Daniel · chapter 1 · verse 8
Daniel 1:8 in Hindi
परन्तु दानिरयेल ने अपने मन में ठान लिया कि वह राजा का भोजन खाकर, और उसके पीने का दाखमधु पीकर अपवित्रा न होए; इसलिये उस ने खोजों के प्रधान से बिनती की कि उसे अपवित्रा न होना पड़े।
Parantu daanirayel ne apane man mem thaan liyaa ki vah raajaa kaa bhojan khaakar, aur usake peene kaa daakhamadhu peekar apavitraa na hoe; isaliye us ne khojom ke pradhaan se binatee kee ki use apavitraa na honaa pade.
Daniel 1:8 in English
- King James Version (KJV)
- But Daniel purposed in his heart that he would not defile himself with the portion of the king’s meat, nor with the wine which he drank: therefore he requested of the prince of the eunuchs that he might not defile himself.
- World English Bible (WEB)
- But Daniel purposed in his heart that he would not defile himself with the king’s delicacies, nor with the wine which he drank. Therefore he requested of the prince of the eunuchs that he might not defile himself.
- American Standard Version (ASV)
- But Daniel purposed in his heart that he would not defile himself with the king’s dainties, nor with the wine which he drank: therefore he requested of the prince of the eunuchs that he might not defile himself.
- Bible in Basic English (BBE)
- And Daniel had come to the decision that he would not make himself unclean with the king's food or wine; so he made a request to the captain of the unsexed servants that he might not make himself unclean.
- Darby Translation (DBY)
- And Daniel purposed in his heart that he would not pollute himself with the king's delicate food, nor with the wine which he drank; and he requested of the prince of the eunuchs that he might not have to pollute himself.
- Webster's Bible (WBS)
- But Daniel purposed in his heart that he would not defile himself with the portion of the king's food, nor with the wine which he drank: therefore he requested of the prince of the eunuchs that he might not defile himself.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Daniel purposeth in his heart that he will not pollute himself with the king's portion of food, and with the wine of his drinking, and he seeketh of the chief of the eunuchs that he may not pollute himself.
Read in context
- 6उन में यहूदा की सन्तान से चुने हुए, दानिरयेल, हनन्याह, मीशाएल, और अजर्याह नाम यहूदी थे।
- 7और खोजों के प्रधान ने उनके दूसरे नाम रखें; अर्थात् दानिरयेल का नाम रखे; अर्थात् दानिरयेल का नाम उस ने बेलतशस्सर, हनन्याह का शद्रक, मीशाएल का मेशक, और अजर्याह का नाम अबेदनगो रखा।।
- 8परन्तु दानिरयेल ने अपने मन में ठान लिया कि वह राजा का भोजन खाकर, और उसके पीने का दाखमधु पीकर अपवित्रा न होए; इसलिये उस ने खोजों के प्रधान से बिनती की कि उसे अपवित्रा न होना पड़े।
- 9परमेश्वर ने खोजों के प्रधान के मन में दानिरयेल के प्रति कृपा और दया भर दी।
- 10और खोजों के प्रधान ने दानिरयेल से कहा, मैं अपने स्वामी राजा से डरता हूं, क्योंकि तुम्हारा खाना- पीना उसी ने ठहराया है, कहीं ऐसा न हो कि वह तेरा मुंह तेरे संगी के जवानों से उतरा हुआ और उदास देखे और तुम मेरा सिर राजा के साम्हने जाखिम में डालो।
Cross references
- Psalm 141:4 भजन संहिता 141:4मेरा मन किसी बुरी बात की ओर फिरने न दे; मैं अनर्थकारी पुरूषों के संग, दुष्ट कामों में न लगूं, और मै उनके स्वादिष्ट भोजनवस्तुओं में से कुछ न खाऊं!
- Leviticus 11:45–47 लैव्यव्यवस्था 11:45–47क्योंकि मैं वह यहोवा हूं जो तुम्हें मि देश से इसलिये निकाल ले आया हूं कि तुम्हारा परमेश्वर ठहरूं; इसलिये तुम पवित्रा बनो, क्योंकि मैं पवित्रा हूं।। पशुओं, पक्षियों, और सब जलचरी प्राणियों, और पृथ्वी पर सब रेंगनेवाले प्राणियों के विषय में यही व्यवस्था है, कि शुद्ध अशुद्ध और भक्षय और अभक्षय जीवधारियों में भेद किया जाए।।
- 1 Corinthians 10:18–21 1 कुरिन्थियों 10:18–21जो शरीर के भाव से इस्त्राएली हैं, उन को देखो: क्या बलिदानों के खानेवाले वेदी के सहभागी नहीं? फिर मैं क्या कहता हूं? क्या यह कि मूरत का बलिदान कुछ है, या मूरत कुछ है? नहीं, बरन यह, कि अन्यजाति जो बलिदान करते हैं, वे परमेश्वर के लिये नहीं, परन्तु दुष्टात्माओं के लिये बलिदान करते हैं: और मैं नहीं चाहता, कि तुम दुष्टात्माओं के सहभागी हो। तुम प्रभु के कटोरे, और दुष्टात्माओं के कटोरे दानों में से नहीं पी सकते! तुम प्रभु की मेज और दुष्टात्माओं की मेज दानों के साझी नहीं हो सकते।
- Ezekiel 4:13–14 यहेजकेल 4:13–14फिर यहोवा ने कहा, इसी प्रकार से इस्राएल उन जातियों के बीच अपनी अपनी रोटी अशुठ्ठता से खाया करेंगे, जहां में उन्हें बरबस पहुंचाऊंगा। तब मैं ने कहा, हाय, यहोवा परमेश्वर देख, मेरा मन कभी अशुठ्ठ नहीं हुआ, और न मैं ने बचपन से लेकर अब तक अपनी मृत्यु से मरे हुए वा फाड़े हुए पशु का मांस खाया, और न किसी प्रकार का घिनौना मांस मेरे पुंह में कभी गया है।
- 1 Corinthians 7:37 1 कुरिन्थियों 7:37परन्तु जो मन में दृढ़ रहता है, और उस को प्रयोजन न हो, बरन अपनी इच्छा पूरी करने में अधिकार रखता हो, और अपने मन में यह बात ठान ली हो, कि मैं अपनी कुंवारी लड़की को बिन ब्याही रखूंगा, वह अच्छा करता है।
- Psalm 119:115 भजन संहिता 119:115हे कुकर्मियों, मुझ से दूर हो जाओ, कि मैं अपने परमेश्वर की आज्ञाओं को पकड़े रहूं।
- Hosea 9:3–4 होशे 9:3–4वे यहोवा के देश में रहने न पाएंगे; परन्तु एप्रैम मि में लौट जाएगा, और वे अश्शूर में अशुद्ध वस्तुएं खाएंगे।। वे यहोवा के लिये दाखमधु का अर्ध न देंगे, और न उनके बलिदान उसको भाएंगे। उनकी रोटी शोक करनेवालों का सा भोजन ठहरेगी; जितने उसे खाएंगे सब अशुद्ध हो जाएंगे; क्योंकि उनकी भोजनवसतु उनकी भूख बुझाने ही के लिये होगी; वह यहोवा के भवन में न आ सकेगी।।
- 1 Corinthians 8:7–10 1 कुरिन्थियों 8:7–10परन्तु सब को यह ज्ञान नही; परन्तु कितने तो अब तक मूरत को कुछ समझने के कारण मूरतों के साम्हने बलि की हुई को कुछ वस्तु समझकर खाते हैं, और उन का विवेक निर्बल होकर अशुद्ध होता है। भेजन हमें परमेश्वर के निकट नहीं पहुंचाता, यदि हम न खांए, तो हमारी कुछ हानि नहीं, और यदि खाएं, तो कुछ लाभ नहीं। परन्तु चौकस रहो, ऐसा न हो, कि तुम्हारी यह स्वतंत्राता कहीं निर्बलों के लिये ठोकर का कारण हो जाए। क्योंकि यदि कोई तुझ ज्ञानी को मूरत के मन्दिर में भोजन करते देखे, और वह निर्बल जन हो, तो क्या उसके विवेक में मूरत के साम्हने बलि की हुई वस्तु के खाने का हियाव न हो जाएगा।
- Psalm 119:106 भजन संहिता 119:106मैं ने शपथ खाई, और ठाना भी है कि मैं तेरे धर्मपय नियमों के अनुसार चलूंगा।
- Romans 14:15–17 रोमियों 14:15–17यदि तेरा भाई तेरे भोजन के कारण उदास होता है, तो फिर तू प्रेम की रीति से नहीं चलता: जिस के लिये मसीह मरा उस को तू अपने भोजन के द्वारा नाश न कर। अब तुम्हारी भलाई की निन्दा न होने पाए। क्योंकि परमशॆवर का राज्या खानापीना नहीं; परन्तु धर्म और मिलाप और वह आनन्द है;
- Daniel 1:5 दानिय्येल 1:5और राजा ने आज्ञा दी कि उसके भोजन और पीने के दाखमधु में से उन्हें प्रतिदिन खाने- पीने को दिया जाए। इस प्रकार तीन वर्ष तक उनका पालन पोषण होता रहे; तब उसके बाद वे राजा के साम्हने हाजिर किए जाएं।
- 1 Corinthians 10:28–31 1 कुरिन्थियों 10:28–31परन्तु यदि कोई तुम से कहे, यह तो मूरत को बलि की हुई वस्तु है, तो उसी बतानेवाले के कारण, और विवेक के कारण न खाओ। मेरा मतलब, तेरा विवेक नहीं, परन्तु उस दूसरे का। भला, मेरी स्वतंत्राता दूसरे के विचार से क्यों परखी जाए: यदि मैं धन्यवाद करके साझी होता हूं, तो जिस पर मैं धन्यवाद करता हूं, उसके कारण मेरी बदनामीं क्यों होती है? सो तुम चाहे खाओ, चाहे पीओ, चाहे जो कुछ करो, सब कुछ परमेश्वर की महीमा के लिये करो।
Original words (Hebrew)
- Daniel · H1840דָנִיֵּאל Dânîyêʼl
- purposed · H7760שׂוּם sûwm
- heart · H3820לֵב lêb
- defile · H1351גָּאַל gâʼal
- portion · H6598פַּתְבַּג pathbag
- king’s · H4428מֶלֶךְ melek
- meat · H6598פַּתְבַּג pathbag
- wine · H3196יַיִן yayin
- drank · H4960מִשְׁתֶּה mishteh
- requested · H1245בָּקַשׁ bâqash
- prince · H8269שַׂר sar
- eunuchs · H5631סָרִיס çârîyç
- defile · H1351גָּאַל gâʼal