Micah · chapter 6 · verse 8
Micah 6:8 in Hindi
हे मनुष्य, वह तुझे बता चुका है कि अच्छा क्या है; और यहोवा तुझ से इसे छोड़ और क्या चाहता है, कि तू न्याय से काम करे, और कृपा से प्रीति रखे, और अपने परमेश्वर के साथ नम्रता से चले?
He manushy, vah tujhe bataa chukaa hai ki achchhaa kyaa hai; aur yahovaa tujh se ise chhod aur kyaa chaahataa hai, ki too nyaay se kaam kare, aur krupaa se preeti rakhe, aur apane parameshvar ke saath namrataa se chale?
Micah 6:8 in English
- King James Version (KJV)
- He hath shewed thee, O man, what [is] good; and what doth the LORD require of thee, but to do justly, and to love mercy, and to walk humbly with thy God?
- World English Bible (WEB)
- He has shown you, O man, what is good. What does the LORD require of you, but to act justly, to love mercy, and to walk humbly with your God?
- American Standard Version (ASV)
- He hath showed thee, O man, what is good; and what doth Jehovah require of thee, but to do justly, and to love kindness, and to walk humbly with thy God?
- Bible in Basic English (BBE)
- He has made clear to you, O man, what is good; and what is desired from you by the Lord; only doing what is right, and loving mercy, and walking without pride before your God.
- Darby Translation (DBY)
- He hath shewn thee, O man, what is good: and what doth Jehovah require of thee, but to do justly, and to love goodness, and to walk humbly with thy God?
- Webster's Bible (WBS)
- He hath shown thee, O man, what [is] good; and what the LORD doth require of thee, but to do justly, and to love mercy, and to walk humbly with thy God?
- Young's Literal Translation (YLT)
- He hath declared to thee, O man, what [is] good; Yea, what is Jehovah requiring of thee, Except — to do judgment, and love kindness, And lowly to walk with thy God?
Read in context
- 6मैं क्या लेकर यहोवा के सम्मुख आऊं, और ऊपर रहनेवाले परमेश्वर के साम्हने झुकूं? क्या मैं होमबलि के लिये एक एक वर्ष के बछड़े लेकर उसके सम्मुख आऊं?
- 7क्या यहोवा हजारों मेढ़ों से, वा तेल की लाखों नदियों से प्रसन्न होगा? क्या मैं अपने अपराध के प्रायश्चित्त में अपने पहिलौठे को वा अपने पाप के बदले में अपने जन्माए हुए किसी को दूं?
- 8हे मनुष्य, वह तुझे बता चुका है कि अच्छा क्या है; और यहोवा तुझ से इसे छोड़ और क्या चाहता है, कि तू न्याय से काम करे, और कृपा से प्रीति रखे, और अपने परमेश्वर के साथ नम्रता से चले?
- 9यहोवा इस नगर को पुकार रहा है, और सम्पूर्ण ज्ञान, तेरे नाम का भय मानना है: राजदण्ड की, और जो उसे देनेवाला है उसकी बात सुनो!
- 10क्या अब तक दुष्ट के घर में दुष्टता से पाया हुआ धन और छोटा एपा घृणित नहीं है?
Cross references
- Deuteronomy 10:12–13 व्यवस्थाविवरण 10:12–13और अब, हे इस्राएल, तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ से इसके सिवाय और क्या चाहता है, कि तू अपने परमेश्वर यहोवा का भय मानें, और उसके सारे मार्गों पर चले, उस से प्रेम रखे, और अपने पूरे मन और अपने सारे प्राण से उसकी सेवा करे, और यहोवा की जो जो आज्ञा और विधि मैं आज तुझे सुनाता हूं उनको ग्रहण करे, जिस से तेरा भला हो?
- Proverbs 21:3 नीतिवचन 21:3धर्म और न्याय करना, यहोवा को बलिदान से अधिक अच्छा लगता है।
- Colossians 3:12 कुलुस्सियों 3:12इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं की नाईं जो पवित्रा और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो।
- Jeremiah 22:3 यिर्मयाह 22:3यहोवा यों कहता है, न्याय और धर्म के काम करो; और लुटे हुए को अन्धेर करनेवाले के हाथ से छुड़ाओ। और परदेशी, अनाथ और विधवा पर अन्धेर व उपद्रव मत करो, न इस स्थान में निदषों का लोहू बहाओ।
- Hosea 6:6 होशे 6:6क्योंकि मैं बलिदान से नहीं, स्थिर प्रेम ही से प्रसन्न होता हूं, और होमबलियों से अधिक यह चाहता हूं कि लोग परमेश्वर का ज्ञान रखें।।
- 1 Samuel 15:22 1 शमूएल 15:22शमूएल ने कहा, क्या यहोवा होमबलियों, और मेलबलियों से उतना प्रसन्न होता है, जितना कि अपनी बात के माने जाने से प्रसन्न होता है? सुन मानना तो बलि चढ़ाने और कान लगाना मेढ़ों की चर्बी से उत्तम है।
- Isaiah 66:2 यशायाह 66:2यहोवा की यह वाणी है, ये सब वस्तुएं मेरे ही हाथ की बनाई हुई हैं, सो ये सब मेरी ही हैं। परन्तु मैं उसी की ओर दृष्टि करूंगा जो दीन और खेदित मन का हो, और मेरा वचन सुनकर थरथराता हो॥
- 1 Peter 3:8 1 पतरस 3:8निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखनेवाले, और करूणामय, और नम्र बनो।
- 1 Peter 5:5–6 1 पतरस 5:5–6हे नवयुवकों, तुम भी प्राचीनों के आधीन रहो, बरन तुम सब के सब एक दूसरे की सेवा के लिये दीनता से कमर बान्धे रहो, क्योंकि परमेश्वर अभिमानियों का साम्हना करता है, परन्तु दीनों पर अनुग्रह करता है। इसलिये परमेश्वर के बलवन्त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिस से वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए।
- Luke 6:36 लूका 6:36जैसा तुम्हारा पिता दयावन्त है, वैसे ही तुम भी दयावन्त बनो।
- Isaiah 1:16–19 यशायाह 1:16–19अपने को धोकर पवित्रा करो: मेरी आंखों के साम्हने से अपने बुरे कामों को दूर करो; भविष्य में बुराई करता छोड़ दो, भलाई करना सीखो; यत्न से न्याय करो, उपद्रवी को सुधारो; अनाथ का न्याय चुकाओ, विधवा का मुक मा लड़ो।। यहोवा कहता है, आओ, हम आपस में वादविवाद करें: तुम्हारे पाप चाहे लाल रंग के हों, तौभी वे हिम की नाईं उजले हो जाएंगे; और चाहे अर्गवानी रंग के हों, तौभी वे ऊन के समान श्वेत हो जाएंगे। यदि तुम आज्ञाकारी होकर मेरी मानो,
- Amos 5:24 आमोस 5:24परन्तु न्याय को नदी की नाईं, और धर्म महानद की नाईं बहने दो।