Daniel · chapter 5 · verse 20
Daniel 5:20 in Hindi
परन्तु जब उसका मन फूल उठा, और उसकी आत्मा कठोर हो गई, यहां तक कि वह अभिमान करने लगा, तब वह अपने राजसिंहासन पर से उतारा गया, और उसकी प्रतिष्ठा भंग की गई;
Parantu jab usakaa man phool uthaa, aur usakee aatmaa kathor ho gaee, yahaam tak ki vah abhimaan karane lagaa, tab vah apane raajasinhaasan par se utaaraa gayaa, aur usakee pratishthaa bhang kee gaee;
Daniel 5:20 in English
- King James Version (KJV)
- But when his heart was lifted up, and his mind hardened in pride, he was deposed from his kingly throne, and they took his glory from him:
- World English Bible (WEB)
- But when his heart was lifted up, and his spirit was hardened so that he dealt proudly, he was deposed from his kingly throne, and they took his glory from him.
- American Standard Version (ASV)
- But when his heart was lifted up, and his spirit was hardened so that he dealt proudly, he was deposed from his kingly throne, and they took his glory from him:
- Bible in Basic English (BBE)
- But when his heart was lifted up and his spirit became hard with pride, he was put down from his place as king, and they took his glory from him:
- Darby Translation (DBY)
- But when his heart was lifted up, and his spirit hardened unto presumption, he was deposed from the throne of his kingdom, and they took his glory from him;
- Webster's Bible (WBS)
- But when his heart was lifted up, and his mind hardened in pride, he was deposed from his kingly throne, and they took his glory from him:
- Young's Literal Translation (YLT)
- and when his heart was high, and his spirit was strong to act proudly, he hath been caused to come down from the throne of his kingdom, and his glory they have caused to pass away from him,
Read in context
- 18हे राजा, परमप्रधान परमेश्वर ने तेरे पिता नबूकदनेस्सर को राज्य, बड़ाई, प्रतिष्ठा और प्रताप दिया था;
- 19और उस बड़ाई के कारण जो उस ने उसको दी थी, देश- देश और जाति जाति के सब लोग, और भिन्न- भिन्न भाषा बोलनेवाले उसके साम्हने कांपते और थरथराते थे, जिसे वह चाहता उसे वह घात करता था, और जिसको वह चाहता उसे वह जीवित रखता था जिसे वह चाहता उसे वह ऊंचा पद देता था, और जिसको वह चाहता उसे वह गिरा देता था।
- 20परन्तु जब उसका मन फूल उठा, और उसकी आत्मा कठोर हो गई, यहां तक कि वह अभिमान करने लगा, तब वह अपने राजसिंहासन पर से उतारा गया, और उसकी प्रतिष्ठा भंग की गई;
- 21वह मनुष्यों में से निकाला गया, और उसका मन पशुओं का सा, और उसका निवास जंगली गदहों के बीच हो गया; वह बैलों की नाईं घास चरता, और उसका शरीर आकाश की ओस से भीगा करता था, जब तक कि उस ने जान न लिया कि परमप्रधान परमशॆवर मनुष्यों के राज्य में प्रभुता करता है और जिसे चाहता उसी को उस पर अधिकारी ठहराता है।
- 22तौभी, हे बेलशस्सर, तू जो उसका पुत्रा है, और यह सब कुछ जानता था, तौभी तेरा मन नम्र न हुआ।
Cross references
- 2 Kings 17:14 2 राजा 17:14परन्तु उन्हों ने न माना, वरन अपने उन पुरखाओं की नाई, जिन्हों ने अपने परमेश्वर यहोवा का विश्वास न किया था, वे भी हठीले बन गए।
- Hebrews 3:13 इब्रानियों 3:13बरन जिस दिन तक आज का दिन कहा जाता है, हर दिन एक दूसरे को समझाते रहो, ऐसा न हो, कि तुम में से कोई जन पाप के छल में आकर कठोर हो जाए।
- Jeremiah 13:18 यिर्मयाह 13:18राजा और राजमाता से कह, नीचे बैठ जाओ, क्योंकि तुम्हारे सिरों के शोभायमान मुकुट उतार लिए गए हैं।
- Proverbs 16:18 नीतिवचन 16:18विनाश से पहिले गर्व, और ठोकर खाने से पहिले घमण्ड होता है।
- 2 Chronicles 36:13 2 इतिहास 36:13फिर नबूकदनेस्सर जिस ने उसे परमेश्वर की शपथ खिलाई थी, उस से उस ने बलवा किया, और उस ने हठ किया और अपना मन कठोर किया, कि वह इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की ओर न फिरे।
- Exodus 9:17 निर्गमन 9:17क्या तू अब भी मेरी प्रजा के साम्हने अपने आप को बड़ा समझता है, और उन्हें जाने नहीं देता?
- Jeremiah 19:15 यिर्मयाह 19:15इस्राएल का परमेश्वर सेनाओं का यहोवा यों कहता हे, देखो, सब गांवों समेत इस नगर पर वह सारी विपत्ति डालना चाहता हूँ जो मैं ने इस पर लाने को कहा है, क्योंकि उन्होंने हठ कर के मेरे वचन को नहीं माना है।
- Isaiah 14:12–17 यशायाह 14:12–17हे भोर के चमकनेवाले तारे तू क्योंकर आकाश से गिर पड़ा है? तू जो जाति जाति को हरा देता था, तू अब कैसे काटकर भूमि पर गिराया गया है? तू मन में कहता तो था कि मैं स्वर्ग पर चढूंगा; मैं अपने सिंहासन को ईश्वर के तारागण से अधिक ऊंचा करूंगा; और उत्तर दिशा की छोर पर सभा के पर्वत पर बिराजूंगा; मैं मेघों से भी ऊंचे ऊंचे स्थानों के ऊपर चढूंगा, मैं परमप्रधान के तुल्य हो जाऊंगा। परन्तु तू अधोलोक में उस गड़हे की तह तक उतारा जाएगा। जो तुझे देखेंगे तुझ को ताकते हुए तेरे विषय में सोच सोचकर कहेंगे, क्या यह वही पुरूष है जो पृथ्वी को चैन से रहने न देता था और राज्य राज्य में घबराहट डज्ञल देता था; जो जगत को जंगल बनाता और उसके नगरों को ढा देता था, और अपने बंधुओं को घर जाने नहीं देता था?
- Job 40:11–12 अय्यूब 40:11–12अपने अति क्रोध की बाढ़ को बहा दे, और एक एक घमणडी को देखते ही उसे नीचा कर। हर एक घमणडी को देखकर झुका दे, और दुष्ट लोगों को जहां खड़े हों वहां से गिरा दे।
- Proverbs 16:5 नीतिवचन 16:5सब मन के घमण्डियों से यहोवा घृणा करता है करता है; मैं दृढ़ता से कहता हूं, ऐसे लोग निर्दोष न ठहरेंगे।
- Daniel 4:37 दानिय्येल 4:37अब मैं नबूकदनेस्सर स्वर्ग के राजा को सराहता हूं, और उसकी स्तुति और महिमा करता हूं क्योंकि उसके सब काम सच्चे, और उसके सब व्यवहार न्याय के हैं; और जो लोग घमण्ड से चलते हैं, उन्हें वह नीचा कर सकता है।।
- Luke 18:14 लूका 18:14मैं तुम से कहता हूं, कि वह दूसरा नहीं; परन्तु यही मनुष्य धर्मी ठहराया जाकर अपने घर गया; क्योंकि जो कोई अपने आप को बड़ा बनाएगा, वह छोटा किया जाएगा; और जो अपने आप को छोटा बनाएगा, वह बड़ा किया जाएगा।।