Colossians · chapter 1 · verse 6
Colossians 1:6 in Hindi
जो तुम्हारे पास पहुंचा है और जैसा जगत में भी फल लाता, और बढ़ता जाता है; अर्थात् जिस दिन से तुम ने उस को सुना, और सच्चाई से परमेश्वर का अनुग्रह पहिचाना है, तुम में भी ऐसा ही करता है।
Jo tumhaare paas pahunchaa hai aur jaisaa jagat mem bhee phal laataa, aur badhataa jaataa hai; arthaat jis din se tum ne us ko sunaa, aur sachchaaee se parameshvar kaa anugrah pahichaanaa hai, tum mem bhee aisaa hee karataa hai.
Colossians 1:6 in English
- King James Version (KJV)
- Which is come unto you, as [it is] in all the world; and bringeth forth fruit, as [it doth] also in you, since the day ye heard [of it], and knew the grace of God in truth:
- World English Bible (WEB)
- which has come to you, even as it is in all the world and is bearing fruit and growing, as it does in you also, since the day you heard and knew the grace of God in truth,
- American Standard Version (ASV)
- which is come unto you; even as it is also in all the world bearing fruit and increasing, as [it doth] in you also, since the day ye heard and knew the grace of God in truth;
- Bible in Basic English (BBE)
- Which has come to you; and which in all the world is giving fruit and increase, as it has done in you from the day when it came to your ears and you had true knowledge of the grace of God;
- Darby Translation (DBY)
- which are come to you, as [they are] in all the world, [and] are bearing fruit and growing, even as also among you, from the day ye heard [them] and knew indeed the grace of God, in truth:
- Webster's Bible (WBS)
- Which is come to you, as [it is] in all the world; and bringeth forth fruit, as [it doth] also in you, since the day ye heard [of it] , and knew the grace of God in truth:
- Young's Literal Translation (YLT)
- which is present to you, as also in all the world, and is bearing fruit, as also in you, from the day in which ye heard, and knew the grace of God in truth;
Read in context
- 4क्योंकि हम ने सुना है, कि मसीह यीशु पर तुम्हारा विश्वास है, और सब पवित्रा लोगों से प्रेम रखते हो।
- 5उस आशा की हुई वस्तु के कारण जो तुम्हारे लिये स्वर्ग में रखी हुई है, जिस का वर्णन तुम उस सुसमाचार के सत्य वचन में सुन चुके हो।
- 6जो तुम्हारे पास पहुंचा है और जैसा जगत में भी फल लाता, और बढ़ता जाता है; अर्थात् जिस दिन से तुम ने उस को सुना, और सच्चाई से परमेश्वर का अनुग्रह पहिचाना है, तुम में भी ऐसा ही करता है।
- 7उसी की शिक्षा तुम ने हमारे प्रिय सहकर्मी इपफ्रास से पाई, जो हमारे लिये मसीह का विश्वासयोग्य सेवक है।
- 8उसी ने तुम्हारे प्रेम को जो आत्मा में है हम पर प्रगट किया।।
Cross references
- John 15:16 यूहन्ना 15:16तुम ने मुझे नहीं चुना परन्तु मैं ने तुम्हें चुना है और तुम्हें ठहराया ताकि तुम जाकर फल लाओ; और तुम्हारा फल बना रहे, कि तुम मेरे नाम से जो कुछ पिता से मांगो, वह तुम्हें दे।
- Philippians 1:11 फिलिप्पियों 1:11और उस धार्मिकता के फल से जो यीशु मसीह के द्वारा होते हैं, भरपूर होते जाओ जिस से परमेश्वर की महिमा और स्तुति होती रहे।।
- Colossians 1:23 कुलुस्सियों 1:23यदि तुम विश्वास की नेव पर दृढ़ बने रहो, और उस सुसमाचार की आशा को जिसे तुम ने सुना है न छोड़ो, जिस का प्रचार आकाश के नीचे की सारी सृष्टि में किया गया; और जिस का मैं पौलुस सेवक बना।।
- Romans 16:26 रोमियों 16:26परन्तु अब प्रगट होकर सनातन परमेश्वर की आज्ञा से भविष्यद्वक्ताओं की पुस्तकों के द्वारा सब जातियों को बताया गया है, कि वे विश्वास से आज्ञा माननेवाले हो जाएं।
- 1 Peter 5:12 1 पतरस 5:12मैं ने सिलवानुस के हाथ, जिस मैं विश्वासयोग्य भाई समझता हूं, संक्षेप में लिखकर तुम्हें समझाया है और यह गवाही दी है कि परमेश्वर का सच्चा अनुग्रह यही है, इसी में स्थिर रहो।
- Romans 10:17–18 रोमियों 10:17–18सो विश्वास सुनने से, और सुनना मसीह के वचन से होता है। परन्तु मैं कहता हूं, क्या उन्हों ने नहीं सुना? सुना तो सही क्योंकि लिखा है कि उन के स्वर सारी पृथ्वी पर, और उन के वचन जगत की छोर तक पहुंच गए हैं।
- Titus 2:11–12 तीतुस 2:11–12क्योंकि परमेश्वर का अनुग्रह प्रगट है, जो सब मनुष्यों के उद्धार का कारण है। और हमें चिताता है, कि हम अभक्ति और सांसारिक अभिलाषाओं से मन फेरकर इस युग में संयम और धर्म और भक्ति से जीवन बिताएं।
- Romans 1:13 रोमियों 1:13और हे भाइयों, मैं नहीं चाहता, कि तुम इस से अनजान रहो, कि मैं ने बार बार तुम्हारे पास आना चाहा, कि जैसा मुझे और अन्यजातियों में फल मिला, वैसा ही तुम में भी मिले, परन्तु अब तक रूका रहा।
- Mark 16:15 मरकुस 16:15और उस ने उन से कहा, तुम सारे जगत में जाकर सारी सृष्टि के लोगों को सुसमाचार प्रचार करो।
- Acts 12:24 प्रेरितों के काम 12:24परन्तु परमेश्वर का वचन बढ़ता और फैलता गया।।
- Psalm 98:3 भजन संहिता 98:3उस ने इस्राएल के घराने पर की अपनी करूणा और सच्चाई की सुधि ली, और पृथ्वी के सब दूर दूर देशों ने हमारे परमेश्वर का किया हुआ उद्धार देखा है।।
- 1 Peter 1:2–3 1 पतरस 1:2–3और परमेश्वर पिता के भविष्य ज्ञान के अनुसार, आत्मा के पवित्र करने के द्वारा आज्ञा मानने, और यीशु मसीह के लोहू के छिड़के जाने के लिये चुने गए हैं। तुम्हें अत्यन्त अनुग्रह और शान्ति मिलती रहे॥ हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद दो, जिस ने यीशु मसीह के हुओं में से जी उठने के द्वारा, अपनी बड़ी दया से हमें जीवित आशा के लिये नया जन्म दिया।
Original words (Greek)
- come · G3918πάρειμι páreimi
- unto · G1519εἰς eis
- you · G5209ὑμᾶς hymâs
- as · G2531καθώς kathṓs
- in · G1722ἐν en
- all · G3956πᾶς pâs
- world · G2889κόσμος kósmos
- and · G2532καί kaí
- fruit · G2592καρποφορέω karpophoréō
- as · G2531καθώς kathṓs
- also · G2532καί kaí
- in · G1722ἐν en
- you · G5213ὑμῖν hymîn
- since · G575ἀπό apó
- day · G2250ἡμέρα hēméra
- heard · G191ἀκούω akoúō
- and · G2532καί kaí
- knew · G1921ἐπιγινώσκω epiginṓskō
- grace · G5485χάρις cháris
- God · G2316θεός theós
- in · G1722ἐν en
- truth · G225ἀλήθεια alḗtheia