Acts · chapter 19 · verse 8
Acts 19:8 in Hindi
और वह आराधनालय में जाकर तीन महीने तक निडर होकर बोलता रहा, और परमेश्वर के राज्य के विषय में विवाद करता और समझाता रहा।
Aur vah aaraadhanaalay mem jaakar teen maheene tak nidar hokar bolataa rahaa, aur parameshvar ke raajy ke vishay mem vivaad karataa aur samajhaataa rahaa.
Acts 19:8 in English
- King James Version (KJV)
- And he went into the synagogue, and spake boldly for the space of three months, disputing and persuading the things concerning the kingdom of God.
- World English Bible (WEB)
- He entered into the synagogue and spoke boldly for a period of three months, reasoning and persuading about the things concerning God’s Kingdom.
- American Standard Version (ASV)
- And he entered into the synagogue, and spake boldly for the space of three months, reasoning and persuading [as to] the things concerning the kingdom of God.
- Bible in Basic English (BBE)
- And he went into the Synagogue, and for three months he was preaching there without fear, reasoning and teaching about the kingdom of God.
- Darby Translation (DBY)
- And entering into the synagogue, he spoke boldly during three months, reasoning and persuading [the things] concerning the kingdom of God.
- Webster's Bible (WBS)
- And he went into the synagogue, and spoke boldly for the space of three months, disputing and persuading the things concerning the kingdom of God.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And having gone into the synagogue, he was speaking boldly for three months, reasoning and persuading the things concerning the reign of God,
Read in context
- 6और जब पौलुस ने उन पर हाथ रखे, तो उन पर पवित्रा आत्मा उतरा, और वे भिन्न भाषा बोलने और भविष्यद्ववाणी करने लगे।
- 7ये सब लगभग बारह पुरूष थे।।
- 8और वह आराधनालय में जाकर तीन महीने तक निडर होकर बोलता रहा, और परमेश्वर के राज्य के विषय में विवाद करता और समझाता रहा।
- 9परन्तु जब कितनों ने कठोर होकर उस की नहीं मानी बरन लोगों के साम्हने इस मार्ग को बुरा कहने लगे, तो उस ने उन को छोड़कर चेलों को अलग कर लिया, और प्रति दिन तुरन्नुस की पाठशाला में विवाद किया करता था।
- 10दो वर्ष तक यही होता रहा, यहां तक कि आसिया के रहनेवाले क्या यहूदी, क्या यूनानी सब ने प्रभु का वचन सुन लिया।
Cross references
- Acts 28:23 प्रेरितों के काम 28:23तब उन्हों ने उसके लिये एक दिन ठहराया, और बहुत लोग उसके यहां इकट्ठे हुए, और वह परमेश्वर के राज्य की गवाही देता हुआ, और मूसा की व्यवस्था और भाविष्यद्वक्ताओं की पुस्तकों से यीशु के विषय में समझा समझाकर भोर से सांझ तक वर्णन करता रहा।
- Acts 1:3 प्रेरितों के काम 1:3और उस ने दु:ख उठाने के बाद बहुत से पड़े प्रमाणों से अपने आप को उन्हें जीवित दिखाया, और चालीस दिन तक वह उन्हें दिखाई देता रहा: और परमेश्वर के राज्य की बातें करता रहा।
- Acts 9:20–22 प्रेरितों के काम 9:20–22और वह तुरन्त आराधनालयों में यीशु का प्रचार करने लगा, कि वह परमेश्वर का पुत्रा है। और सब सुननेवाले चकित होकर कहने लगे; क्या यह वही व्यक्ति नहीं है जो यरूशलेम में उन्हें जो इस नाम को लेते थे नाश करता था, और यहां भी इसी लिये आया था, कि उन्हों बान्धकर महायाजकों के पास ले आए? परन्तु शाऊल और भी सामर्थी होता गया, और इस बात का प्रमाण दे देकर कि मसीह यही है, दमिश्क के रहनेवाले यहूदियों का मुंह बन्द करता रहा।।
- Jude 1:3 यहूदा 1:3हे प्रियो, जब मैं तुम्हें उस उद्धार के विषय में लिखने में अत्यन्त परिश्रम से प्रयत्न कर रहा था, जिस में हम सब सहभागी हैं; तो मैं ने तुम्हें यह समझाना आवश्यक जाना कि उस विश्वास के लिये पूरा यत्न करो जो पवित्रा लोगों को एक ही बार सौंपा गया था।
- Acts 26:22–23 प्रेरितों के काम 26:22–23सो परमेश्वर की सहायता से मैं आज तक बना हूं और छोटे बड़े सभी के साम्हने गवाही देता हूं और उन बातों को छोड़ कुछ नहीं कहता, जो भविष्यद्वक्ताओं और मूसा ने भी कहा कि होनेवाली हैं। कि मसीह को दुख उठाना होगा, और वही सब से पहिले मरे हुओं में से जी उठकर, हमारे लोगों में और अन्यजातियों में ज्योति का प्रचार करेगा।।
- Acts 18:4 प्रेरितों के काम 18:4और वह हर एक सब्त के दिन आराधनालय में वाद- विवाद करके यहूदियों और यूनानियों को भी समझाता था।।
- Acts 19:9 प्रेरितों के काम 19:9परन्तु जब कितनों ने कठोर होकर उस की नहीं मानी बरन लोगों के साम्हने इस मार्ग को बुरा कहने लगे, तो उस ने उन को छोड़कर चेलों को अलग कर लिया, और प्रति दिन तुरन्नुस की पाठशाला में विवाद किया करता था।
- Acts 17:1–3 प्रेरितों के काम 17:1–3फिर वे अम्फिपुलिस और अपुल्लोनिया होकर थिस्सलुनीके में आए, जहां यहूदियों का एक आराधनालय था। और पौलुस अपनी रीति के अनुसार उन के पास गया, और तीन सब्त के दिन पवित्रा शास्त्रों से उन के साथ विवाद किया। और उन का अर्थ खोल खोलकर समझाता था, कि मसीह का दुख उठाना, और मरे हुओं में से जी उठना, अवश्य था; और यही यीशु जिस की मैं तुम्हें कथा सुनाता हूं, मसीह है।
- Acts 18:19 प्रेरितों के काम 18:19और उस ने इफिसुस में पहुंचकर उन को वहां छोड़ा, और आप ही अराधनालय में जाकर यहूदियों से विवाद करने लगा।
- Acts 13:46 प्रेरितों के काम 13:46तब पोलुस और बरनबास ने निडर होकर कहा, अवश्य था, कि परमेश्वर का वचन पहिले तुम्हें सुनाया जाता: परन्तु जब कि तुम उसे दूर करते हो, और अपने को अनन्त जीवन के योग्य नहीं ठहराते, तो देखो, हम अन्यजातियों की ओर फिरते हैं।
- Acts 14:1 प्रेरितों के काम 14:1इकुनियुम में ऐसा हुआ कि वे यहूदियों की आराधनालय में साथ साथ गए, और ऐसी बातें की, कि यहूदियों और यूनानियों दोनों में से बहतों ने विश्वास किया।
- Acts 17:17 प्रेरितों के काम 17:17सो वह आराधनालय में यहूदियों और भक्तों से और चौक में जो लोग मिलते थे, उन से हर दिन वाद- विवाद किया करता था।
Original words (Greek)
- And · G1161δέ dé
- went · G1525εἰσέρχομαι eisérchomai
- into · G1519εἰς eis
- synagogue · G4864συναγωγή synagōgḗ
- boldly · G3955παῤῥησιάζομαι parrhēsiázomai
- of · G1909ἐπί epí
- three · G5140τρεῖς treîs
- months · G3376μήν mḗn
- disputing · G1256διαλέγομαι dialégomai
- and · G2532καί kaí
- persuading · G3982πείθω peíthō
- things · G3588ὁ ho
- concerning · G4012περί perí
- kingdom · G932βασιλεία basileía
- God · G2316θεός theós