Amos · chapter 5 · verse 24
Amos 5:24 in Hindi
परन्तु न्याय को नदी की नाईं, और धर्म महानद की नाईं बहने दो।
Parantu nyaay ko nadee kee naaeem, aur dharm mahaanad kee naaeem bahane do.
Amos 5:24 in English
- King James Version (KJV)
- But let judgment run down as waters, and righteousness as a mighty stream.
- World English Bible (WEB)
- But let justice roll on like rivers, and righteousness like a mighty stream.
- American Standard Version (ASV)
- But let justice roll down as waters, and righteousness as a mighty stream.
- Bible in Basic English (BBE)
- But let the right go rolling on like waters, and righteousness like an ever-flowing stream.
- Darby Translation (DBY)
- but let judgment roll down as waters, and righteousness as an ever-flowing stream.
- Webster's Bible (WBS)
- But let judgment run down as waters, and righteousness as a mighty stream.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And roll on as waters doth judgment, And righteousness as a perennial stream.
Read in context
- 22चाहे तुम मेरे लिये होमबलि और अन्नबलि चढ़ाओ, तौभी मैं प्रसन्न न हूंगा, और तुम्हारे पाले हुए पशुओं के मेलबलियों की ओर न ताकूंगा।
- 23अपने गीतों को कोलाहल मुझ से दूर करो; तुम्हारी सारंगियों का सुन मैं न सुनूंगा।
- 24परन्तु न्याय को नदी की नाईं, और धर्म महानद की नाईं बहने दो।
- 25हे इस्राएल के घराने, तुम जंगल में चालीस वर्ष तक पशुबलि और अन्नबलि क्या मुझी को चढ़ाते रहे?
- 26नहीं, तुम तो अपने राजा का तम्बू, और अपनी मूरतों को चरणपीठ, और अपने देवता का तारा लिए फिरते रहे।
Cross references
- Micah 6:8 मीका 6:8हे मनुष्य, वह तुझे बता चुका है कि अच्छा क्या है; और यहोवा तुझ से इसे छोड़ और क्या चाहता है, कि तू न्याय से काम करे, और कृपा से प्रीति रखे, और अपने परमेश्वर के साथ नम्रता से चले?
- Jeremiah 22:3 यिर्मयाह 22:3यहोवा यों कहता है, न्याय और धर्म के काम करो; और लुटे हुए को अन्धेर करनेवाले के हाथ से छुड़ाओ। और परदेशी, अनाथ और विधवा पर अन्धेर व उपद्रव मत करो, न इस स्थान में निदषों का लोहू बहाओ।
- Proverbs 21:3 नीतिवचन 21:3धर्म और न्याय करना, यहोवा को बलिदान से अधिक अच्छा लगता है।
- Hosea 6:6 होशे 6:6क्योंकि मैं बलिदान से नहीं, स्थिर प्रेम ही से प्रसन्न होता हूं, और होमबलियों से अधिक यह चाहता हूं कि लोग परमेश्वर का ज्ञान रखें।।
- Mark 12:32–34 मरकुस 12:32–34शास्त्री ने उस से कहा; हे गुरू, बहुत ठीक! तू ने सच कहा, कि वह एक ही है, और उसे छोड़ और कोई नहीं। और उस से सारे मन और सारी बुद्धि और सारे प्राण और सारी शक्ति के साथ प्रेम रखना और पड़ोसी से अपने समान प्रेम रखना, सारे होमों और बलिदानों से बढ़कर है। जब यीशु ने देखा कि उस ने समझ से उत्तर दिया, तो उस से कहा; तू परमेश्वर के राज्य से दूर नहीं: और किसी को फिर उस से कुछ पूछने का साहस न हुआ।।
- Amos 5:14–15 आमोस 5:14–15हे लोगो, बुराई को नहीं, भलाई को ढूंढ़ो, ताकि तुम जीवित रहो; और तुम्हारा यह कहना सच ठहरे कि सेनाओं का परमेश्वर यहोवा तुम्हारे संग है। बुराई से बैर और भलाई से प्रीति रखो, और फाटक में न्याय को स्थिर करो; क्या जाने सेनाओं का परमेश्वर यहोवा यूसुफ से बचे हुओं पर अनुग्रह करे।।
- Job 29:12–17 अय्यूब 29:12–17क्योंकि मैं दोहाई देनेवाले दीन जन को, और असहाय अनाथ को भी छुड़ाता था। जो नाश होने पर था मुझे आशीर्वाद देता था, और मेरे कारण विधवा आनन्द के मारे गाती थी। मैं धर्म को पहिने रहा, और वह मुझे ढांके रहा; मेरा न्याय का काम मेरे लिये बागे और सुन्दर पगड़ी का काम देता था। मैं अन्धों के लिये आंखें, और लंगड़ों के लिये पांव ठहरता था। दरिद्र लोगों का मैं पिता ठहरता था, और जो मेरी पहिचान का न था उसके मुक़ मे का हाल मैं पूछताछ करके जान लेता था। मैं कुटिल मनुष्यों की डाढ़ें तोड़ डालता, और उनका शिकार उनके मुंह से छीनकर बचा लेता था।
- Amos 5:7 आमोस 5:7हे न्याय के बिगाड़नेवालों और धर्म को मिट्टी में मिलानेवालों!