Colossians · chapter 1 · verse 24
Colossians 1:24 in Hindi
अब मैं उन दुखों के कारण आनन्द करता हूं, जो तुम्हारे लिये उठाता हूं, और मसीह के क्लेशों की घटी उस की देह के लिये, अर्थात् कलीसिया के लिये, अपने शरीर में पूरी किए देता हूं।
Ab maim un dukhom ke kaaran aanand karataa hoom, jo tumhaare liye uthaataa hoom, aur maseeh ke kleshom kee ghatee us kee deh ke liye, arthaat kaleesiyaa ke liye, apane shareer mem pooree kie detaa hoon.
Colossians 1:24 in English
- King James Version (KJV)
- Who now rejoice in my sufferings for you, and fill up that which is behind of the afflictions of Christ in my flesh for his body’s sake, which is the church:
- World English Bible (WEB)
- Now I rejoice in my sufferings for your sake, and fill up on my part that which is lacking of the afflictions of Christ in my flesh for his body’s sake, which is the assembly,
- American Standard Version (ASV)
- Now I rejoice in my sufferings for your sake, and fill up on my part that which is lacking of the afflictions of Christ in my flesh for his body’s sake, which is the church;
- Bible in Basic English (BBE)
- Now I have joy in my pain because of you, and in my flesh I undergo whatever is still needed to make the sorrows of Christ complete, for the salvation of his body, the church;
- Darby Translation (DBY)
- Now, I rejoice in sufferings for you, and I fill up that which is behind of the tribulations of Christ in my flesh, for his body, which is the assembly;
- Webster's Bible (WBS)
- Who now rejoice in my sufferings for you, and fill up that which is behind of the afflictions of Christ in my flesh for his body's sake, which is the church:
- Young's Literal Translation (YLT)
- I now rejoice in my sufferings for you, and do fill up the things lacking of the tribulations of the Christ in my flesh for his body, which is the assembly,
Read in context
- 22ताकि तुम्हें अपने सम्मुख पवित्रा और निष्कलंक, और निर्दोष बनाकर उपस्थित करे।
- 23यदि तुम विश्वास की नेव पर दृढ़ बने रहो, और उस सुसमाचार की आशा को जिसे तुम ने सुना है न छोड़ो, जिस का प्रचार आकाश के नीचे की सारी सृष्टि में किया गया; और जिस का मैं पौलुस सेवक बना।।
- 24अब मैं उन दुखों के कारण आनन्द करता हूं, जो तुम्हारे लिये उठाता हूं, और मसीह के क्लेशों की घटी उस की देह के लिये, अर्थात् कलीसिया के लिये, अपने शरीर में पूरी किए देता हूं।
- 25जिस का मैं परमेश्वर के उस प्रबन्ध के अनुसार सेवक बना, जो तुम्हारे लिये मुझे सौंपा गया, ताकि मैं परमेश्वर के वचन को पूरा पूरा प्रचार करूं।
- 26अर्थात् उस भेद को समयों और पीढ़ियों से गुप्त रहा, परन्तु अब उसके उन पवित्रा लोगों पर प्रगट हुआ है।
Cross references
- Romans 5:3 रोमियों 5:3केवल यही नहीं, बरन हम क्लेशों में भी घमण्ड करें, यही जानकर कि क्लेश से धीरज।
- 2 Timothy 1:8 2 तीमुथियुस 1:8इसलिये हमारे प्रभु की गवाही से, और मुझ से जो उसका कैदी हूं, लज्जित न हो, पर उस परमेश्वर की सामर्थ के अनुसार सुसमाचार के लिये मेरे साथ दुख उठा।
- 2 Corinthians 1:5–8 2 कुरिन्थियों 1:5–8क्योंकि जैसे मसीह के दुख हम को अधिक होते हैं, वैसे ही हमारी शान्ति भी मसीह के द्वारा अधिक हाती है। यदि हम क्लेश पाते हैं, तो यह तुम्हारी शान्ति और उद्धार के लिये है और यदि शान्ति पाते हैं, तो यह तुम्हारी शान्ति के लिये है; जिस के प्रभाव से तुम धीरज के साथ उन क्लेशों को सह लेते हो, जिन्हें हम भी सहते हैं। और हमारी आशा तुम्हारे विषय में दृढ़ है; क्योंकि हम जानते हैं, कि तुम जैसे दुखों के वैसे ही शान्ति के भी सहभागी हो। हे भाइयों, हम नहीं चाहते कि तुम हमारे उस क्लेश से अनजान रहो, जो आसिया में हम पर पड़ा, कि ऐसे भारी बोझ से दब गए थे, जो हमारी समर्थ से बाहर था, यहां तक कि हम जीवन से भी हाथ धो बैठे थे।
- Philippians 3:10 फिलिप्पियों 3:10और मैं उसको और उसके मृत्युंजय की सामर्थ को, और उसके साथ दुखों में सहभागी हाने के मर्म को जानू, और उस की मृत्यु की समानता को प्राप्त करूं।
- 2 Timothy 2:9–10 2 तीमुथियुस 2:9–10जिस के लिये मैं कुकर्मी की नाई दुख उठाता हूं, यहां तक कि कैद भी हूं; परन्तु परमेश्वर का वचन कैद नहीं। इस कारण मैं चुने हुए लोगों के लिये सब कुछ सहता हूं, कि वे भी उस उद्धार को जो मसीह यीशु में हैं अनन्त महिमा के साथ पाएं।
- 2 Corinthians 7:4 2 कुरिन्थियों 7:4मैं तुम से बहुत हियाव के साथ बोल रहा हूं, मुझे तुम पर बड़ा घमण्ड है: मैं शान्ति से भर गया हूं; अपने सारे क्लेश में मैं आनन्द से अति भरपूर रहता हूं।।
- Ephesians 3:13 इफिसियों 3:13इसलिये मैं बिनती करता हूं कि जो क्लेश तुम्हारे लिये मुझे हो रहे हैं, उनके कारण हियाव न छोड़ो, क्योंकि उन में तुम्हारी महिमा है।।
- James 1:2 याकूब 1:2हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो
- Matthew 5:11–12 मत्ती 5:11–12आनन्दित और मगन होना क्योंकि तुम्हारे लिये स्वर्ग में बड़ा फल है इसलिये कि उन्हों ने उन भविष्यद्वक्ताओं को जो तुम से पहिले थे इसी रीति से सताया था।। तुम पृथ्वी के नमक हो; परन्तु यदि नमक का स्वाद बिगड़ जाए, तो वह फिर किस वस्तु से नमकीन किया जाएगा?
- Acts 5:41 प्रेरितों के काम 5:41वे इस बात से आनन्दित होकर महासभा के साम्हने से चले गए, कि हम उसके नाम के लिये निरादर होने के योग्य हो ठहरे।
- 2 Corinthians 4:8–12 2 कुरिन्थियों 4:8–12हम चारों ओर से क्लेश तो भोगते हैं, पर संकट में नहीं पड़ते; निरूपाय तो हैं, पर निराश नहीं होते। सताए तो जाते हैं; पर त्यागे नहीं जाते; गिराए तो जाते हैं, पर नाश नहीं होते। हम यीशु की मृत्यु को अपनी देह में हर समय लिये फिरते हैं; कि यीशु का जीवन भी हमारी देह में प्रगट हो। क्योंकि हम जीते जी सर्वदा यीशु के कारण मृत्यु के हाथ में सौंपे जाते हैं कि यीशु का जीवन भी हमारे मरनहार शरीर में प्रगट हो। सो मृत्यु तो हम पर प्रभाव डालती है और जीवन तुम पर।
- 2 Corinthians 11:23–27 2 कुरिन्थियों 11:23–27(मैं पागल की नाई कहता हूं) मैं उन से बढ़कर हूं! अधिक परिश्रम करने में; बार बार कैद होने में; कोड़े खाते में; बार बार मृत्यु के जोखिमों में। पांच बार मैं ने यहूदियों के हाथ से उन्तालीस उन्तालीस कोड़े खाए। तीन बार मैं ने बेंतेें खाई; एक बार पत्थरवाह किया गया; तीन बार जहाज जिन पर मैं चढ़ा था, टूट गए; एक राज दिन मैं ने समुद्र में काटा। मैं बार बार यात्राओं में; नदियों के जोखिमों में; डाकुओं के जोखिमों में; अपने जातिवालों से जोखिमों में; अन्यजातियों से जोखिमों में; नगरों में के जाखिमों में; जंगल के जोखिमों में; समुद्र के जाखिमों में; झूठे भाइयों के बीच जोखिमों में; परिश्रम और कष्ट में; बार बार जागते रहने में; भूख- पियास में; बार बार उपवास करते में; जाड़े में; उघाड़े रहने में।
Original words (Greek)
- Who · G3739ὅς hós
- now · G3568νῦν nŷn
- rejoice · G5463χαίρω chaírō
- in · G1722ἐν en
- my · G3450μοῦ moû
- sufferings · G3804πάθημα páthēma
- for · G5228ὑπέρ hypér
- you · G5216ὑμῶν hymōn
- and · G2532καί kaí
- up · G466ἀνταναπληρόω antanaplēróō
- behind · G5303ὑστέρημα hystérēma
- afflictions · G2347θλῖψις thlîpsis
- Christ · G5547Χριστός Christós
- in · G1722ἐν en
- my · G3450μοῦ moû
- flesh · G4561σάρξ sárx
- for · G5228ὑπέρ hypér
- his · G846αὐτός autós
- body’s · G4983σῶμα sōma
- sake · G5228ὑπέρ hypér
- which · G3739ὅς hós
- is · G2076ἐστί estí
- church · G1577ἐκκλησία ekklēsía