Ephesians · chapter 1 · verse 9
Ephesians 1:9 in Hindi
कि उस ने अपनी इच्छा का भेद उस सुमति के अनुसार हमें बताया जिसे उस ने अपने आप में ठान लिया था।
Ki us ne apanee ichchhaa kaa bhed us sumati ke anusaar hamem bataayaa jise us ne apane aap mem thaan liyaa thaa.
Ephesians 1:9 in English
- King James Version (KJV)
- Having made known unto us the mystery of his will, according to his good pleasure which he hath purposed in himself:
- World English Bible (WEB)
- making known to us the mystery of his will, according to his good pleasure which he purposed in him
- American Standard Version (ASV)
- making known unto us the mystery of his will, according to his good pleasure which he purposed in him
- Bible in Basic English (BBE)
- Having made clear to us the secret of his purpose, in agreement with the design which he had in mind, to put into his hands
- Darby Translation (DBY)
- having made known to us the mystery of his will, according to his good pleasure which he purposed in himself
- Webster's Bible (WBS)
- Having made known to us the mystery of his will, according to his good pleasure which he hath purposed in himself:
- Young's Literal Translation (YLT)
- having made known to us the secret of His will, according to His good pleasure, that He purposed in Himself,
Read in context
- 7हम को उस में उसके लोहू के द्वारा छुटकारा, अर्थात् अपराधों की क्षमा, उसके उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है।
- 8जिसे उस ने सारे ज्ञान और समझ सहित हम पर बहुतायत से किया।
- 9कि उस ने अपनी इच्छा का भेद उस सुमति के अनुसार हमें बताया जिसे उस ने अपने आप में ठान लिया था।
- 10कि समयों के पूरे होने का ऐसा प्रबन्ध हो कि जो कुछ स्वर्ग में है, और जो कुछ पृथ्वी पर है, सब कुछ वह मसीह में एकत्रा करे।
- 11उसी में जिस में हम भी उसी की मनसा से जो अपनी इच्छा के मत के अनुसार सब कुछ करता है, पहिले से ठहराए जाकर मीरास बने।
Cross references
- Colossians 1:26–28 कुलुस्सियों 1:26–28अर्थात् उस भेद को समयों और पीढ़ियों से गुप्त रहा, परन्तु अब उसके उन पवित्रा लोगों पर प्रगट हुआ है। जिन पर परमेश्वर ने प्रगट करना चाहा, कि उन्हें ज्ञात हो कि अन्यजातियों में उस भेद की महिमा का मूल्य क्या है? और वह यह है, कि मसीह जो महिमा की आशा है तुम में रहता है। जिस का प्रचार करके हम हर एक मनुष्य को जता देते हैं और सारे ज्ञान से हर एक मनुष्य को सिखाते हैं, कि हम हर एक व्यक्ति को मसीह में सिद्ध करके उपस्थित करें।
- Romans 16:25–27 रोमियों 16:25–27अब जो तुम को मेरे सुसमाचार अर्थात् यीशु मसीह के विषय के प्रचार के अनुसार स्थिर कर सकता है, उस भेद के प्रकाश के अनुसार जो सनातन से छिपा रहा। परन्तु अब प्रगट होकर सनातन परमेश्वर की आज्ञा से भविष्यद्वक्ताओं की पुस्तकों के द्वारा सब जातियों को बताया गया है, कि वे विश्वास से आज्ञा माननेवाले हो जाएं। उसी अद्वैत बुद्धिमान परमेश्वर की यीशु मसीह के द्वारा युगानुयुग महिमा होती रहे। आमीन।।
- Ephesians 3:3–9 इफिसियों 3:3–9अर्थात् यह, कि वह भेद मुझ पर प्रकाश के द्वारा प्रगट हुआ, जैसा मैं पहिले संक्षेप में लिख चुका हूं। जिस से तुम पढ़कर जान सकते हो, कि मैं मसीह का वह भेद कहां तक समझता हूं। जो और और समयों में मनुष्यों की सन्तानों को ऐसा नहीं बताया गया था, जैसा कि आत्मा के द्वारा अब उसके पवित्रा प्ररितों और भविष्यद्वक्ताओं पर प्रगट किया गया हैं। अर्थात् यह, कि मसीह यीशु में सुसमाचार के द्वारा अन्यजातीय लाग मीरास में साझी, और एक ही देह के और प्रतिज्ञा के भागी हैं। और मैं परमेश्वर के अनुग्रह के उस दान के अनुसार, जो सामर्थ के प्रभाव के अनुसार मुझे दिया गया, उस सुसमाचार का सेवक बना। मुझ पर जो सब पवित्रा लोगों में से छोटे से भी छोटा हूं, यह अनुग्रह हुआ, कि मैं अन्यजातियों को मसीह के अगम्य धन का सुसमाचार सुनाऊं। और सब पर यह बात प्रकाशित करूं, कि उस भेद का प्रबन्ध क्या है, जो सब के सृजनहार परमेश्वर में आदि से गुप्त था।
- 2 Timothy 1:9 2 तीमुथियुस 1:9जिस ने हमारा उद्धार किया, और पवित्रा बुलाहट से बुलाया, और यह हमारे कामों के अनुसार नहीं; पर अपनी मनसा और उस अनुग्रह के अनुसार है जो मसीह यीशु में सनातन से हम पर हुआ है।
- Ephesians 1:11 इफिसियों 1:11उसी में जिस में हम भी उसी की मनसा से जो अपनी इच्छा के मत के अनुसार सब कुछ करता है, पहिले से ठहराए जाकर मीरास बने।
- Galatians 1:12 गलातियों 1:12क्योंकि वह मुझै मनुष्य की ओर से नहीं पहुंचा, और न मुझे सिखाया गया, पर यीशु मसीह के प्रकाश से मिला।
- Romans 8:28 रोमियों 8:28और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात् उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं।
- Ephesians 3:11 इफिसियों 3:11उस सनातन मनसा के अनुसार, जो उस ने हमारे प्रभु मसीह यीशु में की थीं।
- 1 Corinthians 2:10–12 1 कुरिन्थियों 2:10–12परन्तु परमेश्वर ने उन को अपने आत्मा के द्वारा हम पर प्रगट किया; क्योंकि आत्मा के द्वारा हम पर प्रगट किया; क्योंकि आत्मा सब बातें, बरन परमेश्वर की गूढ़ बातें भी जांचता है। मनुष्यों में से कौन किसी मनुष्य की बातें जानता, केवल मनुष्य की बातें भी कोई नहीं जानता, केवल परमेवर का आत्मा। परन्तु हम ने संसार की आत्मा नहीं, परन्तु वह आत्मा पाया है, जो परमेश्वर की ओर से है, कि हम उन बातों को जानें, जो परमेश्वर ने हमें दी हैं।
- Ephesians 1:17–18 इफिसियों 1:17–18कि हमारे प्रभु यीशु मसीह का परमेश्वर जो महिमा का पिता है, तुम्हें अपनी पहचान में, ज्ञान और प्रकाश का आत्मा दे। और तुम्हारे मन की आंखें ज्योतिर्मय हों कि तुम जान लो कि उसके बुलाने से कैसी आशा होती है, और पवित्रा लोगों में उस की मीरास की महिमा का धन कैसा है।
- 1 Timothy 3:16 1 तीमुथियुस 3:16और इस में सन्देह नहीं, कि भक्ति का भेद गम्भीर है; अर्थात् वह जो शरीर में प्रगट हुआ, आत्मा में धर्मी ठहरा, स्वर्गदूतों को दिखाई दिया, अन्यजातियों में उसका प्रचार हुआ, जगत में उस पर विश्वास किया गया, और महिमा में ऊपर उठाया गया।।
- Galatians 1:16 गलातियों 1:16जब इच्छा हुई, कि मुझ में अपने पुत्रा को प्रगट करे कि मैं अन्यजातियों में उसका सुसमाचार सुनाऊं; तो न मैं ने मांस और लोहू से सलाह ली;