Nehemiah · chapter 9 · verse 35
Nehemiah 9:35 in Hindi
उन्हों ने अपने राज्य में, और उस बड़े कल्याण के समय जो तू ने उन्हें दिया था, और इस लम्बे चौड़े और उपजाऊ देश में तेरी सेवा नहीं की; और न अपने बुरे कामों से पश्चाताप किया।
Unhom ne apane raajy mem, aur us bade kalyaan ke samay jo too ne unhem diyaa thaa, aur is lambe chaude aur upajaaoo desh mem teree sevaa naheem kee; aur na apane bure kaamom se pashchaataap kiyaa.
Nehemiah 9:35 in English
- King James Version (KJV)
- For they have not served thee in their kingdom, and in thy great goodness that thou gavest them, and in the large and fat land which thou gavest before them, neither turned they from their wicked works.
- World English Bible (WEB)
- For they have not served you in their kingdom, and in your great goodness that you gave them, and in the large and rich land which you gave before them. They didn’t turn from their wicked works.
- American Standard Version (ASV)
- For they have not served thee in their kingdom, and in thy great goodness that thou gavest them, and in the large and fat land which thou gavest before them, neither turned they from their wicked works.
- Bible in Basic English (BBE)
- For they have not been your servants in their kingdom, and in all the good things you gave them, and in the great and fat land you gave them, and they have not been turned away from their evil-doing.
- Darby Translation (DBY)
- And they have not served thee in their kingdom, and in thy great goodness that thou gavest them, and in the large and fat land that thou didst set before them, neither turned they from their wicked works.
- Webster's Bible (WBS)
- For they have not served thee in their kingdom, and in thy great goodness that thou gavest them, and in the large and fat land which thou gavest before them, neither turned they from their wicked works.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and they, in their kingdom, and in Thine abundant goodness, that Thou hast given to them, and in the land, the large and the fat, that Thou hast set before them, have not served Thee, nor turned back from their evil doings.
Read in context
- 33तौभी जो कुछ हम पर बीता है उसके विष्य तू तो धम है; तू ने तो सच्चाई से काम किया है, परन्तु हम ने दुष्टता की है।
- 34और हमारे राजाओं और हाकिमों, याजकों और पुरखाओं ने, न तो तेरी व्यवस्था को माना है और न तेरी आज्ञाओं और चितौनियों की ओर ध्यान दिया है जिन से तू ने उनको चिताया था।
- 35उन्हों ने अपने राज्य में, और उस बड़े कल्याण के समय जो तू ने उन्हें दिया था, और इस लम्बे चौड़े और उपजाऊ देश में तेरी सेवा नहीं की; और न अपने बुरे कामों से पश्चाताप किया।
- 36देख, हम आज कल दास हैं; जो देश तू ने हमारे पितरों को दिया था कि उसकी उत्तम उपज खाएं, इसी में हम दास हैं।
- 37इसकी उपज से उन राजाओं को जिन्हें तू ने हमारे पापों के कारण हमारे ऊपर ठहराया है, बहुत धन मिलता है; और वे हमारे शरीरों और हमारे पशुओं पर अपनी अपनी इच्छा के अनुसार प्रभुता जताते हैं, इसलिये हम बड़े संकट में पड़े हैं।
Cross references
- Deuteronomy 28:47 व्यवस्थाविवरण 28:47तू जो सब पदार्थ की बहुतायत होने पर भी आनन्द और प्रसन्नता के साथ अपने परमेश्वर यहोवा की सेवा नहीं करेगा,
- Deuteronomy 32:12–15 व्यवस्थाविवरण 32:12–15यहोवा अकेला ही उसकी अगुवाई करता रहा, और उसके संग कोई पराया देवता न था।। उस ने उसको पृथ्वी के ऊंचे ऊंचे स्थानों पर सवार कराया, और उसको खेतों की उपज खिलाई; उस ने उसे चट्टान में से मधु और चकमक की चट्ठान में से तेल चुसाया।। गायों का दही, और भेड़- बकरियों का दूध, मेम्नों की चर्बी, बकरे और बाशान की जाति के मेढ़े, और गेहूं का उत्तम से उत्तम आटा भी; और तू दाखरस का मधु पिया करता था।। परन्तु यशूरून मोटा होकर लात मारने लगा; तू मोटा और हृष्ट- पुष्ट हो गया, और चर्बी से छा गया है; तब उस ने अपने सृजनहार ईश्वर को तज दिया, और अपने उद्धारमूल चट्टान को तुच्छ जाना।।
- Jeremiah 5:19 यिर्मयाह 5:19और जब तुम पूछोगे कि हमारे परमेश्वर यहोवा ने हम से ये सब काम किस लिये किए हैं, तब तुम उन से कहना, जिस प्रकार से तुम ने मुझ को त्यागकर अपने देश में दूसरे देवताओं की सेवा की है, उसी प्रकार से तुम को पराये देश में परदेशियों की सेवा करनी पड़ेगी।
- Nehemiah 9:25 नहेमायाह 9:25और उन्हों ने गढ़वाले नगर और उपजाऊ भूमि ले ली, और सब भांति की अच्छी वस्तुओं से भरे हुए घरों के, और खुदे हुए हौदों के, और दाख और जलपाई बारियों के, और खाने के फलवाले बहुत से वृक्षों के अधिकारी हो गए; वे उसे खा खाकर तृप्त हुए, और हृष्ट- पुष्ट हो गए, और तेरी बड़ी भलाई के कारण सुख भोगते रहे।
- Deuteronomy 8:7–10 व्यवस्थाविवरण 8:7–10क्योंकि तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे एक उत्तम देश में लिये जा रहा है, जो जल की नदियों का, और तराइयों और पहाड़ों से निकले हुए गहिरे गहिरे सोतों का देश है। फिर वह गेहूं, जौ, दाखलताओं, अंजीरों, और अनरों का देश है; और तेलवाली जलपाई और मधु का भी देश है। उस देश में अन्न की महंगी न होगी, और न उस में तुझे किसी पदार्थ की घटी होगी; वहां के पत्थर लोहे के हैं, और वहां के पहाड़ों में से तू तांबा खोदकर निकाल सकेगा। और तू पेट भर खाएगा, और उस उत्तम देश के कारण जो तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देगा उसका धन्य मानेगा।
- Romans 3:4–5 रोमियों 3:4–5कदापि नहीं, बरन परमेश्वर सच्चा और हर एक मनुष्य झूठा ठहरे, जैसा लिखा है, कि जिस से तू अपनी बातों में धर्मी ठहरे और न्याय करते समय तू जय पाए। सो यदि हमारा अधर्म परमेश्वर की धार्मिकता ठहरा देता है, तो हम क्या कहें? क्या यह कि परमेश्वर जो क्रोध करता है अन्यायी है? (यह तो मैं मनुष्य की रीति पर कहता हूं)।
- Deuteronomy 31:21 व्यवस्थाविवरण 31:21वरन अभी भी जब मैं इन्हें इस देश में जिसके विषय मैं ने शपथ खाई है पहुंचा नहीं चुका, मुझे मालूम है, कि ये क्या क्या कल्पना कर रहे हैं; इसलिये जब बहुत सी विपत्तियां और क्लेश इन पर आ पड़ेंगे, तब यह गीत इन पर साक्षी देगा, क्योंकि इनकी सन्तान इसको कभी भी नहीं भूलेगी।
Original words (Hebrew)
- served · H5647עָבַד ʻâbad
- kingdom · H4438מַלְכוּת malkûwth
- great · H7227רַב rab
- goodness · H2898טוּב ṭûwb
- gavest · H5414נָתַן nâthan
- large · H7342רָחָב râchâb
- fat · H8082שָׁמֵן shâmên
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- gavest · H5414נָתַן nâthan
- before · H6440פָּנִים pânîym
- turned · H7725שׁוּב shûwb
- wicked · H7451רַע raʻ
- works · H4611מַעֲלָל maʻălâl