Acts · chapter 1 · verse 3
Acts 1:3 in Hindi
और उस ने दु:ख उठाने के बाद बहुत से पड़े प्रमाणों से अपने आप को उन्हें जीवित दिखाया, और चालीस दिन तक वह उन्हें दिखाई देता रहा: और परमेश्वर के राज्य की बातें करता रहा।
Aur us ne du:kh uthaane ke baad bahut se pade pramaanom se apane aap ko unhem jeevit dikhaayaa, aur chaalees din tak vah unhem dikhaaee detaa rahaa: aur parameshvar ke raajy kee baatem karataa rahaa.
Acts 1:3 in English
- King James Version (KJV)
- To whom also he shewed himself alive after his passion by many infallible proofs, being seen of them forty days, and speaking of the things pertaining to the kingdom of God:
- World English Bible (WEB)
- To these he also showed himself alive after he suffered, by many proofs, appearing to them over a period of forty days and speaking about God’s Kingdom.
- American Standard Version (ASV)
- to whom he also showed himself alive after his passion by many proofs, appearing unto them by the space of forty days, and speaking the things concerning the kingdom of God:
- Bible in Basic English (BBE)
- And to whom he gave clear and certain signs that he was living, after his death; for he was seen by them for forty days, and gave them teaching about the kingdom of God:
- Darby Translation (DBY)
- to whom also he presented himself living, after he had suffered, with many proofs; being seen by them during forty days, and speaking of the things which concern the kingdom of God;
- Webster's Bible (WBS)
- To whom also he showed himself alive after his passion, by many infallible proofs, being seen by them forty days, and speaking of the things pertaining to the kingdom of God:
- Young's Literal Translation (YLT)
- to whom also he did present himself alive after his suffering, in many certain proofs, through forty days being seen by them, and speaking the things concerning the reign of God.
Read in context
- 1हे थियुफिलुस, मैं ने पहिली पुस्तिका उन सब बातों के विषय में लिखी, जो यीशु ने आरम्भ में किया और करता और सिखाता रहा।
- 2उस दिन तक जब वह उन प्रेरितों को जिन्हें उस ने चुना था, पवित्र आत्मा के द्वारा आज्ञा देकर ऊपर उठाया न गया।
- 3और उस ने दु:ख उठाने के बाद बहुत से पड़े प्रमाणों से अपने आप को उन्हें जीवित दिखाया, और चालीस दिन तक वह उन्हें दिखाई देता रहा: और परमेश्वर के राज्य की बातें करता रहा।
- 4ओर उन से मिलकर उन्हें आज्ञा दी, कि यरूशलेम को न छोड़ो, परन्तु पिता की उस प्रतिज्ञा के पूरे होने की बाट जोहते रहो, जिस की चर्चा तुम मुझ से सुन चुके हो।
- 5क्योंकि यूहन्ना ने तो पानी में बपतिस्मा दिया है परन्तु थोड़े दिनों के बाद तुम पवित्रात्मा से बपतिस्मा पाओगे।
Cross references
- 1 Corinthians 15:5–7 1 कुरिन्थियों 15:5–7और कैफा को तब बारहों को दिलाई दिया। फिर पांच सौ से अधिक भाइयों को एक साथ दिखाई दिया, जिन में से बहुतेरे अब तक वर्तमान हैं पर कितने सो गए। फिर याकूब को दिखाई दिया तक सब प्रेरितों को दिखाई दिया।
- Acts 13:31 प्रेरितों के काम 13:31और वह उन्हें जो उसके साथ गलील से यरूशलेम आए थे, बहुत दिनों तक दिखाई देता रहा; लोगों के साम्हने अब वे भी उसके गवाह हैं।
- John 20:26 यूहन्ना 20:26आठ दिन के बाद उस के चेले फिर घर के भीतर थे, और थोमा उन के साथ था, और द्वार बन्द थे, तब यीशु ने आकर और बीच में खड़ा होकर कहा, तुम्हें शान्ति मिले।
- 1 John 1:1 1 यूहन्ना 1:1उस जीवन के वचन के विषय में जो आदि से था, जिसे हम ने सुना, और जिसे अपनी आंखों से देखा, वरन जिसे हम ने ध्यान से देखा; और हाथों से छूआ।
- John 21:14 यूहन्ना 21:14यह तीसरी बार है, कि यीशु ने मरे हुओं में से जी उठने के बाद चेलों को दर्शन दिए।।
- John 21:1 यूहन्ना 21:1इन बातों के बाद यीशु ने अपने आप को तिबिरियास झील के किनारे चेलों पर प्रगट किया और इस रीति से प्रगट किया।
- Matthew 28:9 मत्ती 28:9और देखो, यीशु उन्हें मिला और कहा; `सलाम' और उन्हों ने पास आकर और उसके पाँव पकड़कर उसको दणडवत किया।
- Luke 17:20–21 लूका 17:20–21जब फरीसियों ने उस से पूछा, कि परमेश्वर का राज्य कब आएगा? तो उस ने उन को उत्तर दिया, कि पमेश्वर का राज्य प्रगट रूप में नहीं आता। और लोग यह न कहेंगे, कि देखो, यहां है, या वहां है, क्योंकि देखो, परमेश्वर का राज्य तुम्हारे बीच में है।।
- Matthew 21:43 मत्ती 21:43यह प्रभु की ओर से हुआ, और हमारे देखते में अद्भुत है, इसलिये मैं तुम से कहता हूं, कि परमेश्वर का राज्य तुम से ले लिया जाएगा; और ऐसी जाति को जो उसका फल लाए, दिया जाएगा।
- Acts 28:31 प्रेरितों के काम 28:31और जो उसके पास आते थे, उन सब से मिलता रहा और बिना रोक टोक बहुत निडर होकर परमेश्वर के राज्य का प्रचार करता और प्रभु यीशु मसीह की बातें सिखाता रहा।।
- 1 Thessalonians 2:12 1 थिस्सलुनीकियों 2:12कि तुम्हारा चाल चलन परमेश्वर के योग्य हो, जो तुम्हें अपने राज्य और महिमा में बुलाता है।।
- John 20:1–21 यूहन्ना 20:1–21सप्ताह के पहिले दिन मरियम मगदलीनी भोर को अंधेरा रहते ही कब्र पर आई, और पत्थर को कब्र से हटा हुआ देखा। तब वह दौड़ी और शमौन पतरस और उस दूसरे चेले के पास जिस से यीशु प्रेम रखता था आकर कहा, वे प्रभु को कब्र में से निकाल ले गए हैं; और हम नहीं जानतीं, कि उसे कहां रख दिया है। तब पतरस और वह दूसरा चेला निकलकर कब्र की ओर चले। और दोनों साथ साथ दौड़ रहे थे, परन्तु दूसरा चेला पतरस से आगे बढ़कर कब्र पर पहिले पहुंचा। और झुककर कपड़े पड़े देखे: तौभी वह भीतर न गया। तब शमौन पतरस उसके पीछे पीछे पहुंचा और कब्र के भीतर गया और कपड़े पड़े देखे। और वह अंगोछा जो उसके सिर से बन्धा हुआ था, कपड़ों के साथ पड़ा हुआ नहीं परन्तु अलग एक जगह लपेटा हुआ देखा। तब दूसरा चेला भी जो कब्र पर पहिले पहुंचा था, भीतर गया और देखकर विश्वास किया। वे तो अब तक पवित्रा शास्त्रा की वह बात न समझते थे, कि उसे मरे हुओं में से जी उठना होगा। तब ये चेले अपने घर लौट गए। परन्तु मरियम रोती हुई कब्र के पास ही बाहर खड़ी रही और रोते रोते कब्र की ओर झुककर, दो स्वर्गदूतों को उज्जवत कपड़े पहिने हुए एक को सिरहाने और दूसरे को पैताने बैठे देखा, जहां यीशु की लोथ पड़ी थी। उन्हों ने उस से कहा, हे नारी, तू क्यों रोती है? उस ने उन से कहा, वे मरे प्रभु को उठा ले गए और मैं नहीं जानती कि उसे कहां रखा है। यह कहकर वह पीछे फिरी और यीशु को खड़े देखा और न पहचाना कि यह यीशु है। यीशु ने उस से कहा, हे नारी तू क्यों रोती है? जिस को ढूंढ़ती है? उस ने माली समझकर उस से कहा, हे महाराज, यदि तू ने उसे उठा लिया है तो मुझ से कह कि उसे कहां रखा है और मैं उसे ले जाऊंगी। यीशु ने उस से कहा, मरियम! उस ने पीछे फिरकर उस से इब्रानी में कहा, रब्बूनी अर्थात् हे गुरू। यीशु ने उस से कहा, मुझे मत छू क्योंकि मैं अब तक पिता के पास ऊपर नहीं गया, परन्तु मेरे भाइयों के पास जाकर उन से कह दे, कि मैं अपने पिता, और तुम्हारे परमेश्वर के पास ऊपर जाता हूं। मरियम मगदलीनी ने जाकर चेलों को बताया, कि मैं ने प्रभु को देखा और उस ने मुझ से बातें कहीं।। उसी दिन जो सप्ताह का पहिला दिन था, सन्ध्या के समय जब वहां के द्वार जहां चेले थे, यहूदियों के डर के मारे बन्द थे, तब यीशु आया और बीच में खड़ा होकर उन से कहा, तुम्हें शान्ति मिले। और यह कहकर उस ने अपना हाथ और अपना पंजर उन को दिखाए: तब चेले प्रभु को देखकर आनन्दित हुए। यीशु ने फिर उन से कहा, तुम्हें शान्ति मिले; जैसे पिता ने मुझे भेजा है, वैसे ही मैं भी तुम्हें भेजता हूं।
Original words (Greek)
- whom · G3739ὅς hós
- also · G2532καί kaí
- shewed · G3936παρίστημι parístēmi
- himself · G1438ἑαυτοῦ heautoû
- alive · G2198ζάω záō
- after · G3326μετά metá
- his · G846αὐτός autós
- passion · G3958πάσχω páschō
- by · G1722ἐν en
- many · G4183πολύς polýs
- proofs · G5039τεκμήριον tekmḗrion
- seen · G3700ὀπτάνομαι optánomai
- of · G1223διά diá
- them · G846αὐτός autós
- forty · G5062τεσσαράκοντα tessarákonta
- days · G2250ἡμέρα hēméra
- and · G2532καί kaí
- speaking · G3004λέγω légō
- to · G4012περί perí
- kingdom · G932βασιλεία basileía
- God · G2316θεός theós