Ecclesiastes · chapter 8 · verse 5
Ecclesiastes 8:5 in Hindi
जो आज्ञा को मानता है, वह जोखिम से बचेगा, और बुद्धिमान का मन समय और न्याय का भेद जानता है।
Jo aajnyaa ko maanataa hai, vah jokhim se bachegaa, aur buddhimaan kaa man samay aur nyaay kaa bhed jaanataa hai.
Ecclesiastes 8:5 in English
- King James Version (KJV)
- Whoso keepeth the commandment shall feel no evil thing: and a wise man’s heart discerneth both time and judgment.
- World English Bible (WEB)
- Whoever keeps the commandment shall not come to harm, and his wise heart will know the time and procedure.
- American Standard Version (ASV)
- Whoso keepeth the commandment shall know no evil thing; and a wise man’s heart discerneth time and judgment:
- Bible in Basic English (BBE)
- Whoever keeps the law will come to no evil: and a wise man's heart has knowledge of time and of decision.
- Darby Translation (DBY)
- Whoso keepeth the commandment shall know no evil thing; and a wise man's heart knoweth time and manner.
- Webster's Bible (WBS)
- He who keepeth the commandment shall feel no evil thing: and a wise man's heart discerneth both time and judgment.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Whoso is keeping a command knoweth no evil thing, and time and judgment the heart of the wise knoweth.
Read in context
- 3राजा के साम्हने से उतावली के साथ न लौटना और न बुरी बात पर हठ करना, क्योंकि वह जो कुछ चाहता है करता है।
- 4क्योंकि राजा के वचन में तो सामर्थ्य रहती है, और कौन उस से कह सकता है कि तू क्या करता है?
- 5जो आज्ञा को मानता है, वह जोखिम से बचेगा, और बुद्धिमान का मन समय और न्याय का भेद जानता है।
- 6क्योंकि हर एक विषय का समय और नियम होता है, यद्यिप मनुष्य का दु:ख उसके लिये बहुत भारी होता है।
- 7वह नहीं जानता कि क्या होनेवाला है, और कब होगा? यह उसको कौन बता सकता है?
Cross references
- Hebrews 5:14 इब्रानियों 5:14पर अन्न सयानों के लिये है, जिन के ज्ञानेन्द्रिय अभ्यास करते करते, भले बुरे में भेद करने के लिये पक्के हो गए हैं।।
- 1 Peter 3:13–14 1 पतरस 3:13–14और यदि तुम भलाई करने में उत्तेजित रहो तो तुम्हारी बुराई करनेवाला फिर कौन है? और यदि तुम धर्म के कारण दुख भी उठाओ, तो धन्य हो; पर उन के डराने से मत डरो, और न घबराओ।
- Philippians 1:9–10 फिलिप्पियों 1:9–10और मैं यह प्रार्थना करता हूं, कि तुम्हारा प्रेम, ज्ञान और सब प्रकार के विवेक सहित और भी बढ़ता जाए। यहां तक कि तुम उत्तम से उत्तम बातों को प्रिय जानो, और मसीह के दिन तक सच्चे बने रहो; और ठोकर न खाओ।
- Romans 13:5–7 रोमियों 13:5–7इसलिये अधीन रहना न केवल उस क्रोध से परन्तु डर से अवश्य है, वरन विवेक भी यही गवाही देता है। इसलिये कर भी दो, क्योंकि परमशॆवर के सेवक हैं, और सदा इसी काम में लगे रहते हैं। इसलिये हर एक का हक्क चुकाया करो, जिस कर चाहिए, उसे कर दो; जिसे महसूल चाहिए, उसे महसूल दो; जिस से डरना चाहिए, उस से डरो; जिस का आदर करना चाहिए उसका आदर करो।।
- 1 Chronicles 12:32 1 इतिहास 12:32और इस्साकारियों में से जो समय को पहचानते थे, कि इस्राएल को क्या करना उचित है, उनके प्रधान दो सौ थे; और उनके सब भाई उनकी आज्ञा में रहते थे।
- Acts 4:19 प्रेरितों के काम 4:19परन्तु पतरस और यूहन्ना ने उन को उत्तर दिया, कि तुम ही न्याय करो, कि क्या यह परमेश्वर के निकट भला है, कि हम परमेश्वर की बात से बढ़कर तुम्हारी बात मानें।
- Luke 20:25 लूका 20:25उस ने उन से कहा; तो जो कैसर का है, वह कैसर को दो और जो परमेश्वर का है, वह परमेश्वर को दो।
- Acts 5:29 प्रेरितों के काम 5:29तक पतरस और, और प्रेरितों ने उत्तर दिया, कि मनुष्यों की आज्ञा से बढ़कर परमेश्वर की आज्ञा का पालन करना ही कर्तव्य कर्म है।
- 1 Corinthians 2:14–15 1 कुरिन्थियों 2:14–15परनतु शारीरिक मनुष्य परमेश्वर के आत्मा की बातें ग्रहण नहीं करता, क्योंकि वे उस की दृष्टि में मूर्खता की बातें हैं, और न वह उन्हें जान सकता है क्योंकि उन की जांच आत्मिक रीति से होती है। आत्मिक जन सब कुछ जांचता है, परन्तु वह आप किसी से जांचा नहीं जाता।
- Ecclesiastes 10:2 सभोपदेशक 10:2बुद्धिमान का मन उचित बात की ओर रहता है परन्तु मूर्ख का मन उसके विपरीत रहता है।
- Exodus 1:17 निर्गमन 1:17परन्तु वे धाइयां परमेश्वर का भय मानती थीं, इसलिये मि के राजा की आज्ञा न मानकर लड़कों को भी जीवित छोड़ देती थीं।
- Hosea 5:11 होशे 5:11एप्रैम पर अन्धेर किया गया है, वह मुक मा हार गया है; क्योंकि वह जी लगाकर उस आज्ञा पर चला।