Acts · chapter 4 · verse 24
Acts 4:24 in Hindi
यह सुनकर, उन्हों ने एक चित्त होकर ऊंचे शब्द से परमेश्वर से कहा, हे स्वामी, तू वही है जिस ने सवर्ग और पृथ्वी और समुद्र और जो कुछ उन में है बनाया।
Yah sunakar, unhom ne ek chitt hokar oonche shabd se parameshvar se kahaa, he svaamee, too vahee hai jis ne savarg aur pruthvee aur samudr aur jo kuchh un mem hai banaayaa.
Acts 4:24 in English
- King James Version (KJV)
- And when they heard that, they lifted up their voice to God with one accord, and said, Lord, thou [art] God, which hast made heaven, and earth, and the sea, and all that in them is:
- World English Bible (WEB)
- When they heard it, they lifted up their voice to God with one accord and said, “O Lord, you are God, who made the sky, the earth, the sea, and all that is in them;
- American Standard Version (ASV)
- And they, when they heard it, lifted up their voice to God with one accord, and said, O Lord, thou that didst make the heaven and the earth and the sea, and all that in them is:
- Bible in Basic English (BBE)
- And hearing it, they all, with one mind, made prayer to God and said, O Lord, maker of heaven and earth and the sea and all things in them:
- Darby Translation (DBY)
- And they, having heard [it], lifted up [their] voice with one accord to God, and said, Lord, thou art the God who made the heaven and the earth and the sea, and all that is in them;
- Webster's Bible (WBS)
- And when they heard that, they lifted up their voice to God with one accord, and said, Lord, thou [art] God, who hast made heaven, and earth, and the sea, and all that is in them;
- Young's Literal Translation (YLT)
- and they having heard, with one accord did lift up the voice unto God, and said, 'Lord, thou [art] God, who didst make the heaven, and the earth, and the sea, and all that [are] in them,
Read in context
- 22क्योंकि वह मनुष्य, जिस पर यह चंगा करने का चिन्ह दिखाया गया था, चालीस वर्ष से अधिक आयु का था।
- 23वे छूटकर अपने साथियों के पास आए, और जो कुछ महायाजकों और पुरनियों ने उन से कहा था, उनको सुना दिया।
- 24यह सुनकर, उन्हों ने एक चित्त होकर ऊंचे शब्द से परमेश्वर से कहा, हे स्वामी, तू वही है जिस ने सवर्ग और पृथ्वी और समुद्र और जो कुछ उन में है बनाया।
- 25तू ने पवित्रा आत्मा के द्वारा अपने सेवक हमारे पिता दाऊद के मुख से कहा, कि अन्य जातियों ने हुल्लड़ क्यों मचाया? और देश के लोगों ने क्यों व्यर्थ बातें सोची?
- 26प्रभु और उसके मसीह के विरोध में पृथ्वी के राजा खड़े हुए, और हाकिम एक साथ इकट्ठे हो गए।
Cross references
- Exodus 20:11 निर्गमन 20:11क्योंकि छ: दिन में यहोवा ने आकाश, और पृथ्वी, और समुद्र, और जो कुछ उन में है, सब को बनाया, और सातवें दिन विश्राम किया; इस कारण यहोवा ने विश्रामदिन को आशीष दी और उसको पवित्रा ठहराया।।
- Jeremiah 32:17 यिर्मयाह 32:17हे प्रभु यहोवा, तू ने बड़े सामर्थ और बढ़ाई हुई भुजा से आकाश और पृथ्वी को बनाया है! तेरे लिये कोई काम कठिन नहीं है।
- Nehemiah 9:6 नहेमायाह 9:6तू ही अकेला यहोवा है; स्वर्ग वरन सब से ऊंचे स्वर्ग और उसके सब गण, और पृथ्वी और जो कुछ उस में है, और समुद्र और जो कुछ उस में है, सभों को तू ही ने बनाया, और सभों की रक्षा तू ही करता है; और स्वर्ग की समस्त सेना तुझी को दणडवत करती हैं।
- Jeremiah 10:10–12 यिर्मयाह 10:10–12परन्तु यहोवा वास्तव में परमेश्वर है; जीवित परमेश्वर और सदा का राजा वही है। उसके प्रकोप से पृथ्वी कांपती है, और जाति जाति के लोग उसके क्रोध को सह नहीं सकते। तुम उन से यह कहना, ये देवता जिन्हों ने आकाश और पृथ्वी को नहीं बनाया वे पृथ्वी के ऊपर से और आकाश के नीचे से नष्ट हो जाएंगे। उसी ने पृथ्वी को अपनी सामर्थ से बनाया, उस ने जगत को अपनी बुध्दि से स्थिर किया, और आकाश को अपनी प्रवीणता से तान दिया है।
- 2 Kings 19:15 2 राजा 19:15और यहोवा से यह प्रार्थना की, कि हे इस्राएल के परमेश्वर यहोवा! हे करूबों पर विराजनेवालेे! पृथ्वी के सब राज्यों के ऊपर केवल तू ही परमेश्वर है। आकाश और पृथ्वी को तू ही ने बनाया है।
- Psalm 146:5–6 भजन संहिता 146:5–6क्या ही धन्य वह है, जिसका सहायक याकूब का ईश्वर है, और जिसका भरोसा अपने परमेश्वर यहोवा पर है। वह आकाश और पृथ्वी और समुद्र और उन में जो कुछ है, सब का कर्ता है; और वह अपना वचन सदा के लिये पूरा करता रहेगा।
- 1 Thessalonians 5:16–18 1 थिस्सलुनीकियों 5:16–18सदा आनन्दित रहो। निरन्तर प्रार्थना मे लगे रहो। हर बात में धन्यवाद करो: क्योंकि तुम्हारे लिये मसीह यीशु में परमेश्वर की यहीं इच्छा है।
- Isaiah 51:12 यशायाह 51:12मैं, मैं ही तेरा शान्तिदाता हूं; तू कौन है जो मरनेवाले मनुष्य से, और घास के समान मुर्झानेवाले आदमी से डरता है,
- 2 Timothy 4:17–18 2 तीमुथियुस 4:17–18परन्तु प्रभु मेरा सहायक रहा, और मुझे सामर्थ दी: ताकि मेरे द्वारा पूरा पूरा प्रचार हो, और सब अन्यजाति सुन ले; और मैं तो सिंह के मुंह से छुड़ाया गया। और प्रभु मुझे हर एक बुरे काम से छुड़ाएगा, और अपने स्वर्गीय राज्य में उद्धार करके पहुंचाएगा: उसी की महिमा युगानुयुग होती रहे। आमीन।।
- Psalm 62:5–8 भजन संहिता 62:5–8हे मेरे मन, परमेश्वर के साम्हने चुपचाप रह, क्योंकि मेरी आशा उसी से है। सचमुच वही मेरी चट्टान, और मेरा उद्धार है, वह मेरा गढ़ है; इसलिये मैं न डिगूंगा। मेरा उद्धार और मेरी महिमा का आधार परमेश्वर है; मेरी दृढ़ चट्टान, और मेरा शरणस्थान परमेश्वर है। हे लोगो, हर समय उस पर भरोसा रखो; उस से अपने अपने मन की बातें खोलकर कहो; परमेश्वर हमारा शरणस्थान है।
- Psalm 55:16–18 भजन संहिता 55:16–18परन्तु मैं तो परमेश्वर को पुकारूंगा; और यहोवा मुझे बचा लेगा। सांझ को, भोर को, दोपहर को, तीनों पहर मैं दोहाई दूंगा और कराहता रहूंगा। और वह मेरा शब्द सुन लेगा। जो लड़ाई मेरे विरूद्व मची थी उस से उस ने मुझे कुशल के साथ बचा लिया है। उन्हों ने तो बहुतों को संग लेकर मेरा साम्हना किया था।
- 2 Kings 19:19 2 राजा 19:19इसलिये अब हे हमारे परमेश्वर यहोवा तू हमें उसके हाथ से बचा, कि पृथ्वी के राज्य राज्य के लोग जान लें कि केवल तू ही यहोवा है।
Original words (Greek)
- And · G1161δέ dé
- heard · G191ἀκούω akoúō
- that · G3588ὁ ho
- up · G142αἴρω aírō
- voice · G5456φωνή phōnḗ
- to · G4314πρός prós
- God · G2316θεός theós
- accord · G3661ὁμοθυμαδόν homothymadón
- and · G2532καί kaí
- said · G2036ἔπω épō
- Lord · G1203δεσπότης despótēs
- thou · G4771σύ sý
- God · G2316θεός theós
- which · G3588ὁ ho
- made · G4160ποιέω poiéō
- heaven · G3772οὐρανός ouranós
- and · G2532καί kaí
- earth · G1093γῆ gē
- and · G2532καί kaí
- sea · G2281θάλασσα thálassa
- and · G2532καί kaí
- all · G3956πᾶς pâs
- that · G3588ὁ ho
- in · G1722ἐν en
- them · G846αὐτός autós
- is · G1722ἐν en