Ephesians · chapter 6 · verse 18
Ephesians 6:18 in Hindi
और हर समय और हर प्रकार से आत्मा में प्रार्थना, और बिनती करते रहो, और इसी लिये जागते रहो, कि सब पवित्रा लोगों के लिये लगातार बिनती किया करो।
Aur har samay aur har prakaar se aatmaa mem praarthanaa, aur binatee karate raho, aur isee liye jaagate raho, ki sab pavitraa logom ke liye lagaataar binatee kiyaa karo.
Ephesians 6:18 in English
- King James Version (KJV)
- Praying always with all prayer and supplication in the Spirit, and watching thereunto with all perseverance and supplication for all saints;
- World English Bible (WEB)
- with all prayer and requests, praying at all times in the Spirit, and being watchful to this end in all perseverance and requests for all the saints.
- American Standard Version (ASV)
- with all prayer and supplication praying at all seasons in the Spirit, and watching thereunto in all perseverance and supplication for all the saints,
- Bible in Basic English (BBE)
- With prayers and deep desires, making requests at all times in the Spirit, and keeping watch, with strong purpose, in prayer for all the saints,
- Darby Translation (DBY)
- praying at all seasons, with all prayer and supplication in [the] Spirit, and watching unto this very thing with all perseverance and supplication for all the saints;
- Webster's Bible (WBS)
- Praying always with all prayer and supplication in the Spirit, and watching for this purpose with all perseverance and supplication for all saints;
- Young's Literal Translation (YLT)
- through all prayer and supplication praying at all times in the Spirit, and in regard to this same, watching in all perseverance and supplication for all the saints —
Read in context
- 16और उन सब के साथ विश्वास की ढाल लेकर स्थिर रहो जिस से तुम उस दुष्ट के सब जलते हुए तीरों को बुझा सको।
- 17और उद्धार का टोप, और आत्मा की तलवार जो परमेश्वर का वचन है, ले लो।
- 18और हर समय और हर प्रकार से आत्मा में प्रार्थना, और बिनती करते रहो, और इसी लिये जागते रहो, कि सब पवित्रा लोगों के लिये लगातार बिनती किया करो।
- 19और मेरे लिये भी, कि मुझे बोलने के समय ऐसा प्रबल वचन दिया जाए, कि मैं हियाव से सुसमाचार का भेद बता सकूं जिस के लिये मैं जंजीर से जकड़ा हुआ राजदूत हूं।
- 20और यह भी कि मैं उस के विषय में जैसा मुझे चाहिए हियाव से बोलूं।।
Cross references
- 1 Thessalonians 5:17 1 थिस्सलुनीकियों 5:17निरन्तर प्रार्थना मे लगे रहो।
- Colossians 4:2 कुलुस्सियों 4:2प्रार्थना में लगे रहो, और धन्यवाद के साथ उस में जागृत रहो।
- Philippians 4:6 फिलिप्पियों 4:6किसी भी बात की चिन्ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं।
- 1 Timothy 2:1 1 तीमुथियुस 2:1अब मैं सब से पहिले यह उपदेश देता हूं, कि बिनती, और प्रार्थना, और निवेदन, और धन्यवाद, सब मनुष्यों के लिये किए जाएं।
- Jude 1:20 यहूदा 1:20पर हे प्रियों तुम अपने अति पवित्रा विश्वास में अपनी उन्नति करते हुए और पवित्रा आत्मा में प्रार्थना करते हुए।
- Romans 8:26–27 रोमियों 8:26–27इसी रीति से आत्मा भी हमारी दुर्बलता में सहायता करता है, क्योंकि हम नहीं जानते, कि प्रार्थना किस रीति से करना चाहिए; परन्तु आत्मा आप ही ऐसी आहें भर भरकर जो बयान से बाहर है, हमारे लिये बिनती करता है। और मनों का जांचनेवाला जानता है, कि आत्मा की मनसा क्या है? क्योंकि वह पवित्रा लोगों के लिये परमेश्वर की इच्छा के अनुसार बिनती करता है।
- Mark 14:38 मरकुस 14:38जागते और प्रार्थना करते रहो कि तुम परीक्षा में न पड़ो: आत्मा तो तैयार है, पर शरीर दुर्बल है।
- Luke 21:36 लूका 21:36इसलिये जागते रहो और हर समय प्रार्थना करते रहो कि तुम इन सब आनेवाली घटनाओं से बचने, और मनुष्य के पुत्रा के साम्हने खड़े होने के योग्य बनो।।
- Luke 18:1–8 लूका 18:1–8फिर उस ने इस के विषय में कि नित्य प्रार्थना करना और हियाव न छोड़ना चाहिए उन से यह दृष्टान्त कहा। कि किसी नगर में एक न्यायी रहता था; जो न परमेश्वर से डरता थ और न किसी मनुष्य की परवाह करता था। और उसी नगर में एक विधवा भी रहती थी: जो उसके पास आ आकर कहा करती थी, कि मेरा न्याय चुकाकर मुझे मु ई से बचा। उस ने कितने समय तक तो न माना परन्तु अन्त में मन में विचारकर कहा, यद्यपि मैं न परमेश्वर से डरता, और न मनुष्यों की कुछ परवाह करता हूं। तौभी यह विधवा मुझे सताती रहती है, इसलिये मैं उसका न्याय चुकाऊंगा कहीं ऐसा न हो कि घड़ी घड़ी आकर अन्त को मेरा नाक में दम करे। प्रभु ने कहा, सुनो, कि यह अधर्मी न्यायी क्या कहता है? सो क्या परमेश्र अपने चुने हुओं का न्याय न चुकाएगा, जो रात- दिन उस की दुहाई देते रहते; और क्या वह उन के विषय में देन करेगा? मैं तुम से कहता हूं; वह तुरन्त उन का न्याय चुकाएगा; तौभी मनुष्य का पुत्रा जब आएगा, तो क्या वह पृथ्वी पर विश्वास पाएगा?
- Matthew 26:41 मत्ती 26:41जागते रहो, और प्रार्थना करते रहो, कि तुम परीक्षा में न पड़ो: आत्मा तो तैयार है, परन्तु शरीर दुर्बल है।
- Daniel 9:20 दानिय्येल 9:20इस प्रकार मैं प्रार्थना करता, और अपने और अपने इस्राएली जाति भाइयों के पाप का अंगीकार करता हुआ, अपने परमेश्वर यहोवा के सम्मुख उसके पवित्रा पर्वत के लिये गिड़गिड़ाकर बिनती करता ही था,
- Ephesians 1:16 इफिसियों 1:16तुम्हारे लिये धन्यवाद करना नहीं छोड़ता, और अपनी प्रार्थनाओं में तुम्हें स्मरण किया करता हूं।
Original words (Greek)
- Praying · G4336προσεύχομαι proseúchomai
- always · G2540καιρός kairós
- with · G1223διά diá
- all · G3956πᾶς pâs
- prayer · G4335προσευχή proseuchḗ
- and · G2532καί kaí
- supplication · G1162δέησις déēsis
- in · G1722ἐν en
- Spirit · G4151πνεῦμα pneûma
- and · G2532καί kaí
- watching · G69ἀγρυπνέω agrypnéō
- thereunto · G5124τοῦτο toûto
- with · G1722ἐν en
- all · G3956πᾶς pâs
- perseverance · G4343προσκαρτέρησις proskartérēsis
- and · G2532καί kaí
- supplication · G1162δέησις déēsis
- for · G4012περί perí
- all · G3956πᾶς pâs
- saints · G40ἅγιος hágios