Acts · chapter 16 · verse 40
Acts 16:40 in Hindi
वे बन्दीगृह से निकल कर लुदिया के यहां गए, और भाइयों से भेंट करके उन्हें शान्ति दी, और चले गए।।
Ve bandeegruh se nikal kar ludiyaa ke yahaam gae, aur bhaaiyom se bhent karake unhem shaanti dee, aur chale gae..
Acts 16:40 in English
- King James Version (KJV)
- And they went out of the prison, and entered into [the house of] Lydia: and when they had seen the brethren, they comforted them, and departed.
- World English Bible (WEB)
- They went out of the prison and entered into Lydia’s house. When they had seen the brothers, they encouraged them, then departed.
- American Standard Version (ASV)
- And they went out of the prison, and entered into [the house of] Lydia: and when they had seen the brethren, they comforted them, and departed.
- Bible in Basic English (BBE)
- And they came out of the prison and went to the house of Lydia: and when they had seen the brothers they gave them comfort and went away.
- Darby Translation (DBY)
- And having gone out of the prison, they came to Lydia; and having seen the brethren, they exhorted them and went away.
- Webster's Bible (WBS)
- And they went out of the prison, and entered into [the house of] Lydia: and when they had seen the brethren, they comforted them, and departed.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and they, having gone forth out of the prison, entered into [the house of] Lydia, and having seen the brethren, they comforted them, and went forth.
Read in context
- 38प्यादों ने ये बातें हाकिमों से कह दीं, और वे यह सुनकर कि रोमी हैं, डर गए।
- 39और आकर उन्हें मनाया, और बाहर ले जाकर बिनती की कि नगर से चले जाएं।
- 40वे बन्दीगृह से निकल कर लुदिया के यहां गए, और भाइयों से भेंट करके उन्हें शान्ति दी, और चले गए।।
Cross references
- Acts 16:14 प्रेरितों के काम 16:14और लुदिया नाम थुआथीरा नगर की बैंजनी कपड़े बेचनेवाली एक भक्त स्त्री सुनती थी, और प्रभु ने उसका मन खोला, ताकि पौलुस की बातों पर चित्त लगाए।
- 1 Thessalonians 3:2–3 1 थिस्सलुनीकियों 3:2–3और हम ने तीमुथियुस को जो मसीह के सुसमाचार में हमारा भाई, और परमेश्वर का सेवक है, इसलिये भेजा, कि वह तुम्हें स्थिर करे; और तुम्हारे विश्वास के विषय में तुम्हें समझाए। कि कोई इन क्लेशों के कारण डगमगा न जाए; क्योंकि तुम आप जानते हो, कि हम इन ही के लिये ठहराए गए हैं।
- Acts 14:22 प्रेरितों के काम 14:22और चेलों के मन को स्थिर करते रहे और यह उपदेश देते थे, कि हमें बड़े क्लेश उठाकर परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करना होगा।
- 2 Corinthians 4:16–18 2 कुरिन्थियों 4:16–18इसलिये हम हियाव नहीं छोड़ते; यद्यपि हमारा बाहरी मनुष्यत्व नाश भी होता जाता है, तौभी हमारा भीतरी मनुष्यत्व दिन प्रतिदिन नया होता जाता है। क्योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्लेश हमारे लिये बहुत ही महत्वपूर्ण और अनन्त जीवन महिमा उत्पन्न करता जाता है। और हम तो देखी हुई वस्तुओं को नहीं परन्तु अनदेखी वस्तुओं को देखते रहते हैं, क्योंकि देखी हुई वस्तुएं थोड़े ही दिन की हैं, परन्तु अनदेखी वस्तुएं सदा बनी रहती हैं।
- 2 Corinthians 1:3–7 2 कुरिन्थियों 1:3–7हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर, और पिता का धन्यवाद हो, जो दया का पिता, और सब प्रकार की शान्ति का परमेश्वर है। वह हमारे सब क्लेशों में शान्ति देता है; ताकि हम उस शान्ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्लेश में हों। क्योंकि जैसे मसीह के दुख हम को अधिक होते हैं, वैसे ही हमारी शान्ति भी मसीह के द्वारा अधिक हाती है। यदि हम क्लेश पाते हैं, तो यह तुम्हारी शान्ति और उद्धार के लिये है और यदि शान्ति पाते हैं, तो यह तुम्हारी शान्ति के लिये है; जिस के प्रभाव से तुम धीरज के साथ उन क्लेशों को सह लेते हो, जिन्हें हम भी सहते हैं। और हमारी आशा तुम्हारे विषय में दृढ़ है; क्योंकि हम जानते हैं, कि तुम जैसे दुखों के वैसे ही शान्ति के भी सहभागी हो।
- 2 Corinthians 4:8–12 2 कुरिन्थियों 4:8–12हम चारों ओर से क्लेश तो भोगते हैं, पर संकट में नहीं पड़ते; निरूपाय तो हैं, पर निराश नहीं होते। सताए तो जाते हैं; पर त्यागे नहीं जाते; गिराए तो जाते हैं, पर नाश नहीं होते। हम यीशु की मृत्यु को अपनी देह में हर समय लिये फिरते हैं; कि यीशु का जीवन भी हमारी देह में प्रगट हो। क्योंकि हम जीते जी सर्वदा यीशु के कारण मृत्यु के हाथ में सौंपे जाते हैं कि यीशु का जीवन भी हमारे मरनहार शरीर में प्रगट हो। सो मृत्यु तो हम पर प्रभाव डालती है और जीवन तुम पर।
- Acts 4:23 प्रेरितों के काम 4:23वे छूटकर अपने साथियों के पास आए, और जो कुछ महायाजकों और पुरनियों ने उन से कहा था, उनको सुना दिया।
- Acts 12:12–17 प्रेरितों के काम 12:12–17और यह सोचकर, वह उस यूहन्ना की माता मरियम के घर आया, जो मरकुस कहलाता है; वहां बहुत लोग इकट्ठे होकर प्रार्थना कर रहे थे। जब उस ने फाटक की खिड़की खटखटाई; तो रूदे नाम एक दासी सुनने को आई। और पतरस का शब्द पहचानकर, उस ने आनन्द के मारे फाटक न खोला; परन्तु दौड़कर भीतर गई, और बताया कि पतरस द्वार पर खड़ा है। उन्हों ने उस से कहा; तू पागल है, परन्तु वह दृढ़ता से बोली, कि ऐसा ही है: तब उन्हों ने कहा, उसका स्वर्गदूत होगा। परन्तु पतरस खटखटाता ही रहा: सो उन्हों ने खिड़की खोली, और उसे देखकर चकित हो गए। तब उस ने उन्हें हाथ से सैन किया, कि चुप रहें; और उन को बताया, कि प्रभु किस रीति से मुझे बन्दीगृह से निकाल लाया है: फिर कहा, कि याकूब और भाइयों को यह बात कह देना; तब निकलकर दूसरी जगह चला गया।
- Acts 16:2 प्रेरितों के काम 16:2वह लुस्त्रा और इकुनियुम के भाइयों में सुनाम था।
Original words (Greek)
- And · G1161δέ dé
- went · G1831ἐξέρχομαι exérchomai
- of · G1537ἐκ ek
- prison · G5438φυλακή phylakḗ
- entered · G1525εἰσέρχομαι eisérchomai
- into · G1519εἰς eis
- Lydia · G3070Λυδία Lydía
- and · G2532καί kaí
- seen · G1492εἴδω eídō
- brethren · G80ἀδελφός adelphós
- comforted · G3870παρακαλέω parakaléō
- them · G846αὐτός autós
- and · G2532καί kaí
- departed · G1831ἐξέρχομαι exérchomai