Colossians · chapter 3 · verse 12
Colossians 3:12 in Hindi
इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं की नाईं जो पवित्रा और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो।
Isaliye parameshvar ke chune huom kee naaeem jo pavitraa aur priy haim, badee karoonaa, aur bhalaaee, aur deenataa, aur namrataa, aur sahanasheelataa dhaaran karo.
Colossians 3:12 in English
- King James Version (KJV)
- Put on therefore, as the elect of God, holy and beloved, bowels of mercies, kindness, humbleness of mind, meekness, longsuffering;
- World English Bible (WEB)
- Put on therefore, as God’s chosen ones, holy and beloved, a heart of compassion, kindness, lowliness, humility, and perseverance;
- American Standard Version (ASV)
- Put on therefore, as God’s elect, holy and beloved, a heart of compassion, kindness, lowliness, meekness, longsuffering;
- Bible in Basic English (BBE)
- As saints of God, then, holy and dearly loved, let your behaviour be marked by pity and mercy, kind feeling, a low opinion of yourselves, gentle ways, and a power of undergoing all things;
- Darby Translation (DBY)
- Put on therefore, as [the] elect of God, holy and beloved, bowels of compassion, kindness, lowliness, meekness, longsuffering;
- Webster's Bible (WBS)
- Put on therefore, as the elect of God, holy and beloved, bowels of mercies, kindness, humbleness of mind, meekness, long-suffering;
- Young's Literal Translation (YLT)
- Put on, therefore, as choice ones of God, holy and beloved, bowels of mercies, kindness, humble-mindedness, meekness, long-suffering,
Read in context
- 10और नए मनुष्यत्व को पहिन लिया है जो अपने सृजनहार के स्वरूप के अनुसार ज्ञान प्राप्त करने के लिये नया बनता जाता है।
- 11उस में न तो यूनानी रहा, न यहूदी, न खतना, न खतनारहित, न जंगली, न स्कूती, न दास और न स्वतंत्रा: केवल मसीह सब कुछ और सब में है।।
- 12इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं की नाईं जो पवित्रा और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो।
- 13और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो।
- 14और इन सब के ऊपर प्रेम को जो सिद्धता का कटिबन्ध है बान्ध लो।
Cross references
- Ephesians 4:32 इफिसियों 4:32और एक दूसरे पर कृपाल, और करूणामय हो, और जैसे परमेश्वर ने मसीह में तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी एक दूसरे के अपराध क्षमा करो।।
- Ephesians 4:2 इफिसियों 4:2अर्थात् सारी दीनता और नम्रता सहित, और धीरज धरकर प्रेम से एक दूसरे को सह लो।
- 1 John 4:19 1 यूहन्ना 4:19हम इसलिये प्रेम करते हैं, कि पहिले उस ने हम से प्रेम किया।
- 2 Peter 1:5–8 2 पतरस 1:5–8और इसी कारण तुम सब प्रकार का यत्न करके, अपने विश्वास पर सद्गुण, और सद्गुण पर समझ। और समझ पर संयम, और संयम पर धीरज, और धीरज पर भक्ति। और भक्ति पर भाईचारे की प्रीति, और भाईचारे की प्रीति पर प्रेम बढ़ाते जाओ। क्योंकि यदि ये बातें तुम में वर्तमान रहें, और बढ़ती जाएं, तो तुम्हें हमारे प्रभु यीशु मसीह के पहचानने में निकम्मे और निष्फल न होने देंगी।
- Galatians 5:22–23 गलातियों 5:22–23पर आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, मेल, धीरज, और कृपा, भालाई, विश्वास, नम्रता, और संयम हैं; ऐसे ऐसे कामों के विरोध में कोई व्यवस्था नहीं।
- Colossians 3:10 कुलुस्सियों 3:10और नए मनुष्यत्व को पहिन लिया है जो अपने सृजनहार के स्वरूप के अनुसार ज्ञान प्राप्त करने के लिये नया बनता जाता है।
- 2 Peter 1:10 2 पतरस 1:10इस कारण हे भाइयों, अपने बुलाए जाने, और चुन लिये जाने को सिद्ध करने का भली भांति यत्न करते जाओ, क्योंकि यदि ऐसा करोगे, तो कभी भी ठोकर न खाओगे।
- James 3:17–18 याकूब 3:17–18पर जो ज्ञान ऊपर से आता है वह पहिले तो पवित्रा होता है फिर मिलनसार, कोमल और मृदुभाव और दया, और अच्छे फलों से लदा हुआ और पक्षपात और कपट रहित होता है। और मिलाप करानेवालों के लिये धार्मिकता का फल मेल- मिलाप के साथ बोया जाता है।।
- 1 Peter 3:8–11 1 पतरस 3:8–11निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखनेवाले, और करूणामय, और नम्र बनो। बुराई के बदले बुराई मत करो; और न गाली के बदले गाली दो; पर इस के विपरीत आशीष ही दो: क्योंकि तुम आशीष के वारिस होने के लिये बुलाए गए हो। क्योंकि जो कोई जीवन की इच्छा रखता है, और अच्छे दिन देखना चाहता है, वह अपनी जीभ को बुराई से, और अपने होंठों को छल की बातें करने से रोके रहे। वह बुराई का साथ छोड़े, और भलाई की करे; वह मेल मिलाप को ढूंढ़े, और उस के यत्न में रहे।
- Romans 12:9–10 रोमियों 12:9–10प्रेम निष्कपट हो; बुराई से घृणा करो; भलाई मे लगे रहो। भाईचारे के प्रेम से एक दूसरे पर मया रखो; परस्पर आदर करने में एक दूसरे से बढ़ चलो।
- 1 Thessalonians 5:15 1 थिस्सलुनीकियों 5:15सावधान! कोई किसी से बुराई के बदले बुराई न करे; पर सदा भलाई करने पर तत्पर रहो आपस में और सब से भी भलाई ही की चेष्टा करो।
- 1 John 3:14–20 1 यूहन्ना 3:14–20हम जानते हैं, कि हम मृत्यु से पार होकर जीवन में पहुंचे हैं; क्योंकि हम भाइयों से प्रेम रखते हैं: जो प्रेम नहीं रखता, वह मृत्यु की दशा में रहता है। जो कोई अपने भाई से बैर रखता है, वह हत्यारा है; और तुम जानते हो, कि किसी हत्यारे में अनन्त जीवन नहीं रहता। हम ने प्रेम इसी से जाना, कि उस ने हमारे अपने प्राण दे दिए; और हमें भी भाइयों के लिये प्राण देना चाहिए। पर जिस किसी के पास संसार की संपत्ति हो और वह अपने भाई को कंगाल देखकर उस पर तरस न खाना चाहे, तो उस में परमेश्वर का प्रेम क्योंकर बना रह सकता है? हे बालको, हम वचन और जीभ ही से नहीं, पर काम और सत्य के द्वारा भी प्रेम करें। इसी से हम जानेंगे, कि हम सत्य के हैं; और जिस बात में हमारा मन हमें दोष देगा, उसे विषय में हम उसके साम्हने अपने अपने मन को ढाढ़स दे सकेंगे। क्योंकि परमेश्वर हमारे मन से बड़ा है; और सब कुछ जानता है।
Original words (Greek)
- on · G1746ἐνδύω endýō
- therefore · G3767οὖν oûn
- as · G5613ὡς hōs
- elect · G1588ἐκλεκτός eklektós
- God · G2316θεός theós
- holy · G40ἅγιος hágios
- and · G2532καί kaí
- beloved · G25ἀγαπάω agapáō
- bowels · G4698σπλάγχνον splánchnon
- mercies · G3628οἰκτιρμός oiktirmós
- kindness · G5544χρηστότης chrēstótēs
- mind · G5012ταπεινοφροσύνη tapeinophrosýnē
- meekness · G4236πρᾳότης praiótēs
- longsuffering · G3115μακροθυμία makrothymía