Daniel · chapter 4 · verse 30
Daniel 4:30 in Hindi
क्या यह बड़ा बाबुल नहीं है, जिसे मैं ही ने अपने बल और सामर्थ से राजनिवास होने को और अपने प्रताप की बड़ाई के लिये बसाया है?
Kyaa yah badaa baabul naheem hai, jise maim hee ne apane bal aur saamarth se raajanivaas hone ko aur apane prataap kee badaaee ke liye basaayaa hai?
Daniel 4:30 in English
- King James Version (KJV)
- The king spake, and said, Is not this great Babylon, that I have built for the house of the kingdom by the might of my power, and for the honour of my majesty?
- World English Bible (WEB)
- The king spoke and said, “Is not this great Babylon, which I have built for the royal dwelling place by the might of my power and for the glory of my majesty?”
- American Standard Version (ASV)
- The king spake and said, Is not this great Babylon, which I have built for the royal dwelling-place, by the might of my power and for the glory of my majesty?
- Bible in Basic English (BBE)
- The king made answer and said, Is this not great Babylon, which I have made for the living-place of kings, by the strength of my power and for the glory of my honour?
- Darby Translation (DBY)
- the king spoke and said, Is not this great Babylon, that I have built for the house of the kingdom by the might of my power and for the glory of my majesty?
- Webster's Bible (WBS)
- The king spoke, and said, Is not this great Babylon, that I have built for the house of the kingdom by the might of my power, and for the honor of my majesty?
- Young's Literal Translation (YLT)
- the king hath answered and said, Is not this that great Babylon that I have built, for the house of the kingdom, in the might of my strength, and for the glory of mine honour?
Read in context
- 28यह सब कुछ नबूकदनेस्सर राजा पर घट गया।
- 29बारह महीने बीतने पर जब वह बाबुल के राजभवन की छत पर टहल रहा था, तब वह कहने लगा,
- 30क्या यह बड़ा बाबुल नहीं है, जिसे मैं ही ने अपने बल और सामर्थ से राजनिवास होने को और अपने प्रताप की बड़ाई के लिये बसाया है?
- 31यह वचन राजा के मुंह से निकलने भी न पाया था कि आकाशवाणी हुई, हे राजा नबूकदनेस्सर तेरे विषय में यह आज्ञा निकलती है कि राज्य तेरे हाथ से निकल गया,
- 32और तू मनुष्यों के बीच में से निकाला जाएगा, और मैदान के पशुओं के संग रहेगा; और बैलों की नाईं घास चरेगा९ और सात काल तुझ पर बीतेंगे, जब तक कि तू न जान ले कि परमप्रधान, मनुष्यों के राज्य में प्रभुता करता है और जिसे चाहे वह उसे दे देता है।
Cross references
- Proverbs 16:18 नीतिवचन 16:18विनाश से पहिले गर्व, और ठोकर खाने से पहिले घमण्ड होता है।
- Luke 14:11 लूका 14:11और जो कोई अपने आप को बड़ा बनाएगा, वह छोटा किया जाएगा; और जो कोई अपने आप को छोटा बनाएगा, वह बड़ा किया जाएगा।।
- Ezekiel 29:3 यहेजकेल 29:3यह कह, परमेश्वर यहोवा यों कहता हे, हे मिस्र के राजा फिरौन, मैं तेरे विरुद्ध हूँ, हे बड़े नगर, तू जो अपनी नदियों के बीच पड़ा रहता है, जिसने कहा है कि मेरी नदी मेरी निज की है, और मैं ही ने उसको अपने लिये बनाया है।
- Isaiah 10:8–15 यशायाह 10:8–15कयोंकि वह कहता है, क्या मेरे सब हाकिम राजा के तुल्य नहीं है? क्या कलनो कर्कमीश के समान नहीं है? क्या हमात अर्पद के और शोमरोन दमिश्क के समान नहीं? जिस प्रकार मेरा हाथ मूरतों से भरे हुए उन राज्यों पर पहुंचा जिनकी मूरतें यरूशलेम और शोमरोन की मूरतों से बढ़कर थीं, और जिस प्रकार मैं ने शोमरोन और उसकी मूरतों से किया, क्या उसी प्रकार मैं यरूशलेम से और उसकी मूरतों से भी न करूं? इस कारण जब प्रभु सिरयोन पर्वत पर और यरूशलेम में अपना सब काम का चुकेगा, तब मैं अश्शूर के राजा के गर्व की बातों का, और उसकी घमण्ड भरी आंखों का पलटा दूंगा। उस ने कहा है, अपने ही बाहुबल और बुद्धि से मैं ने यह काम किया है, क्योंकि मैं चतुर हूं; मैं ने देश देश के सिवानों को हटा दिया, और उनके रखे हुए धन को लूअ लिया; मैं ने वीर की नाई गद्दी पर विराजनेहारों को उतार दिया है। देश देश के लोगों की धनसम्पत्ति, चिड़ियों के घोंसलों की नाईं, मेरे हाथ आई है, और जैसे कोई छोड़े हुए अण्डों को बटोर ले वैसे ही मैं ने सारी पृथ्वी को बटोर लिया है; और कोई पंख फड़फड़ाने वा चोंच खोलने वा चीं चीं करनेवाला न था।। क्या कुल्हाड़ा उसक विरूद्ध जो उस से काटता हो डींग मारे, वा आरी उसके विरूद्ध जो उसे खींचता हो बड़ाई करे? क्या सोंटा अपने चलानेवाले को चलाए वा छड़ी उसे उठाए जो काठ नहीं है!
- Revelation 18:10 प्रकाशितवाक्य 18:10और उस की पीड़ा के डर के मारे दूर खड़े होकर कहेंगे, हे बड़े नगर, बाबुल! हे दृढ़ नगर, हाय! हाय! घड़ी ही भर में तुझे दण्ड मिल गया है।
- Revelation 17:5 प्रकाशितवाक्य 17:5और उसके माथे पर यह नाम लिखा था, "भेद बड़ा बाबुल पृथ्वी की वेश्याओं और घृणित वस्तुओं की माता।"
- Psalm 49:20 भजन संहिता 49:20मनुष्य चाहे प्रतिष्ठित भी हों परन्तु यदि वे समझ नहीं रखते, तो वे पशुओं के समान हैं जो मर मिटते हैं।।
- Psalm 73:8 भजन संहिता 73:8वे ठट्ठा मारते हैं, और दुष्टता से अन्धेर की बात बोलते हैं;
- Isaiah 37:24–25 यशायाह 37:24–25अपने कर्मचारियों के द्वारा तू ने प्रभु की निन्दा करके कहा है कि बहुत से रथ लेकर मैं पर्वतों की चोटियों पर वरन लबानोन के बीच तक चढ़ आया हूं; मैं उसके ऊंचे ऊंचे देवदारों और अच्छे अच्छे सनौबरों को काट डालूंगा और उसके दूर दूर के ऊंचे स्थानों में और उसके वन की फलदाई बारियों में प्रवेश करूंगा। मैं ने खुदवाकर पानी पिया और मि की नहरों में पांव धरते ही उन्हें सुखा दिया।
- 1 Chronicles 29:12–14 1 इतिहास 29:12–14धन और महिमा तेरी ओर से मिलती हैं, और तू सभों के ऊपर प्रभुता करता है। सामर्थ्य और पराक्रम तेरे ही हाथ में हैं, और सब लोगों को बढ़ाना और बल देना तेरे हाथ में है। इसलिये अब हे हमारे परमेश्वर! हम तेरा ध्न्यवाद और तेरे महिमायुक्त नाम की स्तुति करते हैं। मैं क्या हूँ? और मेरी प्रजा क्या है? कि हम को इस रीति से अपनी इच्छा से तुझे भेंट देने की शक्ति मिले? तुझी से तो सब कुछ मिलता है, और हम ने तेरे हाथ से पाकर तुझे दिया है।
- 1 Peter 5:5 1 पतरस 5:5हे नवयुवकों, तुम भी प्राचीनों के आधीन रहो, बरन तुम सब के सब एक दूसरे की सेवा के लिये दीनता से कमर बान्धे रहो, क्योंकि परमेश्वर अभिमानियों का साम्हना करता है, परन्तु दीनों पर अनुग्रह करता है।
- 2 Chronicles 2:5–6 2 इतिहास 2:5–6और जो भवन मैं बनाने पर हूं, वह महान होगा; क्योंकि हमारा परमेश्वर सब देवताओं में महान है। परन्तु किस की इतनी शक्ति है, कि उसके लिये भवन बनाए, वह तो स्वर्ग में वरन सब से ऊंचे स्वर्ग में भी नहीं समाता? मैं क्या हूँ कि उसके साम्हने धूप जलाने को छोड़ और किसी मनसा से उसका भवन बनाऊं?
Original words (Hebrew)
- king · H4430מֶלֶךְ melek
- spake · H6032עֲנָה ʻănâh
- said · H560אֲמַר ʼămar
- not · H3809לָא lâʼ
- this · H1932הוּא hûwʼ
- great · H7229רַב rab
- Babylon · H895בַּבֶל Babel
- I · H576אֲנָא ʼănâʼ
- built · H1124בְּנָא bᵉnâʼ
- house · H1005בַּיִת bayith
- kingdom · H4437מַלְכוּ malkûw
- might · H8632תְּקֹף tᵉqôph
- power · H2632חֵסֶן chêçen
- honour · H3367יְקָר yᵉqâr
- majesty · H1923הֲדַר hădar