Acts · chapter 19 · verse 26
Acts 19:26 in Hindi
और तुम देखते और सुनते हो, कि केवल इफिसुस ही में नहीं, बरन प्राय: सारे आसिया में यह कह कहकर इस पौलुस ने बहुत लोगों को समझाया और भरमाया भी है, कि जो हाथ की कारीगरी है, वे ईश्वर नहीं।
Aur tum dekhate aur sunate ho, ki keval iphisus hee mem naheem, baran praay: saare aasiyaa mem yah kah kahakar is paulus ne bahut logom ko samajhaayaa aur bharamaayaa bhee hai, ki jo haath kee kaareegaree hai, ve eeshvar naheen.
Acts 19:26 in English
- King James Version (KJV)
- Moreover ye see and hear, that not alone at Ephesus, but almost throughout all Asia, this Paul hath persuaded and turned away much people, saying that they be no gods, which are made with hands:
- World English Bible (WEB)
- You see and hear that not at Ephesus alone, but almost throughout all Asia, this Paul has persuaded and turned away many people, saying that they are no gods that are made with hands.
- American Standard Version (ASV)
- And ye see and hear, that not alone at Ephesus, but almost throughout all Asia, this Paul hath persuaded and turned away much people, saying that they are no gods, that are made with hands:
- Bible in Basic English (BBE)
- And you see, for it has come to your ears, that not only at Ephesus, but almost all through Asia, this Paul has been teaching numbers of people and turning them away, saying that those are not gods who are made by men's hands:
- Darby Translation (DBY)
- and ye see and hear that this Paul has persuaded and turned away a great crowd, not only of Ephesus, but almost of all Asia, saying that they are no gods which are made with hands.
- Webster's Bible (WBS)
- Moreover, ye see and hear, that not alone at Ephesus, but almost throughout all Asia, this Paul hath persuaded and turned away many people, saying, that they are no gods which are made with hands.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and ye see and hear, that not only at Ephesus, but almost in all Asia, this Paul, having persuaded, did turn away a great multitude, saying, that they are not gods who are made by hands;
Read in context
- 24क्योंकि देमेत्रियुस नाम का ऐ सुनार अरतिमिस के चान्दी के मन्दिर बनवाकर कारीगरों को बहुत काम दिलाया करता था।
- 25उस ने उन को, और, और ऐसी वस्तुओं के कारीगरों को इकट्ठे करके कहा; हे मनुष्यो, तुम जानते हो, कि इस काम में हमें कितना धन मिलता है।
- 26और तुम देखते और सुनते हो, कि केवल इफिसुस ही में नहीं, बरन प्राय: सारे आसिया में यह कह कहकर इस पौलुस ने बहुत लोगों को समझाया और भरमाया भी है, कि जो हाथ की कारीगरी है, वे ईश्वर नहीं।
- 27और अब केवल इसी एक बात का ही डर नहीं, कि हमारे इस धन्धे की प्रतिष्ठा जाती रहेगी; बरन यह कि महान देवी अरतिमिस का मन्दिर तुच्छ समझा जाएगा और जिस सारा आसिया और जगत पूजता है उसका महत्व भी जाता रहेगा।
- 28वे यह सुनकर क्रोध से भर गए, और चिल्ला चिल्लाकर कहने लगे, "इफिसियों की अरतिमिस महान है!"
Cross references
- 1 Corinthians 8:4 1 कुरिन्थियों 8:4सो मूरतों के साम्हने बलि की हुई वस्तुओं के खाने के विषय में हम जानते हैं, कि मूरत जगत में कोई वस्तु नहीं, और एक को छोड़ और कोई परमेश्वर नहीं।
- Acts 17:29 प्रेरितों के काम 17:29सो परमेश्वर का वंश होकर हमें यह समझता उचित नहीं, कि ईश्वरत्व, सोने या रूपे या पत्थर के समान है, जो मनुष्य की कारीगरी और कल्पता से गढ़े गए हों।
- Isaiah 44:10–20 यशायाह 44:10–20किस ने देवता वा निष्फल मूरत ढाली है? देख, उसके सब संगियों को तो लज्जित होना पड़ेगा, कारीगर तो मनुष्य ही है; वे सब के सब इकट्ठे होकर खड़े हों; वे डर जाएंगे; वे सब के सब लज्जित होंगे। लोहार एक बसूला अंगारों मे बनाता और हथौड़ों से गढ़कर तैयार करता है, अपने भुजबल से वह उसको बनाता है; फिर वह भूखा हो जाता है और उसका बल घटता है, वह पानी नहीं पीता और थक जाता है। बढ़ई सूत लगाकर टांकी से रखा करता है और रन्दनी से काम करता और परकार से रेखा खींचता है, वह उसका आकार और मनुष्य की सी सुन्दरता बनाता है ताकि लोग उस घर में रखें। वह देवदार को काटता वा वन के वृक्षों में से जाति जाति के बांजवृक्ष चुनकर सेवता है, वह एक तूस का वृक्ष लगाता है जो वर्षा का जल पाकर बढ़ता है। तब वह मनुष्य के ईंधन के काम में आता है; वह उस में से कुछ सुलगाकर तापता है, वह उसको जलाकर रोटी बनाता है; उसी से वह देवता भी बनाकर उसको दण्डवत् करता है; वह मूरत खुदवाकर उसके साम्हने प्रणाम करता है। और उसके बचे हुए भाग को लेकर वह एक देवता अर्थात् एक मूरत उसका एक भाग तो वह आग में जलाता और दूसरे भाग से मांस पकाकर खाता है, वह मांस भूनकर तृप्त होता; फिर तपाकर कहता है, अहा, मैं गर्म हो गया, मैं ने आग देखी है! खोदकर बनाता है; तब वह उसके साम्हने प्रणाम और दण्डवत् करता और उस से प्रार्थना करके कहता है, मुझे बचा ले, क्योंकि तू मेरा देवता है। वे कुछ नहीं जानते, न कुछ समझ रखते हैं; क्योंकि उनकी आंखें ऐसी मून्दी गई हैं कि वे देख नहीं सकते; और उनकी बुद्धि ऐसी कि वे बूझ नहीं सकते। कोई इस पर ध्यान नहीं करता, और न किसी को इतना ज्ञान वा समझ रहती है कि कह सके, उसका एक भाग तो मैं ने जला दिया और उसके कोयलों पर रोटी बनाई; और मांस भूनकर खाया है; फिर क्या मैं उसके बचे हुए भाग को घिनौनी वस्तु बनाऊं? क्या मैं काठ को प्रणाम करूं? वह राख खाता है; भरमाई हुई बुद्धि के कारण वह भटकाया गया है और वह न अपने को बचा सकता और न यह कह सकता है, क्या मेरे दहिने हाथ में मिथ्या नहीं?
- Revelation 9:20 प्रकाशितवाक्य 9:20और बाकी मनुष्यों ने जो उन मरियों से न मरे थे, अपने हाथों के कामों से मन न फिराया, कि दुष्टात्माओं की, और सोने और चान्दी, और पीतल, और पत्थर, और काठ की मूरतों की पूजा न करें, जो न देख, न सुन, न चल सकती हैं।
- Acts 14:15 प्रेरितों के काम 14:15हम भी तो तुम्हारे समान दु:ख- सुख भोगी मनुष्य हैं, और तुम्हें सुसमाचार सुनाते हैं, कि तुम इन व्यर्थ वस्तुओं से अलग होकर जीवते परमेश्वर की ओर फिरो, जिस ने स्वर्ग और पृथ्वी और समुद्र और जो कुछ उन में है बनाया।
- Deuteronomy 4:28 व्यवस्थाविवरण 4:28और वहां तुम मनुष्य के बनाए हुए लकड़ी और पत्थर के देवताओं की सेवा करोगे, जो न देखते, और न सुनते, और न खाते, और न सूंघते हैं।
- Acts 19:10 प्रेरितों के काम 19:10दो वर्ष तक यही होता रहा, यहां तक कि आसिया के रहनेवाले क्या यहूदी, क्या यूनानी सब ने प्रभु का वचन सुन लिया।
- Jeremiah 10:14–15 यिर्मयाह 10:14–15सब मनुष्य पशु सरीखे ज्ञानरहित हैं; अपनी खोदी हुई मूरतों के कारण सब सुनारों की आशा टूटती है; क्योंकि उनकी ढाली हुई मूरतें झूठी हैं, और उन में सांस ही नहीं है। वे व्यर्थ और ठट्ठे ही के योग्य हैं; जब उनके दण्ड का समय आएगा तब वे नाश हो जाएंगीं।
- 1 Corinthians 10:19–20 1 कुरिन्थियों 10:19–20फिर मैं क्या कहता हूं? क्या यह कि मूरत का बलिदान कुछ है, या मूरत कुछ है? नहीं, बरन यह, कि अन्यजाति जो बलिदान करते हैं, वे परमेश्वर के लिये नहीं, परन्तु दुष्टात्माओं के लिये बलिदान करते हैं: और मैं नहीं चाहता, कि तुम दुष्टात्माओं के सहभागी हो।
- 1 Thessalonians 1:9 1 थिस्सलुनीकियों 1:9क्योंकि वे आप ही हमारे विषय में बताते हैं कि तुम्हारे पास हमारा आना कैसा हुआ; और तुम क्योंकि मूरतों से परमेश्वर की ओर फिरें ताकि जीवते और सच्चे परमेश्वर की सेवा करो।
- Jeremiah 10:11 यिर्मयाह 10:11तुम उन से यह कहना, ये देवता जिन्हों ने आकाश और पृथ्वी को नहीं बनाया वे पृथ्वी के ऊपर से और आकाश के नीचे से नष्ट हो जाएंगे।
- Galatians 4:8 गलातियों 4:8भला, तक तो तुम परमेश्वर को न जानकर उनके दास थे जो स्वभाव से परमेश्वर नहीं।
Original words (Greek)
- Moreover · G2532καί kaí
- see · G2334θεωρέω theōréō
- and · G2532καί kaí
- hear · G191ἀκούω akoúō
- that · G3754ὅτι hóti
- not · G3756οὐ ou
- alone · G3440μόνον mónon
- Ephesus · G2181Ἔφεσος Éphesos
- but · G235ἀλλά allá
- almost · G4975σχεδόν schedón
- throughout · G1223διά diá
- all · G3956πᾶς pâs
- Asia · G773Ἀσία Asía
- this · G3778οὗτος hoûtos
- Paul · G3972Παῦλος Paûlos
- persuaded · G3982πείθω peíthō
- away · G3179μεθίστημι methístēmi
- much · G2425ἱκανός hikanós
- people · G3793ὄχλος óchlos
- saying · G3004λέγω légō
- that · G3754ὅτι hóti
- be · G1526εἰσί eisí
- no · G3756οὐ ou
- gods · G2316θεός theós
- which · G3588ὁ ho
- made · G1096γίνομαι gínomai
- hands · G5495χείρ cheír