James · chapter 4 · verse 16
James 4:16 in Hindi
पर अब तुम अपनी ड़ींग पर घमण्ड करते हो; ऐसा सब घमण्ड बुरा होता है।
Par ab tum apanee deeng par ghamand karate ho; aisaa sab ghamand buraa hotaa hai.
James 4:16 in English
- King James Version (KJV)
- But now ye rejoice in your boastings: all such rejoicing is evil.
- World English Bible (WEB)
- But now you glory in your boasting. All such boasting is evil.
- American Standard Version (ASV)
- But now ye glory in your vauntings: all such glorying is evil.
- Bible in Basic English (BBE)
- But now you go on glorying in your pride: and all such glorying is evil.
- Darby Translation (DBY)
- But now ye glory in your vauntings: all such glorying is evil.
- Webster's Bible (WBS)
- But now ye rejoice in your boastings: all such rejoicing is evil.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and now ye glory in your pride; all such glorying is evil;
Read in context
- 14और यह नहीं जानते कि कल क्या होगा: सुन तो लो, तुम्हारा जीवन है ही क्या? तुम तो मानो भाप समान हो, जो थोड़ी देर दिखाई देती है, फिर लोप हो जाती है।
- 15इस के विपरीत तुम्हें यह कहना चाहिए, कि यदि प्रभु चाहे तो हम जीवित रहेंगे, और यह या वह काम भी करेंगे।
- 16पर अब तुम अपनी ड़ींग पर घमण्ड करते हो; ऐसा सब घमण्ड बुरा होता है।
- 17इसलिये जो कोई भलाई करना जानता है और नहीं करता, उसके लिये यह पाप है।।
Cross references
- Proverbs 27:1 नीतिवचन 27:1कल के दिन के विषय में मत फूल, क्योंकि तू नहीं जानता कि दिन भर में क्या होगा।
- 1 Corinthians 5:6 1 कुरिन्थियों 5:6तुम्हारा घमण्ड करना अच्छा नहीं; क्या तुम नहीं जानते, कि थोड़ा सा खमीर पूरे गूंधे हुए आटे को खमीर कर देता है।
- Psalm 52:7 भजन संहिता 52:7देखो, यह वही पुरूष है जिस ने परमेश्वर को अपनी शरण नहीं माना, परन्तु अपने धन की बहुतायत पर भरोसा रखता था, और अपने को दुष्टता में दृढ़ करता रहा!
- Proverbs 25:14 नीतिवचन 25:14जैसे बादल और पवन बिना दृष्टि निर्लाभ होते हैं, वैसे ही झूठ- मूठ दान देनेवाले का बड़ाई मारना होता है।।
- Psalm 52:1 भजन संहिता 52:1हे वीर, तू बुराई करने पर क्यों घमण्ड करता है? ईश्वर की करूणा तो अनन्त है।
- Isaiah 47:10 यशायाह 47:10तू ने अपनी दुष्टता पर भरोसा रखा, तू ने कहा, मुझे कोई नहीं देखता; तेरी बुद्धि और ज्ञान ने तुझे बहकाया और तू ने अपने मन में कहा, मैं ही हूं और मेरे सिवाय कोई दूसरा नहीं।
- Revelation 18:7 प्रकाशितवाक्य 18:7जितनी उस ने अपनी बड़ाई की और सुख- विलास किया; उतनी उस को पीड़ा, और शोक दो; क्योंकि वह अपने मन में कहती है, मैं रानी हो बैठी हूं, विधवा नहीं; और शोक में कभी न पडूंगी।
- 1 Corinthians 4:7–8 1 कुरिन्थियों 4:7–8क्योंकि तुझ में और दूसरे में कौन भेद करता है? और तेरे पास क्या है जो तू ने (दूसरे से) नहीं पाया: और जब कि तु ने (दूसरे से) पाया है, तो ऐसा घमण्ड क्यों करता है, कि मानों नही पाया? तुम तो तृप्त हो चुके; तुम धनी हो चुके, तुम ने हमारे बिना राज्य किया; परन्तु भला होता कि तुम राज्य करते कि हम भी तुम्हारे साथ राज्य करते।
- James 3:14 याकूब 3:14पर यदि तुम अपने अपने मन में कड़वी डाह और विरोध रखते हो, तो सत्य के विरोध में घमण्ड न करना, और न तो झूठ बोलना।
- Isaiah 47:7–8 यशायाह 47:7–8तू ने कहा, मैं सर्वदा स्वामिन बनी रहूंगी, सो तू ने अपने मन में इन बातों पर विचार न किया और यह भी न सोचा कि उनका क्या फल होगा।। इसलिये सुन, तू जो राग- रंग में उलझी हुई निडर बैठी रहती है और मन में कहती है कि मैं ही हूं, और मुझे छोड़ कोई दूसरा नहीं; मैं विधवा की नाईं न बैठूंगी और न मेरे लड़केबोल मिटेंगे।