Deuteronomy · chapter 28 · verse 48
Deuteronomy 28:48 in Hindi
इस कारण तुझ को भूखा, प्यासा, नंगा, और सब पदार्थों से रहित होकर अपने उन शत्रुओं की सेवा करनी पड़ेगी जिन्हें यहोवा तेरे विरूद्ध भेजेगा; और जब तक तू नष्ट न हो जाए तब तक वह तेरी गर्दन पर लेहे का जूआ डाल रखेगा।
Is kaaran tujh ko bhookhaa, pyaasaa, nangaa, aur sab padaarthom se rahit hokar apane un shatruom kee sevaa karanee padegee jinhem yahovaa tere virooddh bhejegaa; aur jab tak too nasht na ho jaae tab tak vah teree gardan par lehe kaa jooaa daal rakhegaa.
Deuteronomy 28:48 in English
- King James Version (KJV)
- Therefore shalt thou serve thine enemies which the LORD shall send against thee, in hunger, and in thirst, and in nakedness, and in want of all [things:] and he shall put a yoke of iron upon thy neck, until he have destroyed thee.
- World English Bible (WEB)
- therefore you will serve your enemies whom the LORD sends against you, in hunger, in thirst, in nakedness, and in lack of all things. He will put an iron yoke on your neck until he has destroyed you.
- American Standard Version (ASV)
- therefore shalt thou serve thine enemies that Jehovah shall send against thee, in hunger, and in thirst, and in nakedness, and in want of all things: and he shall put a yoke of iron upon thy neck, until he have destroyed thee.
- Bible in Basic English (BBE)
- For this cause you will become servants to those whom the Lord your God will send against you, without food and drink and clothing, and in need of all things: and he will put a yoke of iron on your neck till he has put an end to you.
- Darby Translation (DBY)
- thou shalt serve thine enemies whom Jehovah will send against thee, in hunger, and in thirst, and in nakedness, and in want of everything; and he shall put a yoke of iron upon thy neck, until he have destroyed thee.
- Webster's Bible (WBS)
- Therefore shalt thou serve thy enemies which the LORD shall send against thee, in hunger, and in thirst, and in nakedness, and in want of all [things] : and he shall put a yoke of iron upon thy neck, until he hath destroyed thee.
- Young's Literal Translation (YLT)
- thou hast served thine enemies, whom Jehovah sendeth against thee, in hunger, and in thirst, and in nakedness, and in lack of all things; and he hath put a yoke of iron on thy neck, till He hath destroyed thee.
Read in context
- 46और वे तुझ पर और तेरे वंश पर सदा के लिये बने रहकर चिन्ह और चमत्कार ठहरेंगे;
- 47तू जो सब पदार्थ की बहुतायत होने पर भी आनन्द और प्रसन्नता के साथ अपने परमेश्वर यहोवा की सेवा नहीं करेगा,
- 48इस कारण तुझ को भूखा, प्यासा, नंगा, और सब पदार्थों से रहित होकर अपने उन शत्रुओं की सेवा करनी पड़ेगी जिन्हें यहोवा तेरे विरूद्ध भेजेगा; और जब तक तू नष्ट न हो जाए तब तक वह तेरी गर्दन पर लेहे का जूआ डाल रखेगा।
- 49यहोवा तेरे विरूद्ध दूर से, वरन पृथ्वी के छोर से वेग उड़नेवाले उकाब सी एक जाति को चढ़ा लाएगा जिसकी भाषा को तू न समझेगा;
- 50उस जाति के लोगों का व्यवहार क्रूर होगा, वे न तो बूढ़ों का मुंह देखकर आदर करेंगे, और न बालकों पर दया करेंगे;
Cross references
- Jeremiah 28:13–14 यिर्मयाह 28:13–14जाकर हनन्याह से यह कह, यहोवा यों कहता है कि तू ने काठ का जूआ तो तोड़ दिया, परन्तु ऐसा करके तू ने उसकी सन्ती लोहे का जूआ बना लिया है। क्योंकि इस्राएल का परमेश्वर, सेनाओं का यहोवा यों कहता है कि मैं इन सब जातियों की गर्दन पर लोहे का जूआ रखता हूँ और वे बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर के आधीन रहेंगे, और इनको उसके अधीन होना पड़ेगा, क्योंकि मैदान के जीवजन्तु भी मैं उसके वश में कर देता हूँ।
- Jeremiah 44:22 यिर्मयाह 44:22क्या उस ने उसको स्मरण न किया? सो जब यहोवा तुम्हारे बुरे और सब घृणित कामों को और अधिक न सह सका, तब तुम्हारा देश उजड़कर निर्जन और सुनसान हो गया, यहां तक कि लोग उसकी उपमा देकर शाप दिया करते हैं, जैसे कि आज होता है।
- Ezekiel 17:12 यहेजकेल 17:12क्या तुम इन बातों का अर्थ नहीं समझते? फिर उन से कह, बाबुल के राजा ने यरूशलेम को जाकर उसके राजा और और प्रधानों को लेकर अपने यहां बाबुल में पहुंचाया।
- Lamentations 5:2–6 विलापगीत 5:2–6हमारा भाग परदेशियों का हो गया ओर हमारे घर परायों के हो गए हैं। हम अनाथ और पिताहीन हो गए; हमारी माताएं विधवा सी हो गई हैं। हम मोल लेकर पानी पीते हैं, हम को लकड़ी भी दाम से मिलती है। खदेड़नेवाले हमारी गर्दन पर टूट पडे हैं; हम थक गए हैं, हमें विश्राम नहीं मिलता। हम स्वयं मिस्र के अधीन हो गए, और अश्शूर के भी, ताकि पेेट भर सकें।
- Nehemiah 9:35–37 नहेमायाह 9:35–37उन्हों ने अपने राज्य में, और उस बड़े कल्याण के समय जो तू ने उन्हें दिया था, और इस लम्बे चौड़े और उपजाऊ देश में तेरी सेवा नहीं की; और न अपने बुरे कामों से पश्चाताप किया। देख, हम आज कल दास हैं; जो देश तू ने हमारे पितरों को दिया था कि उसकी उत्तम उपज खाएं, इसी में हम दास हैं। इसकी उपज से उन राजाओं को जिन्हें तू ने हमारे पापों के कारण हमारे ऊपर ठहराया है, बहुत धन मिलता है; और वे हमारे शरीरों और हमारे पशुओं पर अपनी अपनी इच्छा के अनुसार प्रभुता जताते हैं, इसलिये हम बड़े संकट में पड़े हैं।
- Ezekiel 4:16–17 यहेजकेल 4:16–17फिर उस ने मुझ से कहा, हे मनुष्य के सन्तान, देख, मैं यरूशलेम में अन्नरूपी आधार को दूर करूंगा; सो वहां के लोग तौल तोलकर और चिन्ता कर करके रोटी खाया करेंगे; और माप मापकर और विस्मित हो होकर पानी पिया करेंगे। और इस से उन्हें रोटी और पानी की घटी होगी; और वे सब के सब घबराएंगे, और अपने अधर्म में फंसे हुए सूख् जाएंगे।
- Jeremiah 44:27 यिर्मयाह 44:27सुनो, अब मैं उनकी भलाई नहीं, हानि ही की चिन्ता करूंगा; सो मिस्र देश में रहनेवाले सब यहूदी, तलवार और महंगी के द्वारा मिटकर नाश हो जाएंगे जब तक कि उनका सर्वनाश न हो जाए।
- Jeremiah 44:17–18 यिर्मयाह 44:17–18जो जो मन्नतें हम मान चुके हैं उन्हें हम निश्चय पूरी करेंगी, हम स्वर्ग की रानी के लिये धूप जलाएंगे और तपावन देंगे, जैसे कि हमारे पुरखा लोग और हम भी अपने राजाओं और और हाकिमों समेत यहूदा के नगरों में और यरूशलेम की सड़कों में करते थे; क्योंकि उस समय हम पेट भरके खाते और भले चंगे रहते और किसी विपत्ति में नहीं पड़ते थे। परन्तु जब से हम ने स्वर्ग की रानी के लिये धूप जलाना और तपावन देना छोड़ दिया, तब से हम को सब वस्तुओं की घटी है; और हम तलवार और महंगी के द्वारा मिट चले हैं।
- Jeremiah 27:12–13 यिर्मयाह 27:12–13और यहूदा के राजा सिदकिरयाह से भी मैं ने ये बातें कहीं, अपनी प्रजा समेत तू बाबुल के राजा का जूआ अपनी गर्दन पर ले, और उसके और उसकी प्रजा के आधीन रहकर जीवित रह। जब यहोवा ने उस जाति के विषय जो बाबुल के राजा के आधीन न हो, यह कहा है कि वह तलवार, महंगी और मरी से नाश होगी; तो फिर तू क्यों अपनी प्रजा समेत मरना चाहता है?
- 2 Chronicles 12:8 2 इतिहास 12:8तौभी वे उसके अधीन तो रहेंगे, ताकि वे मेरी और देश देश के राज्यों की भी सेवा जान लें।
- Ezekiel 17:7 यहेजकेल 17:7फिर और एक लम्बे पंखवाला और परों से भरा हुआ बड़ा उकाब पक्षी था; और वह अंगूर की लता उस स्थान से जहां वह लगाई गई थी, उस दूसरे उकाब की ओर अपनी सोर फैलाने और अपनी डालियां झुकाने लगी कि वह उसे खचा करे।
- Matthew 11:29 मत्ती 11:29मेरा जूआ अपने ऊपर उठा लो; और मुझ से सीखो; क्योंकि मैं नम्र और मन में दी हूं: और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे।
Original words (Hebrew)
- serve · H5647עָבַד ʻâbad
- enemies · H341אֹיֵב ʼôyêb
- send · H7971שָׁלַח shâlach
- hunger · H7458רָעָב râʻâb
- thirst · H6772צָמָא tsâmâʼ
- nakedness · H5903עֵירֹם ʻêyrôm
- want · H2640חֹסֶר chôçer
- put · H5414נָתַן nâthan
- yoke · H5923עֹל ʻôl
- iron · H1270בַּרְזֶל barzel
- neck · H6677צַוָּאר tsavvâʼr
- destroyed · H8045שָׁמַד shâmad