Proverbs · chapter 30 · verse 9
Proverbs 30:9 in Hindi
ऐसा न हो, कि जब मेरा पेट भर जाए, तब मैं इन्कार करके कहूं कि यहोवा कौन है? वा अपना भाग खोकर चोरी करूं, और अपने परमेश्वर का नाम अनुचित रीति से लूं।
Aisaa na ho, ki jab meraa pet bhar jaae, tab maim inkaar karake kahoom ki yahovaa kaun hai? Vaa apanaa bhaag khokar choree karoom, aur apane parameshvar kaa naam anuchit reeti se loon.
Proverbs 30:9 in English
- King James Version (KJV)
- Lest I be full, and deny [thee], and say, Who [is] the LORD? or lest I be poor, and steal, and take the name of my God [in vain].
- World English Bible (WEB)
- lest I be full, deny you, and say, ‘Who is the LORD?’ or lest I be poor, and steal, and so dishonor the name of my God.
- American Standard Version (ASV)
- Lest I be full, and deny [thee], and say, Who is Jehovah? Or lest I be poor, and steal, And use profanely the name of my God.
- Bible in Basic English (BBE)
- For fear that if I am full, I may be false to you and say, Who is the Lord? or if I am poor, I may become a thief, using the name of my God wrongly.
- Darby Translation (DBY)
- lest I be full and deny [thee], and say, Who is Jehovah? or lest I be poor and steal, and outrage the name of my God.
- Webster's Bible (WBS)
- Lest I be full, and deny [thee] , and say, Who [is] the LORD? or lest I be poor, and steal, and take the name of my God [in vain] .
- Young's Literal Translation (YLT)
- Lest I become satiated, and have denied, And have said, 'Who [is] Jehovah?' And lest I be poor, and have stolen, And have laid hold of the name of my God.
Read in context
- 7मैं ने तुझ से दो वर मांगे हैं, इसलिये मेरे मरने से पहिले उन्हें मुझे देने से मुंह न मोड़:
- 8अर्थात व्यर्थ और झूठी बात मुझ से दूर रख; मुझे न तो निर्धन कर और न धनी बना; प्रतिदिन की रोटी मुझे खिलाया कर।
- 9ऐसा न हो, कि जब मेरा पेट भर जाए, तब मैं इन्कार करके कहूं कि यहोवा कौन है? वा अपना भाग खोकर चोरी करूं, और अपने परमेश्वर का नाम अनुचित रीति से लूं।
- 10किसी दास की, उसके स्वामी से चुगली न करना, ऐसा न हो कि वह तुझे शाप दे, और तू दोषी ठहराया जाए।।
- 11ऐसे लोग हैं, जो अपने पिता को शाप देते और अपनी माता को धन्य नहीं कहते।
Cross references
- Hosea 13:6 होशे 13:6परन्तु जब इस्राएली चराए जाते थे और वे तृप्त हो गए, तब तृप्त होने पर उनका मन घमण्ड से भर गया; इस कारण वे मुझ को भूल गए।
- Deuteronomy 31:20 व्यवस्थाविवरण 31:20जब मैं इनको उस देश में पहुंचाऊंगा जिसे देने की मैं ने इनके पूर्वजों से शपथ खाईं थी, और जिस में दूध और मधु की धाराएं बहती हैं, और खाते- खाते इनका पेट भर जाए, और ये हृष्ट- पुष्ट हो जाएंगे; तब ये पराये देवताओं की ओर फिरकर उनकी उपासना करने लगेंगे, और मेरा तिरस्कार करके मेरी वाचा को तोड़ देंगे।
- Ezekiel 16:49–50 यहेजकेल 16:49–50देख, तेरी बहिन सदोम का अधर्म यह था, कि वह अपनी पुत्रियों सहित घमण्ड करती, पेट भर भरके खाती, और सुख चैन से रहती थीे और दीन दरिद्र को न संभालती थी। सो वह गर्व करके मेरे साम्हने घृणित काम करने लगी, और यह देखकर मैं ने उन्हें दूर कर दिया।
- Deuteronomy 8:10–14 व्यवस्थाविवरण 8:10–14और तू पेट भर खाएगा, और उस उत्तम देश के कारण जो तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देगा उसका धन्य मानेगा। इसलिये सावधान रहना, कहीं ऐसा न हो कि अपने परमेश्वर यहोवा को भूलकर उसकी जो जो आज्ञा, नियम, और विधि, मैं आज तुझे सुनाता हूं उनका मानना छोड़ दे; ऐसा न हो कि जब तू खाकर तृप्त हो, और अच्छे अच्छे घर बनाकर उन में रहने लगे, और तेरी गाय- बैलों और भेड़- बकरियों की बढ़ती हो, और तेरा सोना, चांदी, और तेरा सब प्रकार का धन बढ़ जाए, तब तेरे मन में अहंकार समा जाए, और तू अपने परमेश्वर यहोवा को भूल जाए, जो तुझ को दासत्व के घर अर्थात् मि देश से निकाल लाया है,
- Deuteronomy 32:15 व्यवस्थाविवरण 32:15परन्तु यशूरून मोटा होकर लात मारने लगा; तू मोटा और हृष्ट- पुष्ट हो गया, और चर्बी से छा गया है; तब उस ने अपने सृजनहार ईश्वर को तज दिया, और अपने उद्धारमूल चट्टान को तुच्छ जाना।।
- Nehemiah 9:25–26 नहेमायाह 9:25–26और उन्हों ने गढ़वाले नगर और उपजाऊ भूमि ले ली, और सब भांति की अच्छी वस्तुओं से भरे हुए घरों के, और खुदे हुए हौदों के, और दाख और जलपाई बारियों के, और खाने के फलवाले बहुत से वृक्षों के अधिकारी हो गए; वे उसे खा खाकर तृप्त हुए, और हृष्ट- पुष्ट हो गए, और तेरी बड़ी भलाई के कारण सुख भोगते रहे। परन्तु वे तुझ से फिरकर बलवा करनेवाले बन गए और तेरी व्यवस्था को त्याग दिया, और तेरे जो नबी तेरी ओर उन्हें फेरने के लिये उनको चिताते रहे उनको उन्हों ने घात किया, और तेरा बहुत तिरस्कार किया।
- Job 31:24–28 अय्यूब 31:24–28यदि मैं ने सोने का भरोसा किया होता, वा कुन्दन को अपना आसरा कहा होता, वा अपने बहुत से धन वा अपनी बड़ी कमाई के कारण आनन्द किया होता, वा सूर्य को चमकते वा चन्द्रमा को महाशोभा से चलते हुए देखकर मैं मन ही मन मोहित हो गया होता, और अपने मुंह से अपना हाथ चूम लिया होता; तो यह भी न्यायियों से दणड पाने के योग्य अधर्म का काम होता; क्योंकि ऐसा करके मैं ने सर्वश्रेष्ठ ईश्वर का इनकार किया होता।
- Deuteronomy 6:10–12 व्यवस्थाविवरण 6:10–12और जब तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे उस देश में पहुंचाए जिसके विषय में उस ने इब्राहीम, इसहाक, और याकूब नाम, तेरे पूर्वजों से तुझे देने की शपथ खाई, और जब वह तुझ को बड़े बड़े और अच्छे नगर, जो तू ने नहीं बनाए, और अच्छे अच्छे पदार्थों से भरे हुए घर, जो तू ने नहीं भरे, और खुदे हुए कुंए, जो तू ने नहीं खोदे, और दाख की बारियां और जलपाई के वक्षृ, जो तू ने नहीं लगाए, ये सब वस्तुएं जब वह दे, और तू खाके तृप्त हो, तब सावधान रहना, कहीं ऐसा न हो कि तू यहोवा को भूल जाए, जो तुझे दासत्व के घर अर्थात् मि देश से निकाल लाया है।
- Jeremiah 2:31 यिर्मयाह 2:31हे लोगो, यहोवा के वचन पर ध्यान दो! क्या मैं इस्राएल के लिये जंगल वा घोर अन्धकार का देश बना? तब मेरी प्रजा क्यों कहती है कि हम तो आजाद हो गए हैं सो तेरे पास फिर न आएंगे?
- Exodus 20:7 निर्गमन 20:7तू अपने परमेश्वर का नाम व्यर्थ न लेना; क्योंकि जो यहोवा का नाम व्यर्थ ले वह उसको निर्दोष न ठहराएगा।।
- Joshua 24:27 यहोशू 24:27तब यहोशू ने सब लोगों से कहा, सुनो, यह पत्थर हम लोगों का साक्षी रहेगा, क्योंकि जितने वचन यहोवा ने हम से कहें हैं उन्हें इस ने सुना है; इसलिये यह तुम्हारा साक्षी रहेगा, ऐसा न हो कि तुम अपने परमेश्वर से मुकर जाओ।
- Matthew 26:72 मत्ती 26:72उस ने शपथ खाकर फिर इन्कार किया कि मैं उस मनुष्य को नहीं जानता।