Acts · chapter 7 · verse 34
Acts 7:34 in Hindi
मैं ने सचमुच अपने लोगों की र्दुदशा को जो मिसर में है, देखी है; और उन की आह और उन का रोना सुन लिया है; इसलिये उन्हें छुड़ाने के लिये उतरा हूं। अब आ, मैं तुझे मिसर में भेंजूंगा।
Maim ne sachamuch apane logom kee rdudashaa ko jo misar mem hai, dekhee hai; aur un kee aah aur un kaa ronaa sun liyaa hai; isaliye unhem chhudaane ke liye utaraa hoon. Ab aa, maim tujhe misar mem bhenjoongaa.
Acts 7:34 in English
- King James Version (KJV)
- I have seen, I have seen the affliction of my people which is in Egypt, and I have heard their groaning, and am come down to deliver them. And now come, I will send thee into Egypt.
- World English Bible (WEB)
- I have surely seen the affliction of my people who are in Egypt, and have heard their groaning. I have come down to deliver them. Now come, I will send you into Egypt.’
- American Standard Version (ASV)
- I have surely seen the affliction of my people that is in Egypt, and have heard their groaning, and I am come down to deliver them: and now come, I will send thee into Egypt.
- Bible in Basic English (BBE)
- Truly, I have seen the sorrows of my people in Egypt, and their cries have come to my ears, and I have come down to make them free: and now, come, I will send you to Egypt.
- Darby Translation (DBY)
- I have surely seen the ill treatment of my people which is in Egypt, and I have heard their groan, and have come down to take them out of it; and now, come, I will send thee to Egypt.
- Webster's Bible (WBS)
- I have seen, I have seen the affliction of my people who are in Egypt, and I have heard their groaning, and am come down to deliver them. And now come, I will send thee into Egypt.
- Young's Literal Translation (YLT)
- seeing I have seen the affliction of My people that [is] in Egypt, and their groaning I did hear, and came down to deliver them; and now come, I will send thee to Egypt.
Read in context
- 32कि मैं तेरे बाप दादों, इब्राहीम, इसहाक और याकूब का परमेश्वर हूं: तब तो मूसा कांप उठा, यहां तक कि उसे देखने का हियाव न रहा।
- 33तब प्रभु ने उस से कहा; अपने पावों से जूती उतार ले, क्योंकि जिस जगह तू खड़ा है, वह पवित्र भूमि है।
- 34मैं ने सचमुच अपने लोगों की र्दुदशा को जो मिसर में है, देखी है; और उन की आह और उन का रोना सुन लिया है; इसलिये उन्हें छुड़ाने के लिये उतरा हूं। अब आ, मैं तुझे मिसर में भेंजूंगा।
- 35जिस मूसा को उन्होंने यह कहकर नकारा था कि तुझे किस ने हम पर हाकिम और न्यायी ठहराया है; उसी को परमेश्वर ने हाकिम और छुड़ाने वाला ठहरा कर, उस स्वर्ग दूत के द्वारा जिस ने उसे झाड़ी में दर्शन दिया था, भेजा।
- 36यही व्यक्ति मिसर और लाल समुद्र और जंगल में चालीस वर्ष तक अद्भुत काम और चिन्ह दिखा दिखाकर उन्हें निकाल लाया।
Cross references
- Exodus 3:7–10 निर्गमन 3:7–10फिर यहोवा ने कहा, मैं ने अपनी प्रजा के लोग जो मि में हैं उनके दु:ख को निश्चय देखा है, और उनकी जो चिल्लाहट परिश्रम करानेवालों के कारण होती है उसको भी मैं ने सुना है, और उनकी पीड़ा पर मैं ने चित्त लगाया है; इसलिये अब मैं उतर आया हूं कि उन्हें मिस्त्रियों के वश से छुड़ाऊं, और उस देश से निकालकर एक अच्छे और बड़े देश में जिस में दूध और मधु की धारा बहती है, अर्थात् कनानी, हित्ती, एमोरी, परिज्जी, हिव्वी, और यबूसी लोगों के स्थान में पहुंचाऊं। सो अब सुन, इस्राएलियों की चिल्लाहट मुझे सुनाई पड़ी है, और मिस्त्रियों का उन पर अन्धेर करना भी मुझे दिखाई पड़ा है, इसलिये आ, मैं तुझे फिरौन के पास भेजता हूं कि तू मेरी इस्राएली प्रजा को मि से निकाल ले आए।
- Exodus 4:31 निर्गमन 4:31और लोगों ने उनकी प्रतीति की; और यह सुनकर, कि यहोवा ने इस्राएलियों की सुधि ली और उनके दु:खों पर दृष्टि की है, उन्होंने सिर झुका कर दण्डवत की॥
- Psalm 106:44 भजन संहिता 106:44तौभी जब जब उनका चिल्लाना उसके कान में पड़ा, तब तब उस ने उनके संकट पर दृष्टि की!
- Nehemiah 9:9 नहेमायाह 9:9फिर तू ने मिस्र में हमारे पुरखाओं के दु:ख पर दृष्टि की; और लाल समुद्र के तट पर उनकी दोहाई सुनी।
- John 6:38 यूहन्ना 6:38क्योंकि मैं अपनी इच्छा नहीं, बरन अपने भेजनेवाले की इच्छा पूरी करने के लिये स्वर्ग से उतरा हूं।
- Exodus 2:23–25 निर्गमन 2:23–25बहुत दिनों के बीतने पर मि का राजा मर गया। और इस्राएली कठिन सेवा के कारण लम्बी लम्बी सांस लेकर आहें भरने लगे, और पुकार उठे, और उनकी दोहाई जो कठिन सेवा के कारण हुई वह परमेश्वर तक पहुंची। और परमेश्वर ने उनका कराहना सुनकर अपनी वाचा को, जो उस ने इब्राहीम, और इसहाक, और याकूब के साथ बान्धी थी, स्मरण किया। और परमेश्वर ने इस्राएलियों पर दृष्टि करके उन पर चित्त लगाया।।
- Exodus 3:14 निर्गमन 3:14परमेश्वर ने मूसा से कहा, मैं जो हूं सो हूं। फिर उस ने कहा, तू इस्राएलियों से यह कहना, कि जिसका नाम मैं हूं है उसी ने मुझे तुम्हारे पास भेजा है।
- Isaiah 63:8–9 यशायाह 63:8–9क्योंकि उस ने कहा, निस्न्देह ये मेरी प्रजा के लोग हैं, ऐसे लड़के हैं जो धोखा नदेंगे; और वह उनका उद्धारकर्ता हो गया। उनके सारे संकट में उस ने भी कष्ट उठाया, और उसके सम्मुख रहनेवाले दूत ने उनका उद्धार किया; प्रेम और कोमलता से उस ने आप की उनको छुड़ाया; उस ने उन्हें उठाया और प्राचीनकाल से सदा उन्हें लिए फिरा।
- Hosea 12:13 होशे 12:13एक भविष्यद्वक्ता के द्वारा यहोवा इस्राएल को मि से निकाल ले आया, और भविष्यद्वक्ता ही के द्वारा उसकी रक्षा हुई।
- Judges 2:18 न्यायियों 2:18और जब जब यहोवा उनके लिये न्यायी को ठहराता तब तब वह उस न्यायी के संग रहकर उसके जीवन भर उन्हें शत्रुओं के हाथ से छुड़ाता था; क्योंकि यहोवा उनका कराहना जो अन्धेर और उपद्रव करनेवालों के कारण होता था सुनकर दु:खी था।
- Judges 10:15–16 न्यायियों 10:15–16इस्राएलियों ने यहोवा से कहा, हम ने पाप किया है; इसलिये जो कुछ तेरी दृष्टि में भला हो वही हम से कर; परन्तु अभी हमें छुड़ा। तब वे पराए देवताओं को अपने मध्य में से दूर करके यहोवा की उपासना करने लगे; और वह इस्राएलियों के कष्ट के कारण खेदित हुआ।।
- Numbers 11:17 गिनती 11:17तब मैं उतरकर तुझ से वहां बातें करूंगा; और जो आत्मा तुझ में है उस में से कुछ लेकर उन में समवाऊंगा; और वे इन लोगों का भार तेरे संग उठाए रहेंगे, और तुझे उसको अकेले उठाना न पड़ेगा।
Original words (Greek)
- seen · G1492εἴδω eídō
- seen · G1492εἴδω eídō
- affliction · G2561κάκωσις kákōsis
- of · G2992λαός laós
- my · G3450μοῦ moû
- people · G2992λαός laós
- which · G3588ὁ ho
- in · G1722ἐν en
- Egypt · G125Αἴγυπτος Aígyptos
- and · G2532καί kaí
- heard · G191ἀκούω akoúō
- their · G846αὐτός autós
- groaning · G4726στεναγμός stenagmós
- and · G2532καί kaí
- down · G2597καταβαίνω katabaínō
- deliver · G1807ἐξαιρέω exairéō
- them · G846αὐτός autós
- And · G2532καί kaí
- now · G3568νῦν nŷn
- come · G1204δεῦρο deûro
- send · G649ἀποστέλλω apostéllō
- thee · G4571σέ sé
- into · G1519εἰς eis
- Egypt · G125Αἴγυπτος Aígyptos