Ecclesiastes · chapter 3 · verse 14
Ecclesiastes 3:14 in Hindi
मैं जानता हूं कि जो कुछ परमेश्वर करता है वह सदा स्थिर रहेगा; न तो उस में कुछ बढ़ाया जा सकता है और न कुछ घटाया जा सकता है; परमेश्वर एसा इसलिये करता है कि लोग उसका भय मानें।
Maim jaanataa hoom ki jo kuchh parameshvar karataa hai vah sadaa sthir rahegaa; na to us mem kuchh badhaayaa jaa sakataa hai aur na kuchh ghataayaa jaa sakataa hai; parameshvar esaa isaliye karataa hai ki log usakaa bhay maanen.
Ecclesiastes 3:14 in English
- King James Version (KJV)
- I know that, whatsoever God doeth, it shall be for ever: nothing can be put to it, nor any thing taken from it: and God doeth [it], that [men] should fear before him.
- World English Bible (WEB)
- I know that whatever God does, it shall be forever. Nothing can be added to it, nor anything taken from it; and God has done it, that men should fear before him.
- American Standard Version (ASV)
- I know that, whatsoever God doeth, it shall be for ever: nothing can be put to it, nor anything taken from it; and God hath done it, that men should fear before him.
- Bible in Basic English (BBE)
- I am certain that whatever God does will be for ever. No addition may be made to it, nothing may be taken from it; and God has done it so that man may be in fear before him.
- Darby Translation (DBY)
- I know that whatever God doeth, it shall be for ever; there is nothing to be added to it, nor anything to be taken from it; and God doeth [it], that [men] should fear before him.
- Webster's Bible (WBS)
- I know that, whatever God doeth, it shall be for ever: nothing can be added to it, nor any thing taken from it: and God doeth [it] , that [men] should fear before him.
- Young's Literal Translation (YLT)
- I have known that all that God doth is to the age, to it nothing is to be added, and from it nothing is to be withdrawn; and God hath wrought that they do fear before Him.
Read in context
- 12मैं ने जान लिया है कि मनुष्यों के लिये आनन्द करने और जीवन भर भलाई करने के सियाव, और कुछ भी अच्छा नहीं;
- 13और यह भी परमेश्वर का दान है कि मनुष्य खाए- पीए और अपेन सब परिश्रम में सुखी रहे।
- 14मैं जानता हूं कि जो कुछ परमेश्वर करता है वह सदा स्थिर रहेगा; न तो उस में कुछ बढ़ाया जा सकता है और न कुछ घटाया जा सकता है; परमेश्वर एसा इसलिये करता है कि लोग उसका भय मानें।
- 15जो कुछ हुआ वह इस से पहिले भी हो चुका; जो होनेवाला है, वह हो भी चुका है; और परमेश्वर बीती हुई बात को फिर पूछता है।
- 16फिर मैं ने संसार में क्या देखा कि न्याय के स्थान में दुष्टता होती है, और धर्म के स्थान में भी दुष्टता होती है।
Cross references
- James 1:17 याकूब 1:17क्योंकि हर एक अच्छा वरदान और हर एक उत्तम दान ऊपर ही से है, और ज्योतियों के पिता की ओर से मिलता है, जिस में न तो कोई परिवर्तन हो सकता है, ओर न अदल बदल के कारण उस पर छाया पड़ती है।
- Psalm 33:11 भजन संहिता 33:11यहोवा की युक्ति सर्वदा स्थिर रहेगी, उसके मन की कल्पनाएं पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहेंगी।
- Romans 11:36 रोमियों 11:36क्योंकि उस की ओर से, और उसी के द्वारा, और उसी के लिये सब कुछ है: उस की महिमा युगानुयुग होती रहे: आमीन।।
- Acts 5:39 प्रेरितों के काम 5:39परन्तु यदि परमेश्वर की ओर से है, तो तुम उन्हें कदापि मिटा न सकोगे; कहीं ऐसा न हो, कि तुम परमेश्वर से भी लड़नेवाले ठहरो।
- Proverbs 30:6 नीतिवचन 30:6उसके वचनों में कुछ मत बढ़ा, ऐसा न हो कि वह तुझे डांटे और तू झूठा ठहरे।।
- Titus 1:2 तीतुस 1:2उस अनन्त जीवन की आशा पर, जिस की प्रतिज्ञा परमेश्वर ने जो झूठ बोल नहीं सकता सनातन से की है।
- Proverbs 21:30 नीतिवचन 21:30यहोवा के विरूद्ध न तो कुछ बुद्धि, और न कुछ समझ, न कोई युक्ति चलती है।
- Proverbs 19:21 नीतिवचन 19:21मनुष्य के मन में बहुत सी कल्पनाएं होती हैं, परन्तु जो युक्ति यहोवा करता है, वही स्थिर रहती है।
- Daniel 11:2–4 दानिय्येल 11:2–4और अब मैं तुझ को सच्ची बात बताता हूं। देख, फारस के राज्य में अब तीन और राजा उठेंगे; और चौथा राजा उन सभों से अधिक धनी होगा; और जब वह धन के कारण सामर्थी होगा, तब सब लोगों को यूनान के राज्य के विरूद्ध उभारेगा। उसके बाद एक पराक्रमी राजा उठकर अपना राज्य बहुत बढ़ाएगा, और अपनी इच्छा के अनुसार ही काम किया करेगा। और जब वह बड़ा होगा, तब उसका राज्य टूटेगा और चारों दिशाओं में बटकर अलग अलग हो जाएगा; और न तो उसके राज्य की शक्ति ज्यों की त्यों रहेगी और न उसके वंश को कुछ मिलेगा; क्योंकि उसका राज्य उखड़कर, उनकी अपेक्षा और लोगों को प्राप्त होगा।।
- Psalm 76:10 भजन संहिता 76:10निश्चय मनुष्य की जलजलाहट तेरी स्तुति का कारण हो जाएगी, और जो जलजलाहट रह जाए, उसको तू रोकेगा।
- Ecclesiastes 8:12–13 सभोपदेशक 8:12–13चाहे पापी सौ बार पाप करे अपने दिन भी बढ़ाए, तौभी मुझे निश्चय है कि जो परमेश्वर से डरते हैं और अपने तई उसको सम्मुख जानकरद्दीाय से चलते हैं, उनका भला ही होगा; परन्तु दुष्ट का भला नहीं होने का, और न उसकी जीवनरूपी छाया लम्बी होने पाएगी, क्योंकि वह परमेश्वर का भय नहीं मानता।।
- Ecclesiastes 7:18 सभोपदेशक 7:18यह अच्छा है कि तू इस बात को पकड़े रहे; ओर उस बात पर से भी हाथ न उठाए; क्योंकि जो परमेश्वर का भय मानता है वह इन सब कठिनाइयों से पार जो जाएगा।।