Ephesians · chapter 3 · verse 17
Ephesians 3:17 in Hindi
और विश्वास के द्वारा मसीह तुम्हारे हृदय में बसे कि तुम प्रेम में जड़ पकड़कर और नेव डाल कर।
Aur vishvaas ke dvaaraa maseeh tumhaare hruday mem base ki tum prem mem jad pakadakar aur nev daal kar.
Ephesians 3:17 in English
- King James Version (KJV)
- That Christ may dwell in your hearts by faith; that ye, being rooted and grounded in love,
- World English Bible (WEB)
- that Christ may dwell in your hearts through faith, to the end that you, being rooted and grounded in love,
- American Standard Version (ASV)
- that Christ may dwell in your hearts through faith; to the end that ye, being rooted and grounded in love,
- Bible in Basic English (BBE)
- So that Christ may have his place in your hearts through faith; and that you, being rooted and based in love,
- Darby Translation (DBY)
- that the Christ may dwell, through faith, in your hearts, being rooted and founded in love,
- Webster's Bible (WBS)
- That Christ may dwell in your hearts by faith; that ye, being rooted and grounded in love,
- Young's Literal Translation (YLT)
- that the Christ may dwell through the faith in your hearts, in love having been rooted and founded,
Read in context
- 15जिस से स्वर्ग और पृथ्वी पर, हर एक घराने का नाम रखा जाता है।
- 16कि वह अपनी महिमा के धन के अनुसार तुम्हें यह दान दे, कि तुम उसके आत्मा से अपने भीतरी मनुष्यत्व में सामर्थ पाकर बलवन्त होते जाओ।
- 17और विश्वास के द्वारा मसीह तुम्हारे हृदय में बसे कि तुम प्रेम में जड़ पकड़कर और नेव डाल कर।
- 18सब पवित्रा लागों के साथ भली भांति समझने की शक्ति पाओ; कि उसकी चौड़ाई, और लम्बाई, और ऊंचाई, और गहराई कितनी है।
- 19और मसीह के उस प्रेम को जान सको जो ज्ञान से परे है, कि तुम परमेश्वर की सारी भरपूरी तक परिपूर्ण हो जाओ।।
Cross references
- Colossians 2:7 कुलुस्सियों 2:7और उसी में जड़ पकड़ते और बढ़ते जाओ; और जैसे तुम सिखाए गए वैसे ही विश्वास में दृढ़ होते जाओ, और अत्यन्त धन्यवाद करते रहो।।
- John 14:23 यूहन्ना 14:23यीशु ने उस को उत्तर दिया, यदि कोई मुझ से प्रेम रखे, तो वह मेरे वचन को मानेगा, और मेरा पिता उस से प्रेम रखेगा, और हम उसके पास आएंगे, और उसके साथ वास करेंगे।
- 1 John 4:16 1 यूहन्ना 4:16और जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, उस को हम जान गए, और हमें उस की प्रतीति है; परमेश्वर प्रेम है: जो प्रेम में बना रहता है, वह परमेश्वर में बना रहता है; और परमेश्वर उस में बना रहता है।
- Galatians 2:20 गलातियों 2:20मैं मसीह के साथ क्रूस पर चढ़ाया गया हूं, और अब मैं जीवित न रहा, पर मसीह मुझ में जीवित है: और मैं शरीर में अब जो जीवित हूं तो केवल उस विश्वास से जीवित हूं, जो परमेश्वर के पुत्रा पर है, जिस ने मुझ से प्रेम किया, और मेरे लिये अपने आप को दे दिया।
- Romans 5:5 रोमियों 5:5और आशा से लज्जा नहीं होती, क्योंकि पवित्रा आत्मा जो हमें दिया गया है उसके द्वारा परमेश्वर का प्रेम हमारे मन में डाला गया है।
- Ephesians 2:21–22 इफिसियों 2:21–22जिस में सारी रचना एक साथ मिलकर प्रभु में एक पवित्रा मन्दिर बनती जाती है। जिस में तुम भी आत्मा के द्वारा परमेश्वर का निवासस्थान होने के लिये एक साथ बनाए जाते हो।।
- Revelation 3:20 प्रकाशितवाक्य 3:20देख, मैं द्वार पर खड़ा हुआ खटखटाता हूं; यदि कोई मेरा शब्द सुनकर द्वार खोलेगा, तो मैं उसके पास भीतर आकर उसके साथ भोजन करूंगा, और वह मेरे साथ।
- 2 Corinthians 6:16 2 कुरिन्थियों 6:16और मूरतों के साथ परमेश्वर के मन्दिर का क्या सम्बन्ध? क्योंकि हम तो जीवते परमेश्वर का मन्दिर हैं; जैसा परमेश्वर ने कहा है कि मैं उन में बसूंगा और उन में चला फिरा करूंगा; और मैं उन का परमेश्वर हूंगा, और वे मेरे लोग होंगे।
- 1 John 4:4 1 यूहन्ना 4:4हे बालको, तुम परमेश्वर के हो: और तुम ने उन पर जय पाई है; क्योंकि जो तुम में है, वह उस से जो संसार में है, बड़ा है।
- Isaiah 57:15 यशायाह 57:15क्योंकि जो महान और उत्तम और सदैव स्थिर रहता, और जिसका नाम पवित्रा है, वह यों कहता है, मैं ऊंचे पर और पवित्रा स्थान में निवास करता हूं, और उसके संग भी रहता हूं, जो खेदित और नम्र हैं, कि, नम्र लोगों के हृदय और खेदित लोगों के मन को हर्षित करूं।
- Colossians 1:23 कुलुस्सियों 1:23यदि तुम विश्वास की नेव पर दृढ़ बने रहो, और उस सुसमाचार की आशा को जिसे तुम ने सुना है न छोड़ो, जिस का प्रचार आकाश के नीचे की सारी सृष्टि में किया गया; और जिस का मैं पौलुस सेवक बना।।
- Colossians 1:27 कुलुस्सियों 1:27जिन पर परमेश्वर ने प्रगट करना चाहा, कि उन्हें ज्ञात हो कि अन्यजातियों में उस भेद की महिमा का मूल्य क्या है? और वह यह है, कि मसीह जो महिमा की आशा है तुम में रहता है।