Amos · chapter 5 · verse 11
Amos 5:11 in Hindi
तुम जो कंगालों को लताड़ा करते, और भेंट कहकर उस से अन्न हर लेते हो, इसलिये जो घर तुम ने गढ़े हुए पत्थरों के बनाए हैं, उन में रहने न पाओगे; और जो मनभावनी दाख की बारियां तुम ने लगाई हैं, उनका दाखमधु न पीने पाओगे।
Tum jo kangaalom ko lataadaa karate, aur bhent kahakar us se ann har lete ho, isaliye jo ghar tum ne gadhe hue pattharom ke banaae haim, un mem rahane na paaoge; aur jo manabhaavanee daakh kee baariyaam tum ne lagaaee haim, unakaa daakhamadhu na peene paaoge.
Amos 5:11 in English
- King James Version (KJV)
- Forasmuch therefore as your treading [is] upon the poor, and ye take from him burdens of wheat: ye have built houses of hewn stone, but ye shall not dwell in them; ye have planted pleasant vineyards, but ye shall not drink wine of them.
- World English Bible (WEB)
- Therefore, because you trample on the poor and take taxes from him of wheat, you have built houses of cut stone, but you will not dwell in them. You have planted pleasant vineyards, but you shall not drink their wine.
- American Standard Version (ASV)
- Forasmuch therefore as ye trample upon the poor, and take exactions from him of wheat: ye have built houses of hewn stone, but ye shall not dwell in them; ye have planted pleasant vineyards, but ye shall not drink the wine thereof.
- Bible in Basic English (BBE)
- So because the poor man is crushed under your feet, and you take taxes from him of grain: you have made for yourselves houses of cut stone, but you will not take your rest in them; the fair vine-gardens planted by your hands will not give you wine.
- Darby Translation (DBY)
- Forasmuch, therefore, as ye trample upon the poor, and take from him presents of wheat: ye have built houses of hewn stone, but ye shall not dwell in them; ye have planted pleasant vineyards, and ye shall not drink the wine of them.
- Webster's Bible (WBS)
- Forasmuch therefore as your treading [is] upon the poor, and ye take from him burdens of wheat: ye have built houses of hewn stone, but ye shall not dwell in them; ye have planted pleasant vineyards, but ye shall not drink wine of them.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Therefore, because of your trampling on the poor, And the tribute of corn ye take from him, Houses of hewn work ye have built, And ye do not dwell in them, Desirable vineyards ye have planted, And ye do not drink their wine.
Read in context
- 9वह तुरन्त ही बलवन्त को विनाश कर देता, और गढ़ का भी सत्यानाश करता है।।
- 10जो सभा से उलाहना देता है उस से वे बैर रखते हैं, और खरी बात बोलनेवाले से घृणा करते हैं।
- 11तुम जो कंगालों को लताड़ा करते, और भेंट कहकर उस से अन्न हर लेते हो, इसलिये जो घर तुम ने गढ़े हुए पत्थरों के बनाए हैं, उन में रहने न पाओगे; और जो मनभावनी दाख की बारियां तुम ने लगाई हैं, उनका दाखमधु न पीने पाओगे।
- 12क्योंकि मैं जानता हूं कि तुम्हारे पाप भारी हैं। तुम धर्मी को सताते और घूस लेते, और फाटक में दरिद्रों का न्याय बिगाड़ते हो।
- 13इस कारण जो बुद्धिमान् हो, वह ऐसे समय चुपका रहे, क्योंकि समय बुरा है।।
Cross references
- Deuteronomy 28:30 व्यवस्थाविवरण 28:30तू स्त्री से ब्याह की बात लगाएगा, परन्तु दूसरा पुरूष उसको भ्रष्ट करेगा; घर तू बनाएगा, परन्तु उस में बसने न पाएगा; दाख की बारी तू लगाएगा, परन्तु उसके फल खाने न पाएगा।
- Micah 6:15 मीका 6:15तू बोएगा, परन्तु लवेगा नहीं; तू जलपाई का तेल निकालेगा, परन्तु लगाने न पाएगा; और दाख रौंदेगा, परन्तु दाखमधु पीने न पाएगा।
- Zephaniah 1:13 सपन्याह 1:13तब उनकी धन सम्पत्ति लूटी जाएगी, और उनके घर उजाड़ होंगे; वे घर तो बनाएंगे, परन्तु उन में रहने न पाएंगे; और वे दाख की बारियां लगाएंगे, परन्तु उन से दाखमधु न पीने पाएंगे।।
- James 2:6 याकूब 2:6पर तुम ने उस कंगाल का अपमान किया: क्या धनी लोग तुम पर अत्याचार नहीं करते और क्या वे ही तुम्हें कचहरियों में घसीट घसीट कर नहीं ले जाते?
- Revelation 11:8–10 प्रकाशितवाक्य 11:8–10और उन की लोथें उस बड़े नगर के चौक में पड़ी रहेंगी, जो आत्मिक रीति से सदोम और मिसर कहलाता है, जहां उन का प्रभु भी क्रूस पर चढ़ाया गया था। और सब लोगों, और कुलों, और भाषाओं, और जातियों में से लोग उन की लोथें साढ़े तीन दिन तक देखते रहेंगे, और उन की लोथें कब्र में रखने ने देंगे। और पृथ्वी के रहनेवाले, उन के मरने से आनन्दित और मगन होंगे, और एक दूसरे के पास भेंट भेजेंगे, क्योंकि इन दोनों भविष्यद्वक्ताओं ने पृथ्वी के रहनेवालों को सताया था
- Haggai 1:6 हाग्गै 1:6तुम ने बहुत बोया परन्तु थोड़ा काटा; तुम खाते हो, परन्तु पेट नहीं भरता; तुम पीते हो, परन्तु प्यास नहीं बुझती; तुम कपड़े पहिनते हो, परन्तु गरमाते नहीं; और जो मजदूरी कमाता है, वह अपनी मजदूरी की कमाई को छेदवाली थैली में रखता है।।
- Micah 3:1–3 मीका 3:1–3और मैं ने कहा, हे याकूब के प्रधानों, हे इस्राएल के घराने के न्याइयों, सुनो! क्या न्याय का भेद जानना तुम्हारा काम नहीं? तुम तो भलाई से बैर, और बुराई से प्रीति रखते हो, मानो, तुम, लोगों पर से उनकी खाल, और उनकी हडि्डयों पर से उनका मांस उधेड़ लेते हो; वरन तुम मेरे लोगों का मांस खा भी लेते, और उनकी खाल उधेड़ते हो; तुम उनकी हडि्डयों को हांड़ी में पकाने के लिये टुकड़े टुकड़े करते हो।
- Micah 2:2 मीका 2:2वे खेतों का लालच करके उन्हें छली लेते हैं, और घरों का लालच करके उन्हें भी ले लेते हैं; और उसके घराने समेत पुरूष पर, और उसके निज भाग समेत किसी पुरूष पर अन्धेर और अत्याचार कहते हैं।
- Isaiah 65:21–22 यशायाह 65:21–22वे घर बनाकर उन में बसेंगे; वे दाख की बारियां लगाकर उनका फल खाएंगे। ऐसा नहीं होगा कि वे बनाएं और दूसरा बसे; वा वे लगाएं, और दूसरा खाए; क्योंकि मेरी प्रजा की आयु वृक्षों की सी होगी, और मेरे चुने हुए अपने कामों का पूरा लाभ उठाएंगे।
- Isaiah 59:13–14 यशायाह 59:13–14हम ने यहोवा का अपराध किया है, हम उस से मुकर गए और अपने परमेश्वर के पीछे चलना छोड़ दिया, हम अन्धेर करने लगे और उलट फेर की बातें कहीं, हम ने झूठी बातें मन में गढ़ीं और कही भी हैं। न्याय तो पीछे हटाया गया और धर्म दूर खड़ा रह गया; सच्चाई बाजार में गिर पड़ी और सिधाई प्रवेश नहीं करने पाती।
- Isaiah 5:7–8 यशायाह 5:7–8क्योंकि सेनाओं के यहोवा की दाख की बारी इस्राएल का घराना, और उसका मनभाऊ पौधा यहूदा के लोग है; और उस ने उन में न्याय की आशा की परन्तु अन्याय देख पड़ा; उस ने धर्म की आशा की, परन्तु उसे चिल्लाहट ही सुन पड़ी! हाय उन पर जो घर से घर, और खेत से खेत यहां तक मिलाते जाते हैं कि कुछ स्थान नहीं बचता, कि तुम देश के बीच अकेले रह जाओ।
Original words (Hebrew)
- Forasmuch · H3282יַעַן yaʻan
- treading · H1318בָּשַׁס bâshaç
- poor · H1800דַּל dal
- take · H3947לָקַח lâqach
- burdens · H4864מַשְׂאֵת masʼêth
- wheat · H1250בָּר bâr
- built · H1129בָּנָה bânâh
- houses · H1004בַּיִת bayith
- stone · H1496גָּזִית gâzîyth
- dwell · H3427יָשַׁב yâshab
- planted · H5193נָטַע nâṭaʻ
- pleasant · H2531חֶמֶד chemed
- vineyards · H3754כֶּרֶם kerem
- drink · H8354שָׁתָה shâthâh
- wine · H3196יַיִן yayin