Deuteronomy · chapter 27 · verse 25
Deuteronomy 27:25 in Hindi
शापित हो वह जो निर्दोष जन के मार डालने के लिये धन ले। तब सब लोग कहें, आमीन।।
Shaapit ho vah jo nirdosh jan ke maar daalane ke liye dhan le. Tab sab log kahem, aameen..
Deuteronomy 27:25 in English
- King James Version (KJV)
- Cursed [be] he that taketh reward to slay an innocent person. And all the people shall say, Amen.
- World English Bible (WEB)
- ‘Cursed is he who takes a bribe to kill an innocent person.’ All the people shall say, ‘Amen.’
- American Standard Version (ASV)
- Cursed be he that taketh a bribe to slay an innocent person. And all the people shall say, Amen.
- Bible in Basic English (BBE)
- Cursed is he who for a reward puts to death one who has done no wrong. And let all the people say, So be it.
- Darby Translation (DBY)
- Cursed be he that taketh reward to smite mortally [shedding] innocent blood! And all the people shall say, Amen.
- Webster's Bible (WBS)
- Cursed [be] he that taketh reward to slay an innocent person: and all the people shall say, Amen.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Cursed [is] he who is taking a bribe to smite a person, innocent blood, — and all the people have said, Amen.
Read in context
- 23शापित हो वह जो अपनी सास के संग कुकर्म करे। तब सब लोग कहें, आमीन।।
- 24शापित हो वह जो किसी को छिपकर मारे। तब सब लोग कहें, आमीन।।
- 25शापित हो वह जो निर्दोष जन के मार डालने के लिये धन ले। तब सब लोग कहें, आमीन।।
- 26शापित हो वह जो इस व्यवस्था के वचनों को मानकर पूरा न करे। तब सब लोग कहें, आमीन।।
Cross references
- Psalm 15:5 भजन संहिता 15:5जो अपना रूपया ब्याज पर नहीं देता, और निर्दोष की हानि करने के लिये घूस नहीं लेता है। जो कोई ऐसी चाल चलता है वह कभी न डगमगाएगा।।
- Exodus 23:7–8 निर्गमन 23:7–8झूठे मुक मे से दूर रहना, और निर्दोष और धर्मी को घात न करना, क्योंकि मैं दुष्ट को निर्दोष न ठहराऊंगा। घूस न लेना, क्योंकि घूस देखने वालों को भी अन्धा कर देता, और धर्मियों की बातें पलट देता है।
- Deuteronomy 10:17 व्यवस्थाविवरण 10:17क्योंकि तुम्हारा परमेश्वर यहोवा वही ईश्वरों का परमेश्वर और प्रभुओं का प्रभु है, वह महान् पराक्रमी और भय योग्य ईश्वर है, जो किसी का पक्ष नहीं करता और न घूस लेता है।
- Deuteronomy 16:19 व्यवस्थाविवरण 16:19तुम न्याय न बिगाड़ना; तू न तो पक्षपात करना; और न तो घूस लेना, क्योंकि घूस बुद्धिमान की आंखें अन्धी कर देती है, और धर्मियों की बातें पलट देती है।
- Acts 1:18 प्रेरितों के काम 1:18(उस ने अधर्म की कमाई से एक खेत मोल लिया; और सिर के बल गिरा, और उसका पेट फट गया, और उस की सब अन्तडिय़ां निकल पड़ी।
- Matthew 26:15 मत्ती 26:15यदि मैं उसे तुम्हारे हाथ पकड़वा दूं, तो मुझे क्या दोगे? उन्हों ने उसे तीस चान्दी के सिक्के तौलकर दे दिए।
- Micah 3:10–11 मीका 3:10–11तुम सिरयोन को हत्या करके और यरूशलेम को कुटिलता करके दृढ़ करते हो। उसके प्रधान घूस ले लेकर विचार करते, और याजक दाम ले लेकर व्यवस्था देते हैं, और भविष्यद्वक्ता रूपये के लिये भावी कहते हैं; तौीाी वे यह कहकर यहोवा पर भरोसा रखते हैं, यहोवा हमारे बीच में है, इसलिये कोई विपत्ति हम पर न आएगी।
- Micah 7:2–3 मीका 7:2–3भक्त लोग पृथ्वी पर से नाश हो गए हैं, और मनुष्यों में एक भी सीधा नहीं जन नहीं रहा; वे सब के सब हत्या के लिये घात लगाते, और जाल लगाकर अपने अपने भाई का आहेर करते हैं। वे अपने दोनों हाथों से मन लगाकर बुराई करते हैं; हाकिम घूस मांगता, और न्यायी घूस लेने को तैयार रहता है, और रईस अपने मन की दुष्टता वर्णन करता है; इसी प्रकार से वे सब मिलकर जालसाजी करते हैं।
- Matthew 27:3–4 मत्ती 27:3–4जब उसके पकड़वानेवाले यहूदा ने देखा कि वह दोषी ठहराया गया है तो वह पछताया और वे तीस चान्दी के सिक्के महायाजकों और पुरनियों के पास फेर लाया। और कहा, मैं ने निर्दोषी को घात के लिये पकड़वाकर पाप किया है? उन्हों ने कहा, हमें क्या? तू ही जान।
- Ezekiel 22:12–13 यहेजकेल 22:12–13तुझ में हत्या करने के लिये उन्हों ने घूस ली है, तू ने ब्याज और सूद लिया और अपने पड़ोसियों को पीस पीसकर अन्याय से लाभ उठाया; और मुझ को तू ने झुला दिया है, प्रभु यहोवा की यही वाणी है। सो देख, जो लाभ तू ने अन्याय से उठाया और अपने बीच हत्या की है, उस से मैं ने हाथ पर हाथ दे मारा है।
- Proverbs 1:11–29 नीतिवचन 1:11–29यदि वे कहें, हमारे संग चल कि, हम हत्या करने के लिये घात जगाएं हम निर्दोषों की ताक में रहें; हम अधोलोक की नाईं उनको जीवता, कबर में पड़े हुओं के समान समूचा निगल जाएं; हम को सब प्रकार के अनमोल पदार्थ मिलेंगे, हम अपने घरों को लूट से भर लेंगे; तू हमारा साझी हो जा, हम सभों का एक ही बटुआ हो, तो, हे मेरे पुत्रा तू उनके संग मार्ग में न चलना, वरन उनकी डगर में पांव भी न धरना; क्योंकि वे बुराई की करने को दौड़ते हैं, और हत्या करने को फुर्ती करते हैं। क्योंकि पक्षी के देखते हुए जाल फैलाना व्यर्थ होता है; और ये लोग तो अपनी ही हत्या करने के लिये घात लगाते हैं, और अपने ही प्राणों की घात की ताक में रहते हैं। सब लालचियों की चाल ऐसी ही होती है; उनका प्राण लालच ही के कारण नाश हो जाता है।। बुद्धि सड़क मे ऊंचे स्वर से बोलती है; और चौकों में प्रचार करती है; वह बाजारों की भीड़ में पुकारती है; वह फाटकों के बीच में और नगर के भीतर भी ये बातें बोलती है: हे भोले लोगो, तुम कब तक भोलेपन से प्रीति रखोगे? और हे ठट्ठा करनेवालो, तुम कब तक ठट्ठा करने से प्रसन्न रहोगे? और हे मूर्खों, तुम कब तक ज्ञान से बैर रखोगे? तुम मेरी डांट सुनकर मन फिराओ; सुनो, मैं अपनी आत्मा तुम्हारे लिये उण्डेल दूंगी; मैं तुम को अपने वचन बताऊंगी। मैं ने तो पुकारा परन्तु तुम ने इनकार किया, और मैं ने हाथ फैलाया, परन्तु किसी ने ध्यान न दिया, वरन तुम ने मेरी सारी सम्मति को अनसुनी किया, और मेरी ताड़ना का मूल्य न जाना; इसलिये मैं भी तुम्हारी विपत्ति के समय हंसूंगी; और जब तुम पर भय आ पड़ेगा, वरन आंधी की नाई तुम पर भय आ पड़ेगा, और विपत्ति बवण्डर के समान आ पड़ेगी, और तुम संकट और सकेती में फंसोगे, तब मैं ठट्ठा करूंगी। उस समय वे मुझे पुकारेंगे, और मैं न सुनूंगी; वे मुझे यत्न से तो ढूंढ़ेंगे, परन्तु न पाएंगे। क्योंकि उन्हों ने ज्ञान से बैर किया, और यहोवा का भय मानना उनको न भाया।