Amos · chapter 6 · verse 13
Amos 6:13 in Hindi
तुम ऐसी वस्तु के कारण आनन्द करते हो जो व्यर्थ है; और कहते हो, क्या हम अपने ही यत्न से सामर्थी नहीं हो गए?
Tum aisee vastu ke kaaran aanand karate ho jo vyarth hai; aur kahate ho, kyaa ham apane hee yatn se saamarthee naheem ho gae?
Amos 6:13 in English
- King James Version (KJV)
- Ye which rejoice in a thing of nought, which say, Have we not taken to us horns by our own strength?
- World English Bible (WEB)
- you who rejoice in a thing of nothing, who say, ‘Haven’t we taken for ourselves horns by our own strength?’
- American Standard Version (ASV)
- ye that rejoice in a thing of nought, that say, Have we not taken to us horns by our own strength?
- Bible in Basic English (BBE)
- You whose joy is in a thing of no value, who say, Have we not taken for ourselves horns by the strength which is ours?
- Darby Translation (DBY)
- — ye that rejoice in a thing of nought, that say, Have we not taken to us power by our own strength?
- Webster's Bible (WBS)
- Ye who rejoice in a thing of naught, who say, Have we not taken to us horns by our own strength?
- Young's Literal Translation (YLT)
- O ye who are rejoicing at nothing, Who are saying, 'Have we not by our strength taken to ourselves horns?'
Read in context
- 11क्योंकि यहोवा की आज्ञा से बड़े घर में छेछ, और छोटे घर में दरार होगी।
- 12क्या घोड़े चट्टान पर दौड़ें? क्या कोई ऐसे स्थान में बैलों से जोतें जहां तुम लोगों ने न्याय को विष से, और धर्म के फल को कड़वे फल से बदल डाला है?
- 13तुम ऐसी वस्तु के कारण आनन्द करते हो जो व्यर्थ है; और कहते हो, क्या हम अपने ही यत्न से सामर्थी नहीं हो गए?
- 14इस कारण सेनाओं के परमेश्वर यहोवा की यह वाणी है, हे इस्राएल के घराने, देख, मैं तुम्हारे विरूद्ध एक ऐसी जाति खड़ी करूंगा, जो हमात की घाटी से लेकर अराबा की नदी तक तुमको संकट में डालेगी।।
Cross references
- Luke 12:19–20 लूका 12:19–20और वहां अपना सब अन्न और संपत्ति रखूंगा: और अपने प्राण से कहूंगा, कि प्राण, तेरे पास बहुत वर्षों के लिये बहुत संपत्ति रखी है; चैन कर, खा, पी, सुख से रह। परन्तु परमेश्वर ने उस से कहा; हे मूर्ख, इसी रात तेरा प्राण तुझ से ले लिया जाएगा: तब जो कुछ तू ने इकट्ठा किया है, वह किस का होगा?
- Isaiah 28:14–15 यशायाह 28:14–15इस कारण हे ठट्ठा करनेवालो, यरूशलेमवासी प्रजा के हाकिमों, यहोवा का वचन सुनो! तुम ने कहा है कि हम ने मृत्यु से वाचा बान्धी और अधोलोक से प्रतिज्ञा कराई है; इस कारण विपत्ति जब बाढ़ की नाई बढ़ आए तब हमारे पास न आएगी; क्योंकि हम ने झूठ की शरण ली और मिथ्या की आड़ में छिपे हुए हैं।
- James 4:16 याकूब 4:16पर अब तुम अपनी ड़ींग पर घमण्ड करते हो; ऐसा सब घमण्ड बुरा होता है।
- 2 Kings 14:25 2 राजा 14:25उस ने इस्राएल का सिवाना हमात की घाटी से ले अराबा के ताल तक ज्यों का त्यों कर दिया, जैसा कि इस्राएल के परमेश्वर यहोवा ने अमित्तै के पुत्रा अपने दास गथेपेरवासी योना भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा था।
- 1 Samuel 4:5 1 शमूएल 4:5जब यहोवा की वाचा का सन्दूक छावनी में पहुंचा, तब सारे इस्राएली इतने बल से ललकार उठे, कि भूमि गूंज उठी।
- Jeremiah 50:11 यिर्मयाह 50:11हे मेरे भाग के लूटनेवालो, तुम जो मेरी प्रजा पर आनन्द करते और हुलसते हो, और घास चरनेवाली बछिया की नाई उछलते और बलवन्त घोड़ों के समान हिनहिनाते हो,
- Isaiah 17:3–4 यशायाह 17:3–4एप्रैम के गढ़वाले नगर, और दमिश्क का राज्य और बचे हुए अरामी, तीनों भविष्य में न रहेंगे; और जो दशा इस्राएलियों के विभव की हुई वही उनकी होगी; सेनाओं के यहोवा की यही वाणी है।। और उस समय याकूब का विभव घट जाएगा, और उसकी मोटी देह दुबली हो जाएगी।
- 2 Kings 13:25 2 राजा 13:25और यहोआहाज के पुत्रा यहोआश ने हजाएल के पुत्रा बेन्हदद के हाथ से वे नगर फिर ले लिए, जिन्हें उस ने युठ्ठ करके उसके पिता यहोआहाज के हाथ से छीन लिया था। योआश ने उसको तीन बार जीतकर इस्राएल के नगर फिर ले लिए।
- Ecclesiastes 11:9 सभोपदेशक 11:9हे जवान, अपनी जवानी में आनन्द कर, और अपनी जवानी के दिनों के मगन रह; अपनी मनमानी कर और अपनी आंखों की दृष्टि के अनुसार चल। परन्तु यह जान रख कि इन सब बातों के विषय में परमेश्वर तेरा न्याय करेगा।।
- Job 31:25 अय्यूब 31:25वा अपने बहुत से धन वा अपनी बड़ी कमाई के कारण आनन्द किया होता,
- Jonah 4:6 योना 4:6तब यहोवा परमेश्वर ने एक रेंड़ का पेड़ लगाकर ऐसा बढ़ाया कि योना के सिर पर छाया हो, जिस से उसका दु:ख दूर हो। योना उस रेंड़ के पेड़ के कारण बहुत ही आनन्दित हुआ।
- Judges 16:23–25 न्यायियों 16:23–25तब पलिश्तियों के सरदार अपने दागोन नाम देवता के लिये बड़ा यज्ञ, और आनन्द करने को यह कहकर इकट्ठे हुए, कि हमारे देवता ने हमारे शत्रु शिमशोन को हमारे हाथ में कर दिया है। और जब लोगों ने उसे देखा, तब यह कहकर अपने देवता की स्तुति की, कि हमारे देवता ने हमारे शत्रु और हमारे देश के नाश करनेवाले को, जिस ने हम में से बहुतों को मार भी डाला, हमारे हाथ में कर दिया है। जब उनका मन मगन हो गया, तब उन्हों ने कहा, शिमशोन को बुलवा लो, कि वह हमारे लिये तमाशा करे। इसलिये शिमशोन बन्दीगृह में से बुलवाया गया, और उनके लिये तमाशा करने लगा, और खम्भों के बीच खड़ा कर दिया गया।