Deuteronomy · chapter 10 · verse 15
Deuteronomy 10:15 in Hindi
तौभी यहोवा ने तेरे पूर्वजों से स्नेह और प्रेम रखा, और उनके बाद तुम लोगों को जो उनकी सन्तान हो सर्व देशों के लोगों के मध्य में से चुन लिया, जैसा कि आज के दिन प्रगट है।
Taubhee yahovaa ne tere poorvajom se sneh aur prem rakhaa, aur unake baad tum logom ko jo unakee santaan ho sarv deshom ke logom ke madhy mem se chun liyaa, jaisaa ki aaj ke din pragat hai.
Deuteronomy 10:15 in English
- King James Version (KJV)
- Only the LORD had a delight in thy fathers to love them, and he chose their seed after them, [even] you above all people, as [it is] this day.
- World English Bible (WEB)
- Only the LORD had a delight in your fathers to love them, and he chose their offspring after them, even you above all peoples, as it is today.
- American Standard Version (ASV)
- Only Jehovah had a delight in thy fathers to love them, and he chose their seed after them, even you above all peoples, as at this day.
- Bible in Basic English (BBE)
- But the Lord had delight in your fathers and love for them, marking out for himself their seed after them, even you, from all peoples, as at this day.
- Darby Translation (DBY)
- Only, Jehovah took pleasure in thy fathers, to love them, and he chose their seed after them, [even] you, out of all the peoples, as it is this day.
- Webster's Bible (WBS)
- Only the LORD had a delight in thy fathers to love them, and he chose their seed after them, [even] you above all people, as [it is] this day.
- Young's Literal Translation (YLT)
- only in thy fathers hath Jehovah delighted — to love them, and He doth fix on their seed after them — on you, out of all the peoples as [at] this day;
Read in context
- 13और यहोवा की जो जो आज्ञा और विधि मैं आज तुझे सुनाता हूं उनको ग्रहण करे, जिस से तेरा भला हो?
- 14सुन, स्वर्ग और सब से ऊंचा स्वर्ग भी, और पृथ्वी और उस में जो कुछ है, वह सब तेरे परमेश्वर यहोवा ही का है;
- 15तौभी यहोवा ने तेरे पूर्वजों से स्नेह और प्रेम रखा, और उनके बाद तुम लोगों को जो उनकी सन्तान हो सर्व देशों के लोगों के मध्य में से चुन लिया, जैसा कि आज के दिन प्रगट है।
- 16इसलिये अपने अपने हृदय का खतना करो, और आगे को हठीले न रहो।
- 17क्योंकि तुम्हारा परमेश्वर यहोवा वही ईश्वरों का परमेश्वर और प्रभुओं का प्रभु है, वह महान् पराक्रमी और भय योग्य ईश्वर है, जो किसी का पक्ष नहीं करता और न घूस लेता है।
Cross references
- Deuteronomy 4:37 व्यवस्थाविवरण 4:37और उस ने जो तेरे पितरों से प्रेम रखा, इस कारण उनके पीछे उनके वंश को चुन लिया, और प्रत्यक्ष होकर तुझे अपने बड़े सामर्थ्य के द्वारा मि से इसलिये निकाल लाया,
- Romans 9:13–23 रोमियों 9:13–23जैसा लिखा है, कि मैं ने याकूब से प्रेम किया, परन्तु एसौ को अप्रिय जाना।। सो हम क्या कहें? क्या परमेश्वर के यहां अन्याय है? कदापि नहीं! क्योंकि वह मूसा से कहता है, मैं जिस किसी पर दया करना चाहूं, उस पर दया करूंगा, और जिस किसी पर कृपा करना चाहूं उसी पर कृपा करूंगा। सो यह न तो चाहनेवाले की, न दौड़नेवाले की परन्तु दया करनेवाले परमेश्वर की बात है। क्योंकि पवित्रा शास्त्रा में फिरौन से कहा गया, कि मैं ने तुझे इसी लिये खड़ा किया है, कि तुझ में अपनी सामर्थ दिखाऊं, और मेरे नाम का प्रचार सारी पृथ्वी पर हो। सो वह जिस पर चाहता है, उस पर दया करता है; और जिसे चाहता है, उसे कठोर कर देता है। सो तू मुझ से कहेगा, वह फिर क्यों दोष लगाता है? कौन उस की इच्छा का साम्हना करता हैं? हे मनुष्य, भला तू कौन है, जो परमेश्वर का साम्हना करता है? क्या गढ़ी हुई वस्तु गढ़नेवाले से कह सकती है कि तू ने मुझे ऐसा क्यों बनाया है? क्या कुम्हार को मिट्टी पर अधिकार नहीं, कि एक ही लौंदे मे से, एक बरतन आदर के लिये, और दूसरे को अनादर के लिये बनाए? तो इस में कौन सी अचम्भे की बात है? कि परमेश्वर ने अपना क्रोध दिखाने और अपनी सामर्थ प्रगट करने की इच्छा से क्रोध के बरतनों की, जो विनाश के लिये तैयार किए गए थे बड़े धीरज से सही। और दया के बरतनों पर जिन्हें उस ने महिमा के लिये पहिले से तैयार किया, अपने महिमा के धन को प्रगट करने की इच्छा की?
- Numbers 14:8 गिनती 14:8यदि यहोवा हम से प्रसन्न हो, तो हम को उस देश में, जिस में दूध और मधु की धाराएं बहती हैं, पहुंचाकर उसे हमे दे देगा।
- Deuteronomy 7:7–8 व्यवस्थाविवरण 7:7–8यहोवा ने जो तुम से स्नेह करके तुम को चुन लिया, इसका कारण यह नहीं था कि तुम गिनती में और सब देशों के लोगों से अधिक थे, किन्तु तुम तो सब देशों के लोगों से गिनती में थोड़े थे; यहोवा ने जो तुम को बलवन्त हाथ के द्वारा दासत्व के घर में से, और मि के राजा फिरौन के हाथ से छुड़ाकर निकाल लाया, इसका यही करण है कि वह तुम से प्रेम रखता है, और उस शपथ को भी पूरी करना चाहता है जो उस ने तुम्हारे पूर्वजों से खाई थी।