1 Timothy · chapter 4 · verse 13
1 Timothy 4:13 in Hindi
जब तक मैं न आऊं, तब तक पढ़ने और उपदेश और सिखाने में लौलीन रह।
Jab tak maim na aaoom, tab tak padhane aur upadesh aur sikhaane mem lauleen rah.
1 Timothy 4:13 in English
- King James Version (KJV)
- Till I come, give attendance to reading, to exhortation, to doctrine.
- World English Bible (WEB)
- Until I come, pay attention to reading, to exhortation, and to teaching.
- American Standard Version (ASV)
- Till I come, give heed to reading, to exhortation, to teaching.
- Bible in Basic English (BBE)
- Till I come, give attention to the reading of the holy Writings, to comforting the saints, and to teaching.
- Darby Translation (DBY)
- Till I come, give thyself to reading, to exhortation, to teaching.
- Webster's Bible (WBS)
- Till I come, give attendance to reading, to exhortation, to doctrine.
- Young's Literal Translation (YLT)
- till I come, give heed to the reading, to the exhortation, to the teaching;
Read in context
- 11इन बातों की आज्ञा कर, और सिखाता रह।
- 12कोई तेरी जवानी को तुच्छ न समझने पाए; पर वचन, और चाल चलन, और प्रेम, और विश्वास, और पवित्राता में विश्वासियों के लिये आदर्श बन जा।
- 13जब तक मैं न आऊं, तब तक पढ़ने और उपदेश और सिखाने में लौलीन रह।
- 14उस वरदान से जो तुझ में है, और भविष्यद्वाणी के द्वारा प्राचीनों के हाथ रखते समय तुझे मिला था, निश्चिन्त न रह।
- 15उन बातों को सोचता रह, ताकि तेरी उन्नति सब पर प्रगट हो। अपनी और अपने उपदेश की चौकसी रख।
Cross references
- Acts 6:4 प्रेरितों के काम 6:4परन्तु हम तो प्रार्थना में और वचन की सेवा में लगे रहेंगे।
- Titus 2:15 तीतुस 2:15पूरे अधिकार के साथ ये बातें कह और समझा और सिखाता रह: कोई तुझे तुच्द न जानने पाए।।
- 2 Timothy 4:2 2 तीमुथियुस 4:2कि तू वचन को प्रचार कर; समय और असमय तैयार रह, सब प्रकार की सहनशीलता, और शिक्षा के साथ उलाहना दे, और डांट, और समझा।
- 1 Timothy 4:16 1 तीमुथियुस 4:16इन बातों पर स्थिर रह, क्योंकि यदि ऐसा करता रहेगा, तो तू अपने, और अपने सुननेवालों के लिये भी उद्धार का कारण होगा।।
- Acts 17:11 प्रेरितों के काम 17:11ये लोग तो थिस्सलुनीके के यहूदियों से भले थे और उन्हों ने बड़ी लालसा से वचन ग्रहण किया, और प्रति दिन पवित्रा शास्त्रों में ढूंढ़ते रहे कि ये बातें योहीं हैं, कि नहीं।
- 2 Timothy 2:15–17 2 तीमुथियुस 2:15–17अपने आप को परमेश्वर का ग्रहणयोग्य और ऐसा काम करनेवाला ठहराने का प्रयत्न कर, जो लज्जित होने न पाए, और जो सत्य के वचन को ठीक रीति से काम में लाता हो। पर अशुद्ध बकवाद से बचा रह; क्योंकि ऐसे लोग और भी अभक्ति में बढ़ते जाएंगे। और उन का वचन सड़े- घाव की नाईं फैलता जाएगा: हुमिनयुस और फिलेतुस उन्हीं में से हैं।
- John 5:39 यूहन्ना 5:39तुम पवित्रा शास्त्रा में ढूंढ़ते हो, क्योंकि समझते हो कि उस में अनन्त जीवन तुम्हें मिलता है, और यह वही है, जो मेरी गवाही देता है।
- 1 Timothy 4:6 1 तीमुथियुस 4:6यदि तू भाइयों को इन बातों की सुधि दिलाता रहेगा, तो मसीह यीशु का अच्छा सेवक ठहरेगा: और विश्वास और उस अच्छे उपदेश की बातों से, जा तू मानता आया है, तेरा पालन- पोषण होता रहेगा।
- Joshua 1:8 यहोशू 1:8व्यवस्था की यह पुस्तक तेरे चित्त से कभी न उतरने पाए, इसी में दिन रात ध्यान दिए रहना, इसलिये कि जो कुछ उस में लिखा है उसके अनुसार करने की तू चौकसी करे; क्योंकि ऐसा ही करने से तेरे सब काम सुफल होंगे, और तू प्रभावशाली होगा।
- Deuteronomy 17:19 व्यवस्थाविवरण 17:19और वह उसे अपने पास रखे, और अपने जीवन भर उसको पढ़ा करे, जिस से वह अपने परमेश्वर यहोवा का भय मानना, और इस व्यवस्था और इन विधियों की सारी बातों के मानने में चौकसी करना सीखे;
- Psalm 1:2–3 भजन संहिता 1:2–3परन्तु वह तो यहोवा की व्यवस्था से प्रसन्न रहता; और उसकी व्यवस्था पर रात दिन ध्यान करता रहता है। वह उस वृक्ष के समान है, जो बहती नालियों के किनारे लगाया गया है। और अपनी ऋतु में फलता है, और जिसके पत्ते कभी मुरझाते नहीं। इसलिये जो कुछ वह पुरूष करे वह सफल होता है।।
- Proverbs 2:4–5 नीतिवचन 2:4–5ओर उसको चान्दी की नाईं ढूंढ़े, और गुप्त धन के समान उसी खोज में लगा रहे; तो तू यहोवा के भय को समझेगा, और परमेश्वर का ज्ञान तुझे प्राप्त होगा।