1 Corinthians · chapter 10 · verse 28
1 Corinthians 10:28 in Hindi
परन्तु यदि कोई तुम से कहे, यह तो मूरत को बलि की हुई वस्तु है, तो उसी बतानेवाले के कारण, और विवेक के कारण न खाओ।
Parantu yadi koee tum se kahe, yah to moorat ko bali kee huee vastu hai, to usee bataanevaale ke kaaran, aur vivek ke kaaran na khaao.
1 Corinthians 10:28 in English
- King James Version (KJV)
- But if any man say unto you, This is offered in sacrifice unto idols, eat not for his sake that shewed it, and for conscience sake: for the earth [is] the Lord’s, and the fulness thereof:
- World English Bible (WEB)
- But if anyone says to you, “This was offered to idols,” don’t eat it for the sake of the one who told you, and for the sake of conscience. For “the earth is the Lord’s, with all its fullness.”
- American Standard Version (ASV)
- But if any man say unto you, This hath been offered in sacrifice, eat not, for his sake that showed it, and for conscience’ sake:
- Bible in Basic English (BBE)
- But if anyone says to you, This food has been used as an offering, do not take it, on account of him who said it, and on account of his sense of right and wrong:
- Darby Translation (DBY)
- But if any one say to you, This is offered to holy purposes, do not eat, for his sake that pointed it out, and conscience sake;
- Webster's Bible (WBS)
- But if any man shall say to you, This is offered in sacrifice to idols, eat not for his sake that showed it, and for conscience' sake: for the earth [is] the Lord's, and its fullness:
- Young's Literal Translation (YLT)
- and if any one may say to you, 'This is a thing sacrificed to an idol,' — do not eat, because of that one who shewed [it], and of the conscience, for the Lord's [is] the earth and its fulness:
Read in context
- 26क्योकि पृथ्वी और उसकी भरपूरी प्रभु की है।
- 27और यदि अविश्वायिों में से कोई तुम्हें नेवता दे, और तुम जाना चाहो, तो जो कुछ तुम्हारे साम्हने रखा जाए वही खाओ: और विवेक के कारण कुछ न पूछो।
- 28परन्तु यदि कोई तुम से कहे, यह तो मूरत को बलि की हुई वस्तु है, तो उसी बतानेवाले के कारण, और विवेक के कारण न खाओ।
- 29मेरा मतलब, तेरा विवेक नहीं, परन्तु उस दूसरे का। भला, मेरी स्वतंत्राता दूसरे के विचार से क्यों परखी जाए:
- 30यदि मैं धन्यवाद करके साझी होता हूं, तो जिस पर मैं धन्यवाद करता हूं, उसके कारण मेरी बदनामीं क्यों होती है?
Cross references
- 1 Corinthians 8:10–13 1 कुरिन्थियों 8:10–13क्योंकि यदि कोई तुझ ज्ञानी को मूरत के मन्दिर में भोजन करते देखे, और वह निर्बल जन हो, तो क्या उसके विवेक में मूरत के साम्हने बलि की हुई वस्तु के खाने का हियाव न हो जाएगा। इस रीति से तेरे ज्ञान के कारण वह निर्बल भाई जिस के लिये मसीह मरा नाश हो जाएगा। सो भाइयों का अपराध करने से ओर उन के निर्बल विवेक को चोट देने से तुम मसीह का अपराध करते हो। इस कारण यदि भोजन मेरे भाई को ठोकर खिलाए, तो मैं कभी किसी रीति से मांस न खाऊंगा, न हो कि मैं अपने भाई के ठोकर का कारण बनूं।
- 1 Corinthians 8:7 1 कुरिन्थियों 8:7परन्तु सब को यह ज्ञान नही; परन्तु कितने तो अब तक मूरत को कुछ समझने के कारण मूरतों के साम्हने बलि की हुई को कुछ वस्तु समझकर खाते हैं, और उन का विवेक निर्बल होकर अशुद्ध होता है।
- Romans 14:15 रोमियों 14:15यदि तेरा भाई तेरे भोजन के कारण उदास होता है, तो फिर तू प्रेम की रीति से नहीं चलता: जिस के लिये मसीह मरा उस को तू अपने भोजन के द्वारा नाश न कर।
- 1 Corinthians 10:26 1 कुरिन्थियों 10:26क्योकि पृथ्वी और उसकी भरपूरी प्रभु की है।
- Matthew 6:31–32 मत्ती 6:31–32इसलिये तुम चिन्ता करके यह न कहना, कि हम क्या खाएंगे, या क्या पीएंगे, या क्या पहिनेंगे? क्योंकि अन्यजाति इन सब वस्तुओं की खोज में रहते हैं, और तुम्हारा स्वर्गीय पिता जानता है, कि तुम्हें ये सब वस्तुएं चाहिए।
- Psalm 115:16 भजन संहिता 115:16स्वर्ग तो यहोवा का है, परन्तु पृथ्वी उस ने मनुष्यों को दी है।
- Jeremiah 27:5–6 यिर्मयाह 27:5–6अपने अपने स्वामी से यों कहो कि पृथ्वी को और पृथ्वी पर के मनुष्यों और पशुओं को अपनी बड़ी शक्ति और बढ़ाई हुई भुजा के द्वारा मैं ने बनाया, और जिस किसी को मैं चाहता हूँ उसी को मैं उन्हें दिया करता हूँ। अब मैं ने ये सब देश, अपने दास बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर को आप ही दे दिए हैं; और मैदान के जीवजन्तुओं को भी मैं ने उसे दिया है कि वे उसके आधीन रहें।
- Exodus 9:29 निर्गमन 9:29मूसा ने उस से कहा, नगर से निकलते ही मैं यहोवा की ओर हाथ फैलाऊंगा, तब बादल का गरजना बन्द हो जाएगा, और ओले फिर न गिरेंगे, इस से तू जान लेगा कि पृथ्वी यहोवा ही की है।
- Psalm 24:1 भजन संहिता 24:1पृथ्वी और जो कुछ उस में है यहोवा ही का है; जगत और उस में निवास करनेवाले भी।
- Deuteronomy 10:14 व्यवस्थाविवरण 10:14सुन, स्वर्ग और सब से ऊंचा स्वर्ग भी, और पृथ्वी और उस में जो कुछ है, वह सब तेरे परमेश्वर यहोवा ही का है;
Original words (Greek)
- But · G1161δέ dé
- if · G1437ἐάν eán
- man · G5100τὶς tìs
- say · G2036ἔπω épō
- you · G5213ὑμῖν hymîn
- This · G5124τοῦτο toûto
- is · G2076ἐστί estí
- idols · G1494εἰδωλόθυτον eidōlóthyton
- eat · G2068ἐσθίω esthíō
- not · G3361μή mḗ
- for · G1223διά diá
- that · G1565ἐκεῖνος ekeînos
- it · G3377μηνύω mēnýō
- and · G2532καί kaí
- sake · G4893συνείδησις syneídēsis
- for · G1063γάρ gár
- earth · G1093γῆ gē
- Lord’s · G2962κύριος kýrios
- and · G2532καί kaí
- fulness · G4138πλήρωμα plḗrōma
- thereof · G846αὐτός autós