और सामर्थ का प्रमाण था। इसलिये कि तुम्हारा विश्वास मनुष्यों के ज्ञान पर नहीं, परन्तु परमेश्वर की सामर्थ पर निर्भर हो।।
- 2 Thessalonians 2:14 2 थिस्सलुनीकियों 2:14जिस के लिये उस ने तुम्हें हमारे सुसमाचार के द्वारा बुलाया, कि तुम हमारे प्रभु यीशु मसीह की महिमा को प्राप्त करो।
- 1 Thessalonians 2:13 1 थिस्सलुनीकियों 2:13इसलिये हम भी परमेश्वर का धन्यवाद निरन्तर करते हैं; कि जब हमारे द्वारा परमेश्वर के सुसमाचार का वचन तुम्हारे पास पहुंचा, तो तुम ने उस मनुष्यों का नहीं, परन्तु परमेश्वर का वचन समझकर (और सचमुच यह ऐसा ही है) ग्रहण किया: और वह तुम में जो विश्वास रखते हो, प्रभावशाली है।
- Colossians 2:2 कुलुस्सियों 2:2ताकि उन के मनों में शान्ति हो और वे प्रेम से आपस में गठे रहें, और वे पूरी समझ का सारा धन प्राप्त करें, और परमेश्वर पिता के भेद को अर्थात् मसीह को पहिचान लें।
- Hebrews 6:18–19 इब्रानियों 6:18–19ताकि दो बे- बदल बातों के द्वारा जिन के विषय में परमेश्वर का झूठा ठहरना अन्होना है, हमारा दृढ़ता से ढाढ़स बन्ध जाए, जो शरण लेने को इसलिये दौड़े है, कि उस आशा को जो साम्हने रखी हुई है प्राप्त करें। वह आशा हमारे प्राण के लिये ऐसा लंगर है जो स्थिर और दृढ़ है, और परदे के भीतर तक पहुंचता है।
- 1 Peter 1:12 1 पतरस 1:12उन पर यह प्रगट किया गया, कि वे अपनी नहीं वरन तुम्हारी सेवा के लिये ये बातें कहा करते थे, जिन का समाचार अब तुम्हें उन के द्वारा मिला जिन्हों ने पवित्र आत्मा के द्वारा जो स्वर्ग से भेजा गया: तुम्हें सुसमाचार सुनाया, और इन बातों को स्वर्गदूत भी ध्यान से देखने की लालसा रखते हैं॥
- 1 Corinthians 4:20 1 कुरिन्थियों 4:20क्योंकि परमशॆवर का राज्य बातों में नहीं, परन्तु सामर्थ में है।
- Galatians 3:2–5 गलातियों 3:2–5मैं तुम से केवल यह जानना चाहता हूं, कि तुम ने आत्मा को, क्या व्यवस्था के कामों से, या विश्वास के समाचार से पाया? क्या तुम ऐसे निर्बुद्धि हो, कि आत्मा की रीति पर आरम्भ करके अब शरीर की रीति पर अन्त करोगे? क्या तुम ने इतना दुख योंही उठाया? परन्तु कदाचित व्यर्थ नहीं। सो जो तुम्हें आत्मा दान करता और तुम में सामर्थ के काम करता है, वह क्या व्यवस्था के कामों से या विश्वास के सुसमाचार से ऐसा करता है?
- Hebrews 2:3–4 इब्रानियों 2:3–4तो हम लोग ऐसे बड़े उद्धार से निश्चिन्त रह कर क्योंकर बच सकते हैं? जिस की चर्चा पहिले पहिल प्रभु के द्वारा हुई, और सुनने वालों के द्वारा हमें निश्चय हुआ। और साथ ही परमेश्वर भी अपनी इच्छा के अनुसार चिन्हों, और अद्भुत कामों, और नाना प्रकार के सामर्थ के कामों, और पवित्र आत्मा के वरदानों के बांटने के द्वारा इस की गवाही देता रहा॥
- Romans 1:16 रोमियों 1:16क्योंकि मैं सुसमाचार से नहीं लजाता, इसलिये कि वह हर एक विश्वास करनेवाले के लिये, पहिले तो यहूदी, फिर यूनानी के लिये उद्धार के निमित्त परमेश्वर की सामर्थ है।
Original words (Greek)
- For · G3754ὅτι hóti
- our · G2257ἡμῶν hēmōn
- gospel · G2098εὐαγγέλιον euangélion
- came · G1096γίνομαι gínomai
- not · G3756οὐ ou
- unto · G1519εἰς eis
- you · G5209ὑμᾶς hymâs
- in · G1722ἐν en
- word · G3056λόγος lógos
- only · G3440μόνον mónon
- but · G235ἀλλά allá
- also · G2532καί kaí
- in · G1722ἐν en
- power · G1411δύναμις dýnamis
- and · G2532καί kaí
- in · G1722ἐν en
- Holy · G40ἅγιος hágios
- Ghost · G4151πνεῦμα pneûma
- and · G2532καί kaí
- in · G1722ἐν en
- much · G4183πολύς polýs
- assurance · G4136πληροφορία plērophoría
- as · G2531καθώς kathṓs
- know · G1492εἴδω eídō
- men · G3634οἷος hoîos
- were · G1096γίνομαι gínomai
- among · G1722ἐν en
- you · G5213ὑμῖν hymîn
- for · G1223διά diá
- sake · G5209ὑμᾶς hymâs