Deuteronomy · chapter 26 · verse 15
Deuteronomy 26:15 in Hindi
तू स्वर्ग में से जो तेरा पवित्रा धाम है दृष्टि करके अपनी प्रजा इस्राएल को आशीष दे, और इस दूध और मधु की धाराओं के देश की भूमि पर आशीष दे, जिसे तू ने हमारे पूर्वजों से खाई हुई शपथ के अनुसार हमें दिया है।
Too svarg mem se jo teraa pavitraa dhaam hai drushti karake apanee prajaa israael ko aasheesh de, aur is doodh aur madhu kee dhaaraaom ke desh kee bhoomi par aasheesh de, jise too ne hamaare poorvajom se khaaee huee shapath ke anusaar hamem diyaa hai.
Deuteronomy 26:15 in English
- King James Version (KJV)
- Look down from thy holy habitation, from heaven, and bless thy people Israel, and the land which thou hast given us, as thou swarest unto our fathers, a land that floweth with milk and honey.
- World English Bible (WEB)
- Look down from your holy habitation, from heaven, and bless your people Israel, and the ground which you have given us, as you swore to our fathers, a land flowing with milk and honey.”
- American Standard Version (ASV)
- Look down from thy holy habitation, from heaven, and bless thy people Israel, and the ground which thou hast given us, as thou swarest unto our fathers, a land flowing with milk and honey.
- Bible in Basic English (BBE)
- So, looking down from your holy place in heaven, send your blessing on your people Israel and on the land which you have given us, as you said in your oath to our fathers, a land flowing with milk and honey.
- Darby Translation (DBY)
- Look down from thy holy habitation, from the heavens, and bless thy people Israel, and the land that thou hast given us as thou didst swear unto our fathers, a land flowing with milk and honey!
- Webster's Bible (WBS)
- Look down from thy holy habitation, from heaven, and bless thy people Israel, and the land which thou hast given us, as thou didst swear to our fathers, a land that floweth with milk and honey.
- Young's Literal Translation (YLT)
- look from Thy holy habitation, from the heavens, and bless Thy people Israel, and the ground which Thou hast given to us, as Thou hast sworn to our fathers — a land flowing [with] milk and honey.
Read in context
- 13और तू अपने परमेश्वर यहोवा से कहना, कि मैं ने तेरी सब आज्ञाओं के अनुसार पवित्रा ठहराई हुई वस्तुओं को अपने घर से निकाला, और लेवीय, परदेशी, अनाथ, और विधवा को दे दिया है; तेरी किसी आज्ञा को मैं ने न तो टाला है, और न भूला है।
- 14उन वस्तुओं में से मैं ने शोक के समय नहीं खाया, और न उन में से कोई वस्तु अशुद्धता की दशा में घर से निकाली, और न कुछ शोक करनेवालों को दिया; मैं ने अपने परमेश्वर यहोवा की सुन ली, मैं ने तेरी सब आज्ञाओं के अनुसार किया है।
- 15तू स्वर्ग में से जो तेरा पवित्रा धाम है दृष्टि करके अपनी प्रजा इस्राएल को आशीष दे, और इस दूध और मधु की धाराओं के देश की भूमि पर आशीष दे, जिसे तू ने हमारे पूर्वजों से खाई हुई शपथ के अनुसार हमें दिया है।
- 16आज के दिन तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ को इन्हीं विधियों और नियमों के मानने की आज्ञा देता है; इसलिये अपने सारे मन और सारे प्राण से इनके मानने में चौकसी करना।
- 17तू ने तो आज यहोवा को अपना परमेश्वर मानकर यह वचन दिया है, कि मैं तेरे बनाए हुए मार्गों पर चलूंगा, और तेरी विधियों, आज्ञाओं, और नियमों को माना करूंगा, और तेरी सुना करूंगा।
Cross references
- Isaiah 63:15 यशायाह 63:15स्वर्ग से, जो तेरा पवित्रा और महिमापूर्ण वासस्थान है, दृष्टि कर। तेरी जलन और पराक्रम कहां रहे? तेरी दया और करूणा मुझ पर से हट गई हैं।
- Zechariah 2:13 जकर्याह 2:13हे सब प्राणियों! यहोवा के साम्हने चुपके रहो; क्योंकि वह जागकर अपने पवित्रा निवासस्थान से निकला है।।
- 1 Kings 8:27 1 राजा 8:27क्या परमेश्वर सचमुच पृथ्वी पर वास करेगा, स्वर्ग में वरन सब से ऊंचे स्वर्ग में भी तू नहीं समाता, फिर मेरे बनाए हुए इस भवन में क्योंकर समाएगा।
- 1 Kings 8:43 1 राजा 8:43तब तू अपने स्वग य निवासस्थान में से सुन, और जिस बात के लिये ऐसा परदेशी तुझे पुकारे, उसी के अनुसार व्यवहार करना जिस से पृथ्वी के सब देशों के लोग तेरा नाम जानकर तेरी प्रजा इस्राएल की नाई तेरा भय मानें, और निश्चय जानें, कि यह भवन जिसे मैं ने बनाया है, वह तेरा ही कहलाता है।
- Jeremiah 31:23 यिर्मयाह 31:23इस्राएल का परमेश्वर सेनाओं का यहोवा यों कहता है: जब मैं यहूदी बंधुओं को उनके देश के नगरों में लौटाऊंगा, तब उन में यह आशीर्वाद फिर दिया जाएगा: हे धर्मभरे वासस्थान, हे पवित्र पर्वत, यहोवा तुझे आशीष दे!
- Acts 7:49 प्रेरितों के काम 7:49कि प्रभु कहता है, स्वर्ग मेरा सिहांसन और पृथ्वी मेरे पांवों तले की पीढ़ी है, मेरे लिये तुम किस प्रकार का घर बनाओगे और मेरे विश्राम का कौन सा स्थान होगा
- Isaiah 66:1–2 यशायाह 66:1–2यहोवा यों कहता है, आकाश मेरा सिंहासन और पृथ्वी मेरे चरणों की चौकी है; तुम मेरे लिये कैसा भवन बनाओगे, और मेरे विश्राम का कौन सा स्थान होगा? यहोवा की यह वाणी है, ये सब वस्तुएं मेरे ही हाथ की बनाई हुई हैं, सो ये सब मेरी ही हैं। परन्तु मैं उसी की ओर दृष्टि करूंगा जो दीन और खेदित मन का हो, और मेरा वचन सुनकर थरथराता हो॥
- Psalm 28:9 भजन संहिता 28:9हे यहोवा अपनी प्रजा का उद्धार कर, और अपने निज भाग के लोगों को आशीष दे; और उनकी चरवाही कर और सदैव उन्हें सम्भाले रह।।
- Hebrews 6:13–18 इब्रानियों 6:13–18और परमेश्वर ने इब्राहीम को प्रतिज्ञा देते समय जब कि शपथ खाने के लिये किसी को अपने से बड़ा न पाया, तो अपनी ही शपथ खाकर कहा। कि मैं सचमुच तुझे बहुत आशीष दूंगा, और तेरी सन्तान को बढ़ाता जाऊंगा। और इस रीति से उस ने धीरज धरकर प्रतिज्ञा की हुई बात प्राप्त की। मनुष्य तो अपने से किसी बड़े की शपथ खाया करते हैं और उन के हर एक विवाद का फैसला शपथ से पक्का होता है। इसलिये जब परमेश्वर ने प्रतिज्ञा के वारिसों पर और भी साफ रीति से प्रगट करना चाहा, कि उसकी मनसा बदल नहीं सकती तो शपथ को बीच में लाया। ताकि दो बे- बदल बातों के द्वारा जिन के विषय में परमेश्वर का झूठा ठहरना अन्होना है, हमारा दृढ़ता से ढाढ़स बन्ध जाए, जो शरण लेने को इसलिये दौड़े है, कि उस आशा को जो साम्हने रखी हुई है प्राप्त करें।
- Psalm 90:17 भजन संहिता 90:17और हमारे परमेश्वर यहोवा की मनोहरता हम पर प्रगट हो, तू हमारे हाथों का काम हमारे लिये दृढ़ कर, हमारे हाथों के काम को दृढ़ कर।।
- Deuteronomy 26:7 व्यवस्थाविवरण 26:7परन्तु हम ने अपने पूर्वजों के परमेश्वर यहोवा की दोहाई दी, और यहोवा ने हमारी सुनकर हमारे दुख- श्रम और अन्धेर पर दृष्टि की;
- Isaiah 57:15 यशायाह 57:15क्योंकि जो महान और उत्तम और सदैव स्थिर रहता, और जिसका नाम पवित्रा है, वह यों कहता है, मैं ऊंचे पर और पवित्रा स्थान में निवास करता हूं, और उसके संग भी रहता हूं, जो खेदित और नम्र हैं, कि, नम्र लोगों के हृदय और खेदित लोगों के मन को हर्षित करूं।
Original words (Hebrew)
- down · H8259שָׁקַף shâqaph
- holy · H6944קֹדֶשׁ qôdesh
- habitation · H4583מָעוֹן mâʻôwn
- heaven · H8064שָׁמַיִם shâmayim
- bless · H1288בָרַךְ bârak
- people · H5971עַם ʻam
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- land · H127אֲדָמָה ʼădâmâh
- given · H5414נָתַן nâthan
- swarest · H7650שָׁבַע shâbaʻ
- fathers · H1אָב ʼâb
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- floweth · H2100זוּב zûwb
- milk · H2461חָלָב châlâb
- honey · H1706דְּבַשׁ dᵉbash