Acts · chapter 5 · verse 14
Acts 5:14 in Hindi
और विश्वास करनेवाले बहुतेरे पुरूष और स्त्रियां प्रभु की कलीसिया में और भी अधिक आकर मिलते रहे।)
Aur vishvaas karanevaale bahutere puroosh aur striyaam prabhu kee kaleesiyaa mem aur bhee adhik aakar milate rahe.)
Acts 5:14 in English
- King James Version (KJV)
- And believers were the more added to the Lord, multitudes both of men and women.)
- World English Bible (WEB)
- More believers were added to the Lord, multitudes of both men and women.
- American Standard Version (ASV)
- and believers were the more added to the Lord, multitudes both of men and women:
- Bible in Basic English (BBE)
- And a great number of men and women had faith, and were joined to the Lord;
- Darby Translation (DBY)
- and believers were more than ever added to the Lord, multitudes both of men and women;)
- Webster's Bible (WBS)
- And believers were the more added to the Lord, multitudes both of men and women.)
- Young's Literal Translation (YLT)
- (and the more were believers added to the Lord, multitudes both of men and women,)
Read in context
- 12और प्रेरितों के हाथों से बहुत चिन्ह और अद्भुत काम लोगों के बीच में दिखाए जाते थे, (और वे सब एक चित्त होकर सुलैमान के ओसारे में इकट्ठे हुआ करते थे।
- 13परन्तु औरों में से किसी को यह हियाव न होता था, उन में जा मिलें; तौभी लोग उन की बड़ाइ। करते थे।
- 14और विश्वास करनेवाले बहुतेरे पुरूष और स्त्रियां प्रभु की कलीसिया में और भी अधिक आकर मिलते रहे।)
- 15यहां तक कि लोग बीमारों को सड़कों पर ला लाकर, खाटों और खटोलों पर लिटा देते थे, कि जब पतरस आए, तो उस की छाया ही उन में से किसी पर पड़ जाए।
- 16और यरूशलेम के आस पास के नगरों से भी बहुत लोग बीमारों और अशुद्ध आत्माओं के सताए हुओं का ला लाकर, इकट्ठे होते थे, और सब अच्छे कर दिए जाते थे।।
Cross references
- Acts 2:47 प्रेरितों के काम 2:47और परमेश्वर की स्तुति करते थे, और सब लोग उन से प्रसन्न थे: और जो उद्धार पाते थे, उनको प्रभु प्रति दिन उन में मिला देता था।।
- Isaiah 55:11–13 यशायाह 55:11–13उसी प्रकार से मेरा वचन भी होगा जो मेरे मुख से निकलता है; वह व्यर्थ ठहरकर मेरे पास न लौटेगा, परन्तु, जो मेरी इच्छा है उसे वह पूरा करेगा, और जिस काम के लिये मैं ने उसको भेजा है उसे वह सुफल करेगा।। क्योंकि तुम आनन्द के साथ निकलोगे, और शान्ति के साथ पहुंचाए जाओगे; तुम्हारे आगे आगे पहाड़ और पहाड़ियां गला खोलकर जयजयकार करेंगी, और मैदान के सब वृक्ष आनन्द के मारे ताली बजाएंगे। तब भटकटैयों की सन्ती सनौवर उगेंगे; और बिच्छु पेड़ों की सन्ती मेंहदी उगेगी; और इस से यहोवा का नाम होगा, जो सदा का चिन्ह होगा और कभी न मिटेगा।
- Acts 4:4 प्रेरितों के काम 4:4परन्तु वचन के सुननेवालों में से बहुतों ने विश्वास किया, और उन की गिनती पांच हजार पुरूषों के लगभग हो गई।।
- Acts 9:35 प्रेरितों के काम 9:35और लुस्रा और शारोन के सब रहनेवाले उसे देखकर प्रभु की ओर फिरे।।
- Acts 9:31 प्रेरितों के काम 9:31सो सारे यहूदिया, और गलील, और समरिया में कलीसिया को चैन मिला, और उसकी उन्नति होती गई; और वह प्रभु के भय और पवित्रा आत्मा की शान्ति में चलती और बढ़ती जाती थी।।
- Acts 9:42 प्रेरितों के काम 9:42यह बात सारे याफा मे फैल गई: और बहुतेरों ने प्रभु पर विश्वास किया।
- Acts 2:41 प्रेरितों के काम 2:41सो जिन्हों ने उसका वचन ग्रहण किया उन्हों ने बपतिस्मा लिया; और उसी दिन तीन हजार मनुष्यों के लगभग उन में मिल गए।
- Acts 6:7 प्रेरितों के काम 6:7और परमेश्वर का वचन फैलता गया और यरूशलेम में चेलों की गिनती बहुत बढ़ती गई; और याजकों का एक बड़ा समाज इस मत के अधीन हो गया।
- Ezra 10:1 एज्रा 10:1जब एज्रा परमेश्वर के भवन के साम्हने पड़ा, रोता हुआ प्रार्थना और पाप का अंगीकार कर रहा था, तब इस्राएल में से पुरूषों, स्त्रियों और लड़केवालों की एक बहुत बड़ी मणडली उसके पास इकट्ठी हुई; और लोग बिलक बिलक कर रो रहे थे।
- Acts 8:12 प्रेरितों के काम 8:12परन्तु जब उन्हों ने फिलिप्पुस की प्रतीति की जो परमेश्वर के राज्य और यीशु के नाम का सुसमाचार सुनाता था तो लोग, क्या पुरूष, क्या स्त्री बपतिस्मा लेने लगे।
- Deuteronomy 29:11–12 व्यवस्थाविवरण 29:11–12क्या तुम्हारे बालबच्चे और स्त्रियां, क्या लकड़हारे, क्या पनभरे, क्या तेरी छावनी में रहनेवाले परदेशी, तुम सब के सब अपने परमेश्वर यहोवा के साम्हने इसलिये खड़े हुए हो, कि जो वाचा तेरा परमेश्वर यहोवा आज तुझ से बान्धता है, और जो शपथ वह आज तुझ को खिलाता है, उस में तू साझी हो जाए;
- Nehemiah 8:2 नहेमायाह 8:2तब एज्रा याजक सातवें महीने के पहिले दिन को क्या स्त्री, क्या पुरूष, जितने सुनकर समझ सकते थे, उन सभों के साम्हने व्यवस्था को ले आया।