Romans · chapter 12 · verse 9
Romans 12:9 in Hindi
प्रेम निष्कपट हो; बुराई से घृणा करो; भलाई मे लगे रहो।
Prem nishkapat ho; buraaee se ghrunaa karo; bhalaaee me lage raho.
Romans 12:9 in English
- King James Version (KJV)
- [Let] love be without dissimulation. Abhor that which is evil; cleave to that which is good.
- World English Bible (WEB)
- Let love be without hypocrisy. Abhor that which is evil. Cling to that which is good.
- American Standard Version (ASV)
- Let love be without hypocrisy. Abhor that which is evil; cleave to that which is good.
- Bible in Basic English (BBE)
- Let love be without deceit. Be haters of what is evil; keep your minds fixed on what is good.
- Darby Translation (DBY)
- Let love be unfeigned; abhorring evil; cleaving to good:
- Webster's Bible (WBS)
- [Let] love be without dissimulation. Abhor that which is evil; cleave to that which is good.
- Young's Literal Translation (YLT)
- The love unfeigned: abhorring the evil; cleaving to the good;
Read in context
- 7यदि सेवा करने का दान मिला हो, तो सेवा में लगा रहे, यदि कोई सिखानेवाला हो, तो सिखाने में लगा रहे।
- 8जो उपदेशक हो, वह उपदेश देने में लगा रहे; दान देनेवाला उदारता से दे, जो अगुआई करे, वह उत्साह से करे, जो दया करे, वह हर्ष से करे।
- 9प्रेम निष्कपट हो; बुराई से घृणा करो; भलाई मे लगे रहो।
- 10भाईचारे के प्रेम से एक दूसरे पर मया रखो; परस्पर आदर करने में एक दूसरे से बढ़ चलो।
- 11प्रयत्न करने में आलसी न हो; आत्मिक उन्माद में भरो रहो; प्रभु की सेवा करते रहो।
Cross references
- Psalm 34:14 भजन संहिता 34:14बुराई को छोड़ और भलाई कर; मेल को ढूंढ और उसी का पीछा कर।।
- 1 Peter 4:8 1 पतरस 4:8और सब में श्रेष्ठ बात यह है कि एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो; क्योंकि प्रेम अनेक पापों को ढ़ाप देता है।
- 1 Timothy 1:5 1 तीमुथियुस 1:5आज्ञा का सारांश यह है, कि शुद्ध मन और अच्छे विवेक, और कपटरहित विश्वास से प्रेम उत्पन्न हो।
- 1 John 3:18–20 1 यूहन्ना 3:18–20हे बालको, हम वचन और जीभ ही से नहीं, पर काम और सत्य के द्वारा भी प्रेम करें। इसी से हम जानेंगे, कि हम सत्य के हैं; और जिस बात में हमारा मन हमें दोष देगा, उसे विषय में हम उसके साम्हने अपने अपने मन को ढाढ़स दे सकेंगे। क्योंकि परमेश्वर हमारे मन से बड़ा है; और सब कुछ जानता है।
- 1 Peter 3:10–11 1 पतरस 3:10–11क्योंकि जो कोई जीवन की इच्छा रखता है, और अच्छे दिन देखना चाहता है, वह अपनी जीभ को बुराई से, और अपने होंठों को छल की बातें करने से रोके रहे। वह बुराई का साथ छोड़े, और भलाई की करे; वह मेल मिलाप को ढूंढ़े, और उस के यत्न में रहे।
- 1 Thessalonians 5:21 1 थिस्सलुनीकियों 5:21सब बातों को परखो: जो अच्छी है उसे पकड़े रहो।
- Psalm 101:3 भजन संहिता 101:3मैं किसी आछे काम पर चित्त न लगाऊंगा।। मैं कुमार्ग पर चलनेवालों के काम से घिन रखता हूं; ऐसे काम में मैं न लगूंगा।
- Amos 5:15 आमोस 5:15बुराई से बैर और भलाई से प्रीति रखो, और फाटक में न्याय को स्थिर करो; क्या जाने सेनाओं का परमेश्वर यहोवा यूसुफ से बचे हुओं पर अनुग्रह करे।।
- 1 Peter 1:22 1 पतरस 1:22सो जब कि तुम ने भाईचारे की निष्कपट प्रीति के निमित्त सत्य के मानने से अपने मनों को पवित्र किया है, तो तन मन लगा कर एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो।
- Hebrews 12:14 इब्रानियों 12:14सब से मेल मिलाप रखने, और उस पवित्राता के खोजी हो जिस के बिना कोई प्रभु को कदापि न देखेगा।
- Psalm 97:10 भजन संहिता 97:10हे यहोवा के प्रेमियों, बुराई से घृणा करो; वह अपने भक्तों के प्राणो की रक्षा करता, और उन्हें दुष्टों के हाथ से बचाना है।
- Proverbs 8:13 नीतिवचन 8:13यहोवा का भय मानना बुराई से बैर रखना है। घमण्ड, अंहकार, और बुरी चाल से, और उलट फेर की बात से भी मैं बैर रखती हूं।