Amos · chapter 8 · verse 11
Amos 8:11 in Hindi
परमेश्वर यहोवा की यह वाणी है, देखो, ऐसे दिन आते हैं, जब मैं इस देश में महंगी करूंगा; उस में ने तो अन्न की भूख और न पानी की प्यास होगी, परन्तु यहोवा के वचनों के सुनने ही की भूख प्यास होगी।
Parameshvar yahovaa kee yah vaanee hai, dekho, aise din aate haim, jab maim is desh mem mahangee karoongaa; us mem ne to ann kee bhookh aur na paanee kee pyaas hogee, parantu yahovaa ke vachanom ke sunane hee kee bhookh pyaas hogee.
Amos 8:11 in English
- King James Version (KJV)
- Behold, the days come, saith the Lord GOD, that I will send a famine in the land, not a famine of bread, nor a thirst for water, but of hearing the words of the LORD:
- World English Bible (WEB)
- Behold, the days come,” says the Lord GOD, “that I will send a famine in the land, not a famine of bread, nor a thirst for water, but of hearing the LORD’s words.
- American Standard Version (ASV)
- Behold, the days come, saith the Lord Jehovah, that I will send a famine in the land, not a famine of bread, nor a thirst for water, but of hearing the words of Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- See, the days are coming, says the Lord God, when I will send times of great need on the land, not need of food or desire for water, but for hearing the words of the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- Behold, days come, saith the Lord Jehovah, when I will send a famine in the land; not a famine of bread, nor a thirst for water, but of hearing the words of Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- Behold, the days come, saith the Lord GOD, that I will send a famine in the land, not a famine of bread, nor a thirst for water, but of hearing the words of the LORD:
- Young's Literal Translation (YLT)
- Lo, days are coming, An affirmation of the Lord Jehovah, And I have sent a famine into the land, Not a famine of bread, nor a thirst of water But of hearing the words of Jehovah.
Read in context
- 9परमेश्वर यहोवा की यह वाणी है, उस समय मैं सूर्य का दोपहर के समय अस्त करूंगा, और इस देश को दिन दुपहरी अन्धियारा कर दूंगा।
- 10मैं तुम्हारे पर्वों के उत्सव दूर करके विलाप कराऊंगा, और तुम्हारे सब गीतों को दूर करके विलाप के गीत गवाऊंगा; मैं तुम सब की कटि में टाट बंधाऊंगा, और तुम सब के सिरों को मुंड़ाऊंगा; और ऐसा विलाप कराऊंगा जैसा एकलौते के लिये होता है, और उसका अन्त कठिन दु:ख के दिन का सा होगा।।
- 11परमेश्वर यहोवा की यह वाणी है, देखो, ऐसे दिन आते हैं, जब मैं इस देश में महंगी करूंगा; उस में ने तो अन्न की भूख और न पानी की प्यास होगी, परन्तु यहोवा के वचनों के सुनने ही की भूख प्यास होगी।
- 12और लोग यहोवा के वचन की खोज में समुद्र से समुद्र तब और उत्तर से पूरब तक मारे मारे फिरेंगे, परन्तु उसको न पाएंगे।।
- 13उस समय सुन्दर कुमारियां और जवान पुरूष दोनों प्यास के मारे मूर्छा खाएंगे।
Cross references
- 1 Samuel 3:1 1 शमूएल 3:1और वह बालक शमूएल एली के साम्हने यहोवा की सेवा टहल करता था। और उन दिनों में यहोवा का वचन दुर्लभ था; और दर्शन कम मिलता था।
- Psalm 74:9 भजन संहिता 74:9हम को हमारे निशान नहीं देख पड़ते; अब कोई नबी नहीं रहा, न हमारे बीच कोई जानता है कि कब तक यह दशा रहेगी।
- 2 Chronicles 15:3 2 इतिहास 15:3बहुत दिन इस्राएल बिना सत्य परमेश्वर के और बिना सिखानेवाले याजक के और बिना ब्यवस्था के रहा।
- 1 Samuel 28:6 1 शमूएल 28:6और जब शाऊल ने यहोवा से पूछा, तब यहोवा ने न तो स्वप्न के द्वारा उस उत्तर दिया, और न ऊरीम के द्वारा, और न भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा।
- Ezekiel 7:26 यहेजकेल 7:26विपत्ति पर विपत्ति आएगी और उड़ती हुई चर्चा पर चर्चा सुनाई पड़ेगी; और लोग भविष्यद्वक्ता से दर्शन की बात पूछेंगे, परन्तु याजक के पास से व्यवस्था, और पुरनिये के पास से सम्मति देने की शक्ति जाती रहेगी।
- Matthew 9:36 मत्ती 9:36जब उस ने भीड़ को देखा तो उस को लोगों पर तरस आया, क्योंकि वे उन भेड़ों की नाई जिनका कोई रखवाला न हो, व्याकुल और भटके हुए से थे।
- Micah 3:6 मीका 3:6इस कारण तुम पर ऐसी रात आएगी, कि तुम को दर्शन न मिलेगा, और तुम ऐसे अन्धकार में पड़ोगे कि भावी न कह सकोगे। भविष्यद्वक्ताओं के लिये सूर्य अस्त होगा, और दिन रहते उन पर अन्धियारा छा जाएगा।
- Isaiah 30:20–21 यशायाह 30:20–21और चाहे प्रभु तुम्हें विपत्ति की रोटी और दु:ख का जल भी दे, तौभी तुम्हारे उपदेशक फिर न छिपें, और तुम अपनी आंखों से अपने उपदेशकों को देखते रहोगे। और जब कभी तुम दहिनी वा बाई ओर मुड़ने लगो, तब तुम्हारे पीछे से यह वचन तुम्हारे कानों में पड़ेगा, मार्ग यही है, इसी पर चलो।
- 1 Samuel 28:15 1 शमूएल 28:15शमूएल ने शाऊल से पूछा, तू ने मुझे ऊपर बुलवाकर क्यों सताया है? शाऊल ने कहा, मैं बड़े संकट में पड़ा हूं; क्योंकि पलिश्ती मेरे साथ लड़ रहे हैं और परमेश्वर ने मुझे छोड़ दिया, और अब मुझे न तो भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा उत्तर देता है, और न स्वपनों के; इसलिये मैं ने तुझे बुलाया कि तू मुझे जता दे कि मैं क्या करूं।
- Isaiah 5:6 यशायाह 5:6मैं उसे उजाड़ दूंगा; वह न तो फिर छांटी और न खोदी जाएगी और उस में भांति भांति के कटीले पेड़ उगेंगे; मैं मेघों को भी आज्ञा दूंगा कि उस पर जल न बरसाएं।।
Original words (Hebrew)
- days · H3117יוֹם yôwm
- come · H935בּוֹא bôwʼ
- saith · H5002נְאֻם nᵉʼum
- Lord · H136אֲדֹנָי ʼĂdônây
- send · H7971שָׁלַח shâlach
- famine · H7458רָעָב râʻâb
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- famine · H7458רָעָב râʻâb
- bread · H3899לֶחֶם lechem
- thirst · H6772צָמָא tsâmâʼ
- water · H4325מַיִם mayim
- hearing · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- words · H1697דָּבָר dâbâr