Acts · chapter 1 · verse 4
Acts 1:4 in Hindi
ओर उन से मिलकर उन्हें आज्ञा दी, कि यरूशलेम को न छोड़ो, परन्तु पिता की उस प्रतिज्ञा के पूरे होने की बाट जोहते रहो, जिस की चर्चा तुम मुझ से सुन चुके हो।
Or un se milakar unhem aajnyaa dee, ki yarooshalem ko na chhodo, parantu pitaa kee us pratijnyaa ke poore hone kee baat johate raho, jis kee charchaa tum mujh se sun chuke ho.
Acts 1:4 in English
- King James Version (KJV)
- And, being assembled together with [them], commanded them that they should not depart from Jerusalem, but wait for the promise of the Father, which, [saith he], ye have heard of me.
- World English Bible (WEB)
- Being assembled together with them, he commanded them, “Don’t depart from Jerusalem, but wait for the promise of the Father, which you heard from me.
- American Standard Version (ASV)
- and, being assembled together with them, he charged them not to depart from Jerusalem, but to wait for the promise of the Father, which, [said he], ye heard from me:
- Bible in Basic English (BBE)
- And when they were all together, with him, he gave them orders not to go away from Jerusalem, but to keep there, waiting till the word of the Father was put into effect, of which, he said, I have given you knowledge:
- Darby Translation (DBY)
- and, being assembled with [them], commanded them not to depart from Jerusalem, but to await the promise of the Father, which [said he] ye have heard of me.
- Webster's Bible (WBS)
- And being assembled with [them] , commanded them that they should not depart from Jerusalem, but wait for the promise of the Father, which, [saith he] , ye have heard from me.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And being assembled together with them, he commanded them not to depart from Jerusalem, but to wait for the promise of the Father, which, [saith he,] 'Ye did hear of me;
Read in context
- 2उस दिन तक जब वह उन प्रेरितों को जिन्हें उस ने चुना था, पवित्र आत्मा के द्वारा आज्ञा देकर ऊपर उठाया न गया।
- 3और उस ने दु:ख उठाने के बाद बहुत से पड़े प्रमाणों से अपने आप को उन्हें जीवित दिखाया, और चालीस दिन तक वह उन्हें दिखाई देता रहा: और परमेश्वर के राज्य की बातें करता रहा।
- 4ओर उन से मिलकर उन्हें आज्ञा दी, कि यरूशलेम को न छोड़ो, परन्तु पिता की उस प्रतिज्ञा के पूरे होने की बाट जोहते रहो, जिस की चर्चा तुम मुझ से सुन चुके हो।
- 5क्योंकि यूहन्ना ने तो पानी में बपतिस्मा दिया है परन्तु थोड़े दिनों के बाद तुम पवित्रात्मा से बपतिस्मा पाओगे।
- 6सो उन्हों ने इकट्ठे होकर उस से पूछा, कि हे प्रभु, क्या तू इसी समय इस्त्राएल को राज्य फेर देगा?
Cross references
- Luke 24:49 लूका 24:49और देखो, जिस की प्रतिज्ञा मेरे पिता ने की है, मैं उस को तुम पर उतारूंगा और जब तक स्वर्ग में सामर्थ न पाओ, तब तक तुम इसी नगर में ठहरे रहो।।
- John 14:16 यूहन्ना 14:16और मैं पिता से बिनती करूंगा, और वह तुम्हें एक और सहायक देगा, कि वह सर्वदा तुम्हारे साथ रहे।
- John 15:26 यूहन्ना 15:26परन्तु जब वह सहायक आएगा, जिसे मैं तुम्हारे पास भेजूंगा, अर्थात् सत्य का आत्मा जो पिता की ओर से निकलता है, तो वह मेरी गवाही देगा।
- John 14:26–28 यूहन्ना 14:26–28परन्तु सहायक अर्थात् पवित्रा आत्मा जिसे पिता मेरे नाम से भेजेगा, वह तुम्हें सब बातें सिखाएगा, और जो कुछ मैं ने तुम से कहा है, वह सब तुम्हें स्मरण कराएगा। मैं तुम्हें शान्ति दिए जाता हूं, अपनी शान्ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे। तुम ने सुना, कि मैं ने तुम से कहा, कि मैं जाता हूं, और तुम्हारे पास फिर आता हूं: यदि तुम मुझ से प्रेम रखते, तो इस बात से आनन्दित होते, कि मैं पिता के पास जाता हूं क्योंकि पिता मुझ से बड़ा है।
- John 7:39 यूहन्ना 7:39उस ने यह वचन उस आत्मा के विषय में कहा, जिसे उस पर विश्वास करनेवाले पाने पर थे; क्योंकि आत्मा अब तक न उतरा था; क्योंकि यीशु अब तक अपनी महिमा को न पहुंचा था।
- Luke 12:12 लूका 12:12क्योंकि पवित्रा आत्मा उसी घड़ी तुम्हें सिखा देगा, कि क्या कहना चाहिए।।
- John 20:22 यूहन्ना 20:22यह कहकर उस ने उन पर फूंका और उन से कहा, पवित्रा आत्मा लो।
- Luke 11:13 लूका 11:13सो जब तुम बुरे होकर अपने लड़केबालों को अच्छी वस्तुऐ देना जानते हो, तो स्वर्गीय पिता अपने मांगनेवालों को पवित्रा आत्मा क्यों न देगा।।
- John 16:7–15 यूहन्ना 16:7–15तौभी मैं तुम से सच कहता हूं, कि मेरा जाना तुम्हारे लिये अच्छा है, क्योंकि यदि मैं न जाऊं, तो वह सहायक तुम्हारे पास न आएगा, परन्तु यदि मैं जाऊंगा, तो उसे तुम्हारे पास भेज दूंगा। और वह आकर संसार को पाप और धार्मिकता और न्याय के विषय में निरूत्तर करेगा। पाप के विषय में इसलिये कि वे मुझ पर विश्वास नहीं करते। और धार्मिकता के विषय में इसलिये कि मैं पिता के पास जाता हूं, और तुम मुझे फिर न देखोगे: न्याय के विषय में इसलिये कि संसार का सरदार दोषी ठहराया गया है। मुझे तुम से और भी बहुत सी बातें कहनी हैं, परन्तु अभी तुम उन्हें सह नहीं सकते। परन्तु जब वह अर्थात् सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा, क्योंकि वह अपनी ओर से न कहेगा, परन्तु जो कुछ सुनेगा, वही कहेगा, और आनेवाली बातें तुम्हें बताएगा। वह मेरी महिमा करेगा, क्योंकि वह मेरी बातों में से लेकर तुम्हें बताएगा। जो कुछ पिता का है, वह सब मेरा है; इसलिये मैं ने कहा, कि वह मेरी बातों में से लेकर तुम्हें बताएगा।
- Acts 2:33 प्रेरितों के काम 2:33इस प्रकार परमेश्वर के दहिने हाथ से सर्वोच्च पद पाकर, और पिता से वह पवित्रा आत्मा प्राप्त करके जिस की प्रतिज्ञा की गई थी, उस ने यह उंडेल दिया है जो तुम देखते और सनते हो।
- Matthew 10:20 मत्ती 10:20क्योंकि बोलनेवाले तुम नहीं हो परन्तु तुम्हारे पिता का आत्मा तुम में बोलता है।
- Acts 10:41 प्रेरितों के काम 10:41सब लोगों को नहीं वरन उन गवाहों को जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से चुन लिया था, अर्थात हम को जिन्हों ने उसके मरे हुओं में से जी उठने के बाद उसके साथ खाया पीया।