2 Corinthians · chapter 11 · verse 23
2 Corinthians 11:23 in Hindi
(मैं पागल की नाई कहता हूं) मैं उन से बढ़कर हूं! अधिक परिश्रम करने में; बार बार कैद होने में; कोड़े खाते में; बार बार मृत्यु के जोखिमों में।
(maim paagal kee naaee kahataa hoon) maim un se badhakar hoom! Adhik parishram karane mem; baar baar kaid hone mem; kode khaate mem; baar baar mrutyu ke jokhimom men.
2 Corinthians 11:23 in English
- King James Version (KJV)
- Are they ministers of Christ? (I speak as a fool) I [am] more; in labours more abundant, in stripes above measure, in prisons more frequent, in deaths oft.
- World English Bible (WEB)
- Are they servants of Christ? (I speak as one beside himself.) I am more so: in labors more abundantly, in prisons more abundantly, in stripes above measure, and in deaths often.
- American Standard Version (ASV)
- Are they ministers of Christ? (I speak as one beside himself) I more; in labors more abundantly, in prisons more abundantly, in stripes above measure, in deaths oft.
- Bible in Basic English (BBE)
- Are they servants of Christ? (I am talking foolishly) I am more so; I have had more experience of hard work, of prisons, of blows more than measure, of death.
- Darby Translation (DBY)
- Are they ministers of Christ? (I speak as being beside myself) I above measure [so]; in labours exceedingly abundant, in stripes to excess, in prisons exceedingly abundant, in deaths oft.
- Webster's Bible (WBS)
- Are they ministers of Christ? (I speak as a fool) I [am] more; in labors more abundant, in stripes above measure, in prisons more frequent, in deaths often.
- Young's Literal Translation (YLT)
- ministrants of Christ are they? — as beside myself I speak — I more; in labours more abundantly, in stripes above measure, in prisons more frequently, in deaths many times;
Read in context
- 21मेरा कहता अनादर की रीति पर है, मानो कि हम निर्बल से थे; परन्तु जिस किसी बात में कोई हियाव करता है (मैं मूर्खता से कहता हूं) तो मैं भी हियाव करता हूं।
- 22क्या वे ही इब्रानी हैं? मैं भी हूं: क्या वे ही इब्राहीम के वंश के हैं? मैं भी हूं: क्या वे ही मसीह के सेवक हैं?
- 23(मैं पागल की नाई कहता हूं) मैं उन से बढ़कर हूं! अधिक परिश्रम करने में; बार बार कैद होने में; कोड़े खाते में; बार बार मृत्यु के जोखिमों में।
- 24पांच बार मैं ने यहूदियों के हाथ से उन्तालीस उन्तालीस कोड़े खाए।
- 25तीन बार मैं ने बेंतेें खाई; एक बार पत्थरवाह किया गया; तीन बार जहाज जिन पर मैं चढ़ा था, टूट गए; एक राज दिन मैं ने समुद्र में काटा।
Cross references
- 2 Corinthians 6:4–5 2 कुरिन्थियों 6:4–5परन्तु हर बात में परमेश्वर के सेवकों की नाई अपने सद्गुणों को प्रगट करते हैं, बड़े धैर्य से, क्लेशों से, दरिद्रता से, संकटो से। कोड़े खाने से, कैद होने से, हुल्लड़ों से, परिश्रम से, जागते रहने से, उपवास करने से।
- 2 Corinthians 6:9 2 कुरिन्थियों 6:9अनजानों के सदृश्य हैं; तौभी प्रसिद्ध हैं; मरते हुओं के ऐसे हैं और देखों जीवित हैं; मारखानेवालों के सदृश हैं परन्तु प्राण से मारे नहीं जाते।
- Colossians 1:24 कुलुस्सियों 1:24अब मैं उन दुखों के कारण आनन्द करता हूं, जो तुम्हारे लिये उठाता हूं, और मसीह के क्लेशों की घटी उस की देह के लिये, अर्थात् कलीसिया के लिये, अपने शरीर में पूरी किए देता हूं।
- 2 Corinthians 1:9–10 2 कुरिन्थियों 1:9–10बरन हम ने अपने मन में समझ लिया था, कि हम पर मृत्यु की आज्ञा हो चुकी है कि हम अपना भरोसा न रखें, बरन परमेश्वर का जो मरे हुओं को जिलाता है। उसी ने हमें ऐसी बड़ी मृत्यु से बचाया, और बचाएगा; और उस से हमारी यह आशा है, कि वह आगे को भी बचाता रहेगा।
- 2 Corinthians 11:24–25 2 कुरिन्थियों 11:24–25पांच बार मैं ने यहूदियों के हाथ से उन्तालीस उन्तालीस कोड़े खाए। तीन बार मैं ने बेंतेें खाई; एक बार पत्थरवाह किया गया; तीन बार जहाज जिन पर मैं चढ़ा था, टूट गए; एक राज दिन मैं ने समुद्र में काटा।
- 1 Corinthians 15:10 1 कुरिन्थियों 15:10परन्तु मैं जो कुछ भी हूं, परमेश्वर के अनुग्रह से हूं: और उसका अनुग्रह जो मुझ पर हुआ, वह व्यर्थ नहीं हुआद्ध परनतु मैं ने उन सब से बढ़कर परिश्रम भी किया: तौभी यह मेरी ओर से नहीं हुआ परन्तु परमेश्वर के अनुग्रह से जो मुझ पर था।
- Acts 9:16 प्रेरितों के काम 9:16और मैं उसे बताऊंगा, कि मेरे नाम के लिये उसे कैसा कैसा दुख उठाना पड़ेगा।
- 2 Corinthians 3:6 2 कुरिन्थियों 3:6जिस ने हमें नई वाचा के सेवक होने के योग्य भी किया, शब्द के सेवक नहीं बरन आत्मा के; क्योंकि शब्द मारता है, पर आत्मा जिलाता है।
- Colossians 1:29 कुलुस्सियों 1:29और इसी के लिये मैं उस की उस शक्ति के अनुसार जो मुझ में सामर्थ के साथ प्रभाव डालती है तन मन लगाकर परिश्रम भी करता हूं।
- 2 Timothy 2:9 2 तीमुथियुस 2:9जिस के लिये मैं कुकर्मी की नाई दुख उठाता हूं, यहां तक कि कैद भी हूं; परन्तु परमेश्वर का वचन कैद नहीं।
- Ephesians 6:20 इफिसियों 6:20और यह भी कि मैं उस के विषय में जैसा मुझे चाहिए हियाव से बोलूं।।
- 1 Corinthians 15:30–32 1 कुरिन्थियों 15:30–32और हम भी क्यों हर घड़ी जाखिम में पड़े रहते हैं? हे भाइयो, मुझे उस घमण्ड की सोंह जो हमारे मसीह यीशु में मैं तुम्हारे विषय में करता हूं, कि मैं प्रति दिन मरता हूं। यदि मैं मनुष्य की रीति पर इफिसुस में बन- पशुओं से लड़ा, तो मुझे क्या लाभ हुआ? यदि मुर्दे जिलाए नहीं जाएंगे, तो आओ, खाए- पीए, क्योंकि कल तो मर ही जाएंगे।
Original words (Greek)
- they · G1526εἰσί eisí
- ministers · G1249διάκονος diákonos
- Christ · G5547Χριστός Christós
- I · G1473ἐγώ egṓ
- speak · G2980λαλέω laléō
- fool · G3912παραφρονέω paraphronéō
- I · G5228ὑπέρ hypér
- more · G5228ὑπέρ hypér
- in · G1722ἐν en
- labours · G2873κόπος kópos
- abundant · G4056περισσοτέρως perissotérōs
- in · G1722ἐν en
- stripes · G4127πληγή plēgḗ
- measure · G5234ὑπερβαλλόντως hyperballóntōs
- in · G1722ἐν en
- prisons · G5438φυλακή phylakḗ
- frequent · G4056περισσοτέρως perissotérōs
- in · G1722ἐν en
- deaths · G2288θάνατος thánatos
- oft · G4178πολλάκις pollákis