Ephesians · chapter 3 · verse 11
Ephesians 3:11 in Hindi
उस सनातन मनसा के अनुसार, जो उस ने हमारे प्रभु मसीह यीशु में की थीं।
Us sanaatan manasaa ke anusaar, jo us ne hamaare prabhu maseeh yeeshu mem kee theen.
Ephesians 3:11 in English
- King James Version (KJV)
- According to the eternal purpose which he purposed in Christ Jesus our Lord:
- World English Bible (WEB)
- according to the eternal purpose which he accomplished in Christ Jesus our Lord.
- American Standard Version (ASV)
- according to the eternal purpose which he purposed in Christ Jesus our Lord:
- Bible in Basic English (BBE)
- Which is seen in his eternal purpose in Christ Jesus our Lord:
- Darby Translation (DBY)
- according to [the] purpose of the ages, which he purposed in Christ Jesus our Lord,
- Webster's Bible (WBS)
- According to the eternal purpose which he purposed in Christ Jesus our Lord:
- Young's Literal Translation (YLT)
- according to a purpose of the ages, which He made in Christ Jesus our Lord,
Read in context
- 9और सब पर यह बात प्रकाशित करूं, कि उस भेद का प्रबन्ध क्या है, जो सब के सृजनहार परमेश्वर में आदि से गुप्त था।
- 10ताकि अब कलीसिया के द्वारा, परमेश्वर का नाना प्रकार का ज्ञान, उन प्रधानों और अधिकारियों पर, जो स्वर्गीय स्थानों में हैं प्रगट किया जाए।
- 11उस सनातन मनसा के अनुसार, जो उस ने हमारे प्रभु मसीह यीशु में की थीं।
- 12जिस में हम को उस पर विश्वास रखने से हियाव और भरोसे से निकट आने का अधिकार है।
- 13इसलिये मैं बिनती करता हूं कि जो क्लेश तुम्हारे लिये मुझे हो रहे हैं, उनके कारण हियाव न छोड़ो, क्योंकि उन में तुम्हारी महिमा है।।
Cross references
- 2 Timothy 1:9 2 तीमुथियुस 1:9जिस ने हमारा उद्धार किया, और पवित्रा बुलाहट से बुलाया, और यह हमारे कामों के अनुसार नहीं; पर अपनी मनसा और उस अनुग्रह के अनुसार है जो मसीह यीशु में सनातन से हम पर हुआ है।
- Ephesians 1:11 इफिसियों 1:11उसी में जिस में हम भी उसी की मनसा से जो अपनी इच्छा के मत के अनुसार सब कुछ करता है, पहिले से ठहराए जाकर मीरास बने।
- Ephesians 1:4 इफिसियों 1:4जैसा उस ने हमें जगत की उत्पति से पहिले उस में चुन लिया, कि हम उसके निकट प्रेम में पवित्रा और निर्दोष हों।
- Romans 9:11 रोमियों 9:11और अभी तक न तो बालक जन्मे थे, और न उन्हों ने कुछ भला या बुरा किया था कि उस ने कहा, कि जेठा छुटके का दास होगा।
- Isaiah 46:10–11 यशायाह 46:10–11मै तो अन्त की बात आदि से और प्राचीनकाल से उस बात को बताता आया हूं जो अब तक नहीं हुई। मैं कहता हूं, मेरी युक्ति स्थिर रहेगी और मैं अपनी इच्छा को पूरी करूंगा। मैं पूर्व से एक उकाब पक्षी को अर्थात् दूर देश से अपनी युक्ति के पूरा करनेवाले पुरूष को बुलाता हूं। मैं ही ने यह बात कही है और उसे पूरी भी करूंगा; मैं ने यह विचार बान्घा है और उसे सुफल भी करूंगा।
- Ephesians 1:9 इफिसियों 1:9कि उस ने अपनी इच्छा का भेद उस सुमति के अनुसार हमें बताया जिसे उस ने अपने आप में ठान लिया था।
- Isaiah 14:24–27 यशायाह 14:24–27सेनाओं के यहोवा ने यह शपथ खाई है, नि:सन्देह जैसा मैं ने ठाना है, वैसा ही हो जाएगा, और जैसी मैं ने युक्ति की है, वैसी ही पूरी होगी, कि मैं अश्शूर को अपने ही देश में तोड़ दूंगा, और अपने पहाड़ों पर उसे कुचल डालूंगा; तब उसका जूआ उनकी गर्दनों पर से और उसका बोझ उनके कंधों पर से उतर जाएगा। यही युक्ति सारी पृथ्वी के लिये ठहराई गई है; और यह वही हाथ है जो सब जातियों पर बढ़ा हुआ है। क्योंकि सेनाओं के यहोवा ने युक्ति की है और कौन उसका टाल सकता है? उसका हाथ बढ़ाया गया है, उसे कौन रोक सकता है?
- Romans 8:28–30 रोमियों 8:28–30और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात् उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। क्योंकि जिन्हें उस ने पहिले से जान लिया है उन्हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्रा के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहिलौठा ठहरे। फिर जिन्हें उन से पहिले से ठहराया, उन्हें बुलाया भी, और जिन्हें बुलाया, उन्हें धर्मी भी ठहराया है, और जिन्हें धर्मी ठहराया, उन्हें महिमा भी दी है।।
- Jeremiah 51:29 यिर्मयाह 51:29यहोवा ने विचारा है कि वह बाबुल के देश को ऐसा उजाड़ करे कि उस में कोई भी न रहे; इसलिये पृथ्वी कांपती है और दु:खित होती है