Deuteronomy · chapter 8 · verse 12
Deuteronomy 8:12 in Hindi
ऐसा न हो कि जब तू खाकर तृप्त हो, और अच्छे अच्छे घर बनाकर उन में रहने लगे,
Aisaa na ho ki jab too khaakar trupt ho, aur achchhe achchhe ghar banaakar un mem rahane lage,
Deuteronomy 8:12 in English
- King James Version (KJV)
- Lest [when] thou hast eaten and art full, and hast built goodly houses, and dwelt [therein;]
- World English Bible (WEB)
- lest, when you have eaten and are full, and have built fine houses and lived in them;
- American Standard Version (ASV)
- lest, when thou hast eaten and art full, and hast built goodly houses, and dwelt therein;
- Bible in Basic English (BBE)
- And when you have taken food and are full, and have made fair houses for yourselves and are living in them;
- Darby Translation (DBY)
- lest when thou hast eaten and art full, and hast built and inhabited fine houses,
- Webster's Bible (WBS)
- Lest [when] thou hast eaten, and art full, and hast built goodly houses, and dwelt [in them] ;
- Young's Literal Translation (YLT)
- lest thou eat, and hast been satisfied, and good houses dost build, and hast inhabited;
Read in context
- 10और तू पेट भर खाएगा, और उस उत्तम देश के कारण जो तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देगा उसका धन्य मानेगा।
- 11इसलिये सावधान रहना, कहीं ऐसा न हो कि अपने परमेश्वर यहोवा को भूलकर उसकी जो जो आज्ञा, नियम, और विधि, मैं आज तुझे सुनाता हूं उनका मानना छोड़ दे;
- 12ऐसा न हो कि जब तू खाकर तृप्त हो, और अच्छे अच्छे घर बनाकर उन में रहने लगे,
- 13और तेरी गाय- बैलों और भेड़- बकरियों की बढ़ती हो, और तेरा सोना, चांदी, और तेरा सब प्रकार का धन बढ़ जाए,
- 14तब तेरे मन में अहंकार समा जाए, और तू अपने परमेश्वर यहोवा को भूल जाए, जो तुझ को दासत्व के घर अर्थात् मि देश से निकाल लाया है,
Cross references
- Proverbs 30:9 नीतिवचन 30:9ऐसा न हो, कि जब मेरा पेट भर जाए, तब मैं इन्कार करके कहूं कि यहोवा कौन है? वा अपना भाग खोकर चोरी करूं, और अपने परमेश्वर का नाम अनुचित रीति से लूं।
- Deuteronomy 28:47 व्यवस्थाविवरण 28:47तू जो सब पदार्थ की बहुतायत होने पर भी आनन्द और प्रसन्नता के साथ अपने परमेश्वर यहोवा की सेवा नहीं करेगा,
- Deuteronomy 32:15 व्यवस्थाविवरण 32:15परन्तु यशूरून मोटा होकर लात मारने लगा; तू मोटा और हृष्ट- पुष्ट हो गया, और चर्बी से छा गया है; तब उस ने अपने सृजनहार ईश्वर को तज दिया, और अपने उद्धारमूल चट्टान को तुच्छ जाना।।
- Hosea 13:5–6 होशे 13:5–6मैं ने उस समय तुझ पर मन लगाया जब तू जंगल में वरन अत्यन्त सूखे देश में था। परन्तु जब इस्राएली चराए जाते थे और वे तृप्त हो गए, तब तृप्त होने पर उनका मन घमण्ड से भर गया; इस कारण वे मुझ को भूल गए।
- Amos 5:11 आमोस 5:11तुम जो कंगालों को लताड़ा करते, और भेंट कहकर उस से अन्न हर लेते हो, इसलिये जो घर तुम ने गढ़े हुए पत्थरों के बनाए हैं, उन में रहने न पाओगे; और जो मनभावनी दाख की बारियां तुम ने लगाई हैं, उनका दाखमधु न पीने पाओगे।
- Luke 17:28 लूका 17:28और जैसा लूत के दिनों में हुआ था, कि लोग खाते- पीते लेन- देन करते, पेड़ लगाते और घर बनाते थे।
- Ecclesiastes 2:4 सभोपदेशक 2:4मैं ने बड़े बड़े काम किए; मैं ने अपने लिये घर बनवा लिए और अपने लिये दाख की बारियां लगवाई;
- Deuteronomy 31:20 व्यवस्थाविवरण 31:20जब मैं इनको उस देश में पहुंचाऊंगा जिसे देने की मैं ने इनके पूर्वजों से शपथ खाईं थी, और जिस में दूध और मधु की धाराएं बहती हैं, और खाते- खाते इनका पेट भर जाए, और ये हृष्ट- पुष्ट हो जाएंगे; तब ये पराये देवताओं की ओर फिरकर उनकी उपासना करने लगेंगे, और मेरा तिरस्कार करके मेरी वाचा को तोड़ देंगे।
- Haggai 1:4 हाग्गै 1:4क्या तुम्हारे लिये अपने छतवाले घरों में रहने का समय है, जब कि यह भवन उजाड़ पड़ा है?
- Jeremiah 22:14–15 यिर्मयाह 22:14–15वह कहता है, मैं अपने लिये लम्बा- चौड़ा घर और हवादार कोठा बना लूंगा, और वह खिड़कियां बनाकर उन्हें देवदार की लकड़ी से पाट लेता है, और सिन्दूर से रंग देता है। तू जो देवदार की लकड़ी का अभिलाषी है, क्या इस रीति से तेरा राज्य स्थिर रहेगा। देख, तेरा पिता न्याय और धर्म के काम करता था, और वह खाता पीता और सुख से भी रहता था!
- Ezekiel 11:3 यहेजकेल 11:3ये कहते हैं, घर बनाने का समय निकट नहीं, यह नगर हंडा और हम उस में का मांस है।