Ecclesiastes · chapter 2 · verse 20
Ecclesiastes 2:20 in Hindi
तब मैं अपने मन में उस सारे परिश्रम के विषय जो मैं ने धरती पर किया था निराश हुआ,
Tab maim apane man mem us saare parishram ke vishay jo maim ne dharatee par kiyaa thaa niraash huaa,
Ecclesiastes 2:20 in English
- King James Version (KJV)
- Therefore I went about to cause my heart to despair of all the labour which I took under the sun.
- World English Bible (WEB)
- Therefore I began to cause my heart to despair concerning all the labor in which I had labored under the sun.
- American Standard Version (ASV)
- Therefore I turned about to cause my heart to despair concerning all the labor wherein I had labored under the sun.
- Bible in Basic English (BBE)
- So my mind was turned to grief for all the trouble I had taken and all my wisdom under the sun.
- Darby Translation (DBY)
- Then I went about to cause my heart to despair of all the labour wherewith I had laboured under the sun.
- Webster's Bible (WBS)
- Therefore I went about to cause my heart to despair of all the labor which I took under the sun.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And I turned round to cause my heart to despair concerning all the labour that I laboured at under the sun.
Read in context
- 18मैं ने अपने सारे परिश्रम के प्रतिफल से जिसे मैं ने धरती पर किया था घृणा की, क्योंकि अवश्य है कि मैं उसका फल उस मनुष्य के लिये छोड़ जाऊं जो मेरे बाद आएगा।
- 19यह कौन जानता है कि वह मनुष्य बुद्धिमान होगा वा मूर्ख? तौभी धरती पर जितना परिश्रम मैं ने किया, और उसके लिये बुद्धि प्रयोग की उस सब का वही अधिकारी होगा। यह भी व्यर्थ ही है।
- 20तब मैं अपने मन में उस सारे परिश्रम के विषय जो मैं ने धरती पर किया था निराश हुआ,
- 21क्योंकि ऐसा मनुष्य भी है, जिसका कार्य परिश्रम और बुद्धि और ज्ञान से होता है और सफल भी होता है, तौभी उसको ऐसे मनुष्य के लिये छोड़ जाना पड़ता है, जिस ने उस में कुछ भी परिश्रम न किया हो। यह भी व्यर्थ और बहुत ही बुरा है।
- 22मनुष्य जो धरती पर मन लगा लगाकर परिश्रम करता है उस से उसको क्या लाभ होता है?
Cross references
- 2 Corinthians 1:8–10 2 कुरिन्थियों 1:8–10हे भाइयों, हम नहीं चाहते कि तुम हमारे उस क्लेश से अनजान रहो, जो आसिया में हम पर पड़ा, कि ऐसे भारी बोझ से दब गए थे, जो हमारी समर्थ से बाहर था, यहां तक कि हम जीवन से भी हाथ धो बैठे थे। बरन हम ने अपने मन में समझ लिया था, कि हम पर मृत्यु की आज्ञा हो चुकी है कि हम अपना भरोसा न रखें, बरन परमेश्वर का जो मरे हुओं को जिलाता है। उसी ने हमें ऐसी बड़ी मृत्यु से बचाया, और बचाएगा; और उस से हमारी यह आशा है, कि वह आगे को भी बचाता रहेगा।
- Job 17:11–15 अय्यूब 17:11–15मेरे दिन तो बीत चुके, और मेरी मनसाएं मिट गई, और जो मेरे मन में था, वह नाश हुआ है। वे रात को दिन ठहराते; वे कहते हैं, अन्धियारे के निकट उजियाला है। यदि मेरी आश यह हो कि अधोलोक मेरा धाम होगा, यदि मैं ने अन्धियारे में अपना बिछौना बिछा लिया है, यदि मैं ने सड़ाहट से कहा कि तू मेरा पिता है, और कीड़े से, कि तू मेरी मां, और मेरी बहिन है, तो मेरी आशा कहां रही? और मेरी आशा किस के देखने में आएगी?
- 1 Corinthians 15:19 1 कुरिन्थियों 15:19यदि हम केवल इसी जीवन में मसीह से आशा रखते हैं तो हम सब मनुष्यों से अधिक अभागे हैं।।
- Genesis 43:14 उत्पत्ति 43:14और सर्वशक्तिमान ईश्वर उस पुरूष को तुम पर दयालु करेगा, जिस से कि वह तुम्हारे दूसरे भाई को और बिन्यामीन को भी आने दे: और यदि मैं निर्वंश हुआ तो होने दो।
- Psalm 39:6–7 भजन संहिता 39:6–7सचमुच मनुष्य छाया सा चलता फिरता है; सचमुच वे व्यर्थ घबराते हैं; वह धन का संचय तो करता है परन्तु नहीं जानता कि उसे कौन लेगा! और अब हे प्रभु, मैं किस बात की बाट जोहूं? मेरी आशा तो तेरी ओर लगी है।
- 1 Thessalonians 3:3–4 1 थिस्सलुनीकियों 3:3–4कि कोई इन क्लेशों के कारण डगमगा न जाए; क्योंकि तुम आप जानते हो, कि हम इन ही के लिये ठहराए गए हैं। क्योंकि पहिले भी, जब हम तुम्हारे यहां थे, तो तुम ने कहा करते थे, कि हमें क्लेश उठाने पड़ेंगे, और ऐसा ही हुआ है, और तुम जानते भी हो।