Acts · chapter 6 · verse 4
Acts 6:4 in Hindi
परन्तु हम तो प्रार्थना में और वचन की सेवा में लगे रहेंगे।
Parantu ham to praarthanaa mem aur vachan kee sevaa mem lage rahenge.
Acts 6:4 in English
- King James Version (KJV)
- But we will give ourselves continually to prayer, and to the ministry of the word.
- World English Bible (WEB)
- But we will continue steadfastly in prayer and in the ministry of the word.”
- American Standard Version (ASV)
- But we will continue stedfastly in prayer, and in the ministry of the word.
- Bible in Basic English (BBE)
- Then we will give all our time to prayer and the teaching of the word.
- Darby Translation (DBY)
- but we will give ourselves up to prayer and the ministry of the word.
- Webster's Bible (WBS)
- But we will give ourselves continually to prayer, and to the ministry of the word.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and we to prayer, and to the ministration of the word, will give ourselves continually.'
Read in context
- 2तब उन बारहों ने चेलों की मण्डली को अपने पास बुलाकर कहा, यह ठीक नहीं कि हम परमेश्वर का वचन छोड़कर खिलानेपिलाने की सेवा में रहें।
- 3इसलिये हे भाइयो, अपने में से सात सुनाम पुरूषों को जो पवित्रा आत्मा और बुद्धि से परिपूर्ण हो, चुन लो, कि हम उन्हें इस काम पर ठहरा दें।
- 4परन्तु हम तो प्रार्थना में और वचन की सेवा में लगे रहेंगे।
- 5यह बात सारी मण्डली को अच्छी लगी, और उन्हों ने स्तिुफनुस नाम एक पुरूष को जो विश्वास और पवित्रा आत्मा से परिपूर्ण था, और फिलिप्पुस और प्रखुरूस और नीकानोर और तीमोन और परमिनास और अन्ताकीवाला नीकुलाउस को जो यहूदी मत में आ गया था, चुन लिया।
- 6और इन्हें प्रेरितों के साम्हने खड़ा किया और उन्हों ने प्रार्थना करके उन पर हाथ रखे।
Cross references
- Acts 1:14 प्रेरितों के काम 1:14ये सब कई स्त्रियों और यीशु की माता मरियम और उसके भाइयों के साथ एक चित्त होकर प्रार्थना में लगे रहे॥
- 1 Timothy 4:13–16 1 तीमुथियुस 4:13–16जब तक मैं न आऊं, तब तक पढ़ने और उपदेश और सिखाने में लौलीन रह। उस वरदान से जो तुझ में है, और भविष्यद्वाणी के द्वारा प्राचीनों के हाथ रखते समय तुझे मिला था, निश्चिन्त न रह। उन बातों को सोचता रह, ताकि तेरी उन्नति सब पर प्रगट हो। अपनी और अपने उपदेश की चौकसी रख। इन बातों पर स्थिर रह, क्योंकि यदि ऐसा करता रहेगा, तो तू अपने, और अपने सुननेवालों के लिये भी उद्धार का कारण होगा।।
- Philippians 1:9–11 फिलिप्पियों 1:9–11और मैं यह प्रार्थना करता हूं, कि तुम्हारा प्रेम, ज्ञान और सब प्रकार के विवेक सहित और भी बढ़ता जाए। यहां तक कि तुम उत्तम से उत्तम बातों को प्रिय जानो, और मसीह के दिन तक सच्चे बने रहो; और ठोकर न खाओ। और उस धार्मिकता के फल से जो यीशु मसीह के द्वारा होते हैं, भरपूर होते जाओ जिस से परमेश्वर की महिमा और स्तुति होती रहे।।
- Acts 2:42 प्रेरितों के काम 2:42और वे प्ररितों से शिक्षा पाने, और संगति रखने में और रोटी तोड़ने में और प्रार्थना करने में लौलीन रहे।।
- 2 Timothy 4:2 2 तीमुथियुस 4:2कि तू वचन को प्रचार कर; समय और असमय तैयार रह, सब प्रकार की सहनशीलता, और शिक्षा के साथ उलाहना दे, और डांट, और समझा।
- Colossians 1:9–13 कुलुस्सियों 1:9–13इसी लिये जिस दिन से यह सुना है, हम भी तुम्हारे लिये यह प्रार्थना करने और बिनती करने से नहीं चूकते कि तुम सारे आत्मिक ज्ञान और समझ सहित परमेश्वर की इच्छा की पहिचान में परिपूर्ण हो जाओ। ताकि तुम्हारा चाल- चलन प्रभु के योग्य हो, और वह सब प्रकार से प्रसन्न हो, और तुम में हर प्रकार के भले कामों का फल लगे, और परमेश्वर की पहिचान में बढ़ते जाओ। और उस की महिमा की शक्ति के अनुसार सब प्रकार की सामर्थ से बलवन्त होते जाओ, यहां तक कि आनन्द के साथ हर प्रकार से धीरज और सहनशीलता दिखा सको। और पिता का धन्यवाद करते रहो, जिस ने हमें इस योग्य बनाया कि ज्योति में पवित्रा लोगों के साथ मीरास में समभागी हों। उसी ने हमें अन्धकार के वश से छुड़ाकर अपने प्रिय पुत्रा के राज्य में प्रवेश कराया।
- Romans 1:9 रोमियों 1:9परमेश्वर जिस की सेवा मैं अपनी आत्मा से उसके पुत्रा के सुसमाचार के विषय में करता हूं, वही मेरा गवाह है; कि मैं तुम्हें किस प्रकार लगातार स्मरण करता रहता हूं।
- Ephesians 3:14–21 इफिसियों 3:14–21मैं इसी कारण उस पिता के साम्हने घुटने टेकता हूं, जिस से स्वर्ग और पृथ्वी पर, हर एक घराने का नाम रखा जाता है। कि वह अपनी महिमा के धन के अनुसार तुम्हें यह दान दे, कि तुम उसके आत्मा से अपने भीतरी मनुष्यत्व में सामर्थ पाकर बलवन्त होते जाओ। और विश्वास के द्वारा मसीह तुम्हारे हृदय में बसे कि तुम प्रेम में जड़ पकड़कर और नेव डाल कर। सब पवित्रा लागों के साथ भली भांति समझने की शक्ति पाओ; कि उसकी चौड़ाई, और लम्बाई, और ऊंचाई, और गहराई कितनी है। और मसीह के उस प्रेम को जान सको जो ज्ञान से परे है, कि तुम परमेश्वर की सारी भरपूरी तक परिपूर्ण हो जाओ।। अब जो ऐसा सामर्थी है, कि हमारी बिनती और समझ से कहीं अधिक काम कर सकता है, उस सामर्थ के अनुसार जो हम में कारर्य करता है, कलीसिया में, और मसीह यीशु में, उस की महिमा पीढ़ी से पीढ़ी तक युगानुयुग होती रहे। आमीन।।
- Acts 13:2–3 प्रेरितों के काम 13:2–3जब वे उपवास सहित प्रभु की उपासना कर रहे था, तो पवित्रा आत्मा ने कहा; मेरे निमित्त बरनबास और शाऊल को उस काम के लिये अलग करो जिस के लिये मैं ने उन्हें बुलाया है। तब उन्हों ने उपवास और प्रार्थना करके और उन पर हाथ रखकर उन्हें विदा किया।।
- Colossians 4:17 कुलुस्सियों 4:17फिर अर्खिप्पुस से कहना कि जो सेवा प्रभु में तुझे सौंपी गई है, उसे सावधानी के साथ पूरी करना।।
- Romans 12:6–8 रोमियों 12:6–8और जब कि उस अनुग्रह के अनुसार जो हमें दिया गया है, हमें भिन्न भिन्न बरदान मिले हैं, तो जिस को भविष्यद्वाणी का दान मिला हो, वह विश्वास के परिमाण के अनुसार भविष्यद्वाणी करे। यदि सेवा करने का दान मिला हो, तो सेवा में लगा रहे, यदि कोई सिखानेवाला हो, तो सिखाने में लगा रहे। जो उपदेशक हो, वह उपदेश देने में लगा रहे; दान देनेवाला उदारता से दे, जो अगुआई करे, वह उत्साह से करे, जो दया करे, वह हर्ष से करे।
- 1 Corinthians 9:16 1 कुरिन्थियों 9:16और यदि मैं सुसमाचार सुनाऊं, तो मेरा कुछ घमण्ड नहीं; क्योंकि यह तो मेरे लिये अवश्य है; और यदि मैं सुसमाचार न सुनाऊं, तो मुझ पर हाय।