Acts · chapter 12 · verse 18
Acts 12:18 in Hindi
भोर को सिपाहियों में बड़ी हलचल होने लगी, कि पतरस क्या हुआ।
Bhor ko sipaahiyom mem badee halachal hone lagee, ki pataras kyaa huaa.
Acts 12:18 in English
- King James Version (KJV)
- Now as soon as it was day, there was no small stir among the soldiers, what was become of Peter.
- World English Bible (WEB)
- Now as soon as it was day, there was no small stir among the soldiers about what had become of Peter.
- American Standard Version (ASV)
- Now as soon as it was day, there was no small stir among the soldiers, what was become of Peter.
- Bible in Basic English (BBE)
- Now when it was day, the armed men were greatly troubled about what had become of Peter.
- Darby Translation (DBY)
- And when it was day there was no small disturbance among the soldiers, what then was become of Peter.
- Webster's Bible (WBS)
- Now as soon as it was day, there was no small stir among the soldiers, what was become of Peter.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And day having come, there was not a little stir among the soldiers what then was become of Peter,
Read in context
- 16परन्तु पतरस खटखटाता ही रहा: सो उन्हों ने खिड़की खोली, और उसे देखकर चकित हो गए।
- 17तब उस ने उन्हें हाथ से सैन किया, कि चुप रहें; और उन को बताया, कि प्रभु किस रीति से मुझे बन्दीगृह से निकाल लाया है: फिर कहा, कि याकूब और भाइयों को यह बात कह देना; तब निकलकर दूसरी जगह चला गया।
- 18भोर को सिपाहियों में बड़ी हलचल होने लगी, कि पतरस क्या हुआ।
- 19जब हेरोदेस ने उस की खोज की, और न पाया; तो पहरूओं की जांच करके आज्ञा दी कि वे मार डाले जाएं; और वह यहूदिया को छोड़कर कैसरिया में जा रहा।
- 20और वह सूर और सैदा के लोगों से बहुत अप्रसन्न था; सो वे एक चित्त होकर उसके पास आए और बलास्तुस को, जो राजा का एक कर्मचारी था, मनाकर मेल करता चाहा; क्योंकि राजा के देश से उन के देश का पालन पोषण होता था।
Cross references
- Acts 5:22–25 प्रेरितों के काम 5:22–25परन्तु प्यादों ने वहां पहुंचकर उन्हें बन्दीगृह में न पाया, और लौटकर संदेश दिया। कि हम ने बन्दीगृह को बड़ी चौकसी से बन्द किया हुआ, और पहरेवालों को बाहर द्वारों पर खड़े हुए पाया; परनतु जब खोला, तो भीतर कोई न मिला। जब मन्दिर के सरदार और महायाजकों ने ये बातें सनीं, तो उन के विषय में भारी चिन्ता में पड़ गए कि यह क्या हुआ चाहता है? इतने में किसी ने आकर उन्हें बताया, कि देखो, जिन्हें तुम ने बन्दीगृह में बन्द रखा था, वे मनुष्य मन्दिर में खड़े हुए लोगों को उपदेश दे रहे हैं।
- Acts 16:27 प्रेरितों के काम 16:27और दारोगा जाग उठा, और बन्दीगृह के द्वार खुले देखकर समझा कि बन्धुए भाग गए, सो उस ने तलवार खींचकर अपने आप को मार डालना चाहा।
- Acts 19:23 प्रेरितों के काम 19:23उस समय में पन्थ के विषय में बड़ा हुल्लड़ हुआ।