Ecclesiastes · chapter 3 · verse 1
Ecclesiastes 3:1 in Hindi
हर एक बात का एक अवसर और प्रत्येक काम का, जो आकाश के नीचे होता है, एक समय है।
Har ek baat kaa ek avasar aur pratyek kaam kaa, jo aakaash ke neeche hotaa hai, ek samay hai.
Ecclesiastes 3:1 in English
- King James Version (KJV)
- To every [thing there is] a season, and a time to every purpose under the heaven:
- World English Bible (WEB)
- For everything there is a season, and a time for every purpose under heaven:
- American Standard Version (ASV)
- For everything there is a season, and a time for every purpose under heaven:
- Bible in Basic English (BBE)
- For everything there is a fixed time, and a time for every business under the sun.
- Darby Translation (DBY)
- To everything there is a season, and a time to every purpose under the heavens:
- Webster's Bible (WBS)
- To every [thing there is] a season, and a time to every purpose under the heaven:
- Young's Literal Translation (YLT)
- To everything — a season, and a time to every delight under the heavens:
Read in context
- 1हर एक बात का एक अवसर और प्रत्येक काम का, जो आकाश के नीचे होता है, एक समय है।
- 2जन्म का समय, और मरन का भी समय; बोने का समय; और बोए हुए को उखाड़ने का भी समय है;
- 3घात करने का समय, और चंगा करने का भी समय; ढा देने का समय, और बनाने का भी समय है;
Cross references
- Ecclesiastes 3:17 सभोपदेशक 3:17मैं ने मन में कहा, परमेश्वर धर्मी और दुष्ट दोनों का न्याय करेगा, क्योंकि उसके यहां एक एक विषय और एक एक काम का समय है।
- Matthew 16:3 मत्ती 16:3और भोर को कहते हो, कि आज आन्धी आएगी क्योंकि आकाश लाल और धुमला है; तुम आकाश का लक्षण देखकर भेद बता सकते हो पर समयों के चिन्हों को भेद नहीं बता सकते?
- Ecclesiastes 8:5–6 सभोपदेशक 8:5–6जो आज्ञा को मानता है, वह जोखिम से बचेगा, और बुद्धिमान का मन समय और न्याय का भेद जानता है। क्योंकि हर एक विषय का समय और नियम होता है, यद्यिप मनुष्य का दु:ख उसके लिये बहुत भारी होता है।
- Ecclesiastes 7:14 सभोपदेशक 7:14सुख के दिन सुख मान, और दु:ख के दिन सोच; क्योंकि परमेश्वर ने दोनों को एक ही संग रखा है, जिस से मनुष्य अपने बाद होनेवाली किसी बात को न बूझ सके।
- 2 Kings 5:26 2 राजा 5:26उस ने उस से कहा, जब वह पुरूष इधर मुंह फेरकर तुझ से मिलने को अपने रथ पर से उतरा, तब वह पूरा हाल मुझे मालूम था; क्या यह समय चान्दी वा वस्त्रा वा जलपाई वा दाख की बारियां, भेड़- बकरियां, गायबैल और दास- दासी लेने का है?
- Proverbs 15:23 नीतिवचन 15:23सज्जन उत्तर देने से आनन्दित होता है, और अवसर पर कहा हुआ वचन क्या ही भला होता है!
- 2 Chronicles 33:12 2 इतिहास 33:12तब संकट में पड़कर वह अपने परमेश्वर यहोवा को मानने लगा, और अपने पूर्वजों के परमेश्वर के साम्हने बहुत दीन हुआ, और उस से प्रार्थना की।
- Ecclesiastes 2:3 सभोपदेशक 2:3मैं ने मन में सोचा कि किस प्रकार से मेरी बुद्धि बनी रहे और मैं अपने प्राण को दाखमधु पीने से क्योंकर बहलाऊं और क्योंकर मूर्खता को थामे रहूं, जब तक मालूम न करूं कि वह अच्छा काम कौन सा है जिसे मनुष्य जीवन भर करता रहे।
- Ecclesiastes 1:13 सभोपदेशक 1:13और मैं ने अपना मन लगाया कि जो कुछ सूर्य के नीचे किया जाता है, उसका भेद बुद्धि से सोच सोचकर मालूम करूं; यह बड़े दु:ख का काम है जो परमेश्वर ने मनुष्यों के लिये ठहराया है कि वे उस में लगें।
- Ecclesiastes 2:17 सभोपदेशक 2:17बुद्धिमान क्योंकर मूर्ख के समान मरता है! इसलिये मैं ने अपने जीवन से घृणा की, क्योंकि जो काम संसार में किया जाता है मुझे बुरा मालूम हुआ; क्योंकि सब कुछ व्यर्थ और वायु को पकड़ना है।