Romans · chapter 1 · verse 9
Romans 1:9 in Hindi
परमेश्वर जिस की सेवा मैं अपनी आत्मा से उसके पुत्रा के सुसमाचार के विषय में करता हूं, वही मेरा गवाह है; कि मैं तुम्हें किस प्रकार लगातार स्मरण करता रहता हूं।
Parameshvar jis kee sevaa maim apanee aatmaa se usake putraa ke susamaachaar ke vishay mem karataa hoom, vahee meraa gavaah hai; ki maim tumhem kis prakaar lagaataar smaran karataa rahataa hoon.
Romans 1:9 in English
- King James Version (KJV)
- For God is my witness, whom I serve with my spirit in the gospel of his Son, that without ceasing I make mention of you always in my prayers;
- World English Bible (WEB)
- For God is my witness, whom I serve in my spirit in the Good News of his Son, how unceasingly I make mention of you always in my prayers,
- American Standard Version (ASV)
- For God is my witness, whom I serve in my spirit in the gospel of his Son, how unceasingly I make mention of you, always in my prayers
- Bible in Basic English (BBE)
- For God is my witness, whose servant I am in spirit in the good news of his Son, that you are at all times in my memory and in my prayers,
- Darby Translation (DBY)
- For God is my witness, whom I serve in my spirit in the glad tidings of his Son, how unceasingly I make mention of you,
- Webster's Bible (WBS)
- For God is my witness, whom I serve with my spirit in the gospel of his Son, that without ceasing I make mention of you always in my prayers,
- Young's Literal Translation (YLT)
- for God is my witness, whom I serve in my spirit in the good news of His Son, how unceasingly I make mention of you,
Read in context
- 7उन सब के नाम जो रोम में परमेश्वर के प्यारे हैं और पवित्रा होने के लिये बुलाए गए हैं।। हमारे पिता परमेश्वर और प्रभु यीशु मसीह की ओर से तुम्हें अनुग्रह और शान्ति मिलती रहे।।
- 8पहिले मैं तुम सब के लिये यीशु मसीह के द्वारा अपने परमेश्वर का धन्यवाद करता हूं, कि तुम्हारे विश्वास की चर्चा सारे जगत में हो रही है।
- 9परमेश्वर जिस की सेवा मैं अपनी आत्मा से उसके पुत्रा के सुसमाचार के विषय में करता हूं, वही मेरा गवाह है; कि मैं तुम्हें किस प्रकार लगातार स्मरण करता रहता हूं।
- 10और नित्य अपनी प्रार्थनाओं में बिनती करता हूं, कि किसी रीति से अब भी तुम्हारे पास आने को मेरी यात्रा परमेश्वर की इच्छा से सुफल हो।
- 11क्योंकि मै। तुम से मिलने की लालसा करता हूं, कि मैं तुम्हें कोई आत्मिक बरदान दूं जिस से तुम स्थिर हो जाओ।
Cross references
- Ephesians 6:18 इफिसियों 6:18और हर समय और हर प्रकार से आत्मा में प्रार्थना, और बिनती करते रहो, और इसी लिये जागते रहो, कि सब पवित्रा लोगों के लिये लगातार बिनती किया करो।
- 2 Timothy 1:3 2 तीमुथियुस 1:3जिस परमेश्वर की सेवा मैं अपने बापदादों की रीति पर शुद्ध विवेक से करता हूं, उसका धन्यवाद हो कि अपनी प्रार्थनाओं में तुझे लगातार स्मरण करता हूं।
- Romans 9:1 रोमियों 9:1मैं मसीह में सच कहता हूं, झूठ नहीं बोलता और मेरा विवेक भी पवित्रा आत्मा में गवाही देता है।
- Ephesians 1:16–19 इफिसियों 1:16–19तुम्हारे लिये धन्यवाद करना नहीं छोड़ता, और अपनी प्रार्थनाओं में तुम्हें स्मरण किया करता हूं। कि हमारे प्रभु यीशु मसीह का परमेश्वर जो महिमा का पिता है, तुम्हें अपनी पहचान में, ज्ञान और प्रकाश का आत्मा दे। और तुम्हारे मन की आंखें ज्योतिर्मय हों कि तुम जान लो कि उसके बुलाने से कैसी आशा होती है, और पवित्रा लोगों में उस की मीरास की महिमा का धन कैसा है। और उस की सामर्थ हमारी ओर जो विश्वास करते हैं, कितनी महान है, स की शक्ति के प्रभाव के उस कारर्य के अनुसार।
- 2 Corinthians 1:23 2 कुरिन्थियों 1:23मैं परमेश्वर को गवाह करता हूं, कि मै अब तक कुरिन्थुस में इसलिये नहीं आया, कि मुझे तुम पर तरस आता था।
- 1 Thessalonians 5:17 1 थिस्सलुनीकियों 5:17निरन्तर प्रार्थना मे लगे रहो।
- 2 Corinthians 11:10–11 2 कुरिन्थियों 11:10–11यदि मसीह की सच्चाई मुझ में है, तो अखया देश में कोई मुझे इस घमण्ड से न रोकेगा। किस लिये? क्या इसलिये कि मैं तुम से प्रेम नहीं रखता? परमेश्वर यह जानता है।
- Acts 19:21 प्रेरितों के काम 19:21जब ये बातें हो चुकीं, तो पौलुस ने आत्मा में ठाना कि मकिदुनिया और अखाया से होकर यरूशलेम को जाऊं, और कहा, कि वहां जाने के बाद मुझे रोमा को भी देखना अवश्य है।
- Philippians 3:3 फिलिप्पियों 3:3क्योंकि खतनावाले तो हम ही हैं जो परमेश्वर के आत्मा की अगुवाई से उपासना करते हैं, और मसीह यीशु पर घमण्ड करते हैं और शरीर पर भरोसा नहीं रखते।
- 1 Corinthians 14:14–15 1 कुरिन्थियों 14:14–15इसलिये यदि मैं अन्य भाषा में प्रार्थना करूं, तो मेरी आत्मा प्रार्थना करती है, परन्तु मेरी बुद्धि काम नहीं देती। सो क्या करना चाहिए? मैं आत्मा से भी प्रार्थना करूंगा, और बुद्धि से भी प्रार्थना करूंगा; मैं आत्मा से गाऊंगा, और बुद्धि से भी गाऊंगा।
- Philippians 1:4 फिलिप्पियों 1:4और जब कभी तुम सब के लिये बिनती करता हूं, तो सदा आनन्द के साथ बिनती करता हूं।
- Ephesians 3:14–21 इफिसियों 3:14–21मैं इसी कारण उस पिता के साम्हने घुटने टेकता हूं, जिस से स्वर्ग और पृथ्वी पर, हर एक घराने का नाम रखा जाता है। कि वह अपनी महिमा के धन के अनुसार तुम्हें यह दान दे, कि तुम उसके आत्मा से अपने भीतरी मनुष्यत्व में सामर्थ पाकर बलवन्त होते जाओ। और विश्वास के द्वारा मसीह तुम्हारे हृदय में बसे कि तुम प्रेम में जड़ पकड़कर और नेव डाल कर। सब पवित्रा लागों के साथ भली भांति समझने की शक्ति पाओ; कि उसकी चौड़ाई, और लम्बाई, और ऊंचाई, और गहराई कितनी है। और मसीह के उस प्रेम को जान सको जो ज्ञान से परे है, कि तुम परमेश्वर की सारी भरपूरी तक परिपूर्ण हो जाओ।। अब जो ऐसा सामर्थी है, कि हमारी बिनती और समझ से कहीं अधिक काम कर सकता है, उस सामर्थ के अनुसार जो हम में कारर्य करता है, कलीसिया में, और मसीह यीशु में, उस की महिमा पीढ़ी से पीढ़ी तक युगानुयुग होती रहे। आमीन।।
Original words (Greek)
- For · G1063γάρ gár
- God · G2316θεός theós
- is · G2076ἐστί estí
- my · G3450μοῦ moû
- witness · G3144μάρτυς mártys
- whom · G3739ὅς hós
- serve · G3000λατρεύω latreúō
- with · G1722ἐν en
- my · G3450μοῦ moû
- spirit · G4151πνεῦμα pneûma
- in · G1722ἐν en
- gospel · G2098εὐαγγέλιον euangélion
- his · G846αὐτός autós
- Son · G5207υἱός huiós
- that · G5613ὡς hōs
- ceasing · G89ἀδιαλείπτως adialeíptōs
- make · G4160ποιέω poiéō
- mention · G3417μνεία mneía
- you · G5216ὑμῶν hymōn