Ephesians · chapter 5 · verse 1
Ephesians 5:1 in Hindi
इसलिये प्रिय, बालकों की नाई परमेश्वर के सदृश बनो।
Isaliye priy, baalakom kee naaee parameshvar ke sadrush bano.
Ephesians 5:1 in English
- King James Version (KJV)
- Be ye therefore followers of God, as dear children;
- World English Bible (WEB)
- Be therefore imitators of God, as beloved children.
- American Standard Version (ASV)
- Be ye therefore imitators of God, as beloved children;
- Bible in Basic English (BBE)
- Let it then be your desire to be like God, as well-loved children;
- Darby Translation (DBY)
- Be ye therefore imitators of God, as beloved children,
- Webster's Bible (WBS)
- Be ye therefore followers of God, as dear children;
- Young's Literal Translation (YLT)
- Become, then, followers of God, as children beloved,
Read in context
- 1इसलिये प्रिय, बालकों की नाई परमेश्वर के सदृश बनो।
- 2और प्रेम में चलो; जैसे मसीह ने भी तुम से प्रेम किया; और हमारे लिये अपने आप को सुखदायक सुगन्ध के लिये परमेश्वर के आगे भेंट करके बलिदान कर दिया।
- 3और जैसा पवित्रा लागों के योग्य है, वैसा तु में व्यभिचार, और किसी प्रकार अशुद्ध काम, या लोभ की चर्चा तक न हो।
Cross references
- 1 John 4:11 1 यूहन्ना 4:11हे प्रियों, जब परमेश्वर ने हम से ऐसा प्रेम किया, तो हम को भी आपस में प्रेम रखना चाहिए।
- 1 Peter 1:15–16 1 पतरस 1:15–16पर जैसा तुम्हारा बुलाने वाला पवित्र है, वैसे ही तुम भी अपने सारे चाल चलन में पवित्र बनो। क्योंकि लिखा है, कि पवित्र बनो, क्योंकि मैं पवित्र हूं।
- Ephesians 4:32 इफिसियों 4:32और एक दूसरे पर कृपाल, और करूणामय हो, और जैसे परमेश्वर ने मसीह में तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी एक दूसरे के अपराध क्षमा करो।।
- Matthew 5:48 मत्ती 5:48इसलिये चाहिये कि तुम सिद्ध बनो, जैसा तुम्हारा स्वर्गीय पिता सिद्ध है।।
- Luke 6:35–36 लूका 6:35–36बरन अपने शत्रुओं से प्रेम रखो, और भलाई करो: और फिर पाने की आस न रखकर उधार दो; और तुम्हारे लिये बड़ा फल होगा; और तुम परमप्रधान के सन्तान ठहरोगे, क्योंकि वह उन पर जो धन्यवाद नहीं करते और बुरों पर भी कृपालु है। जैसा तुम्हारा पिता दयावन्त है, वैसे ही तुम भी दयावन्त बनो।
- Colossians 3:12 कुलुस्सियों 3:12इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं की नाईं जो पवित्रा और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो।
- Leviticus 11:45 लैव्यव्यवस्था 11:45क्योंकि मैं वह यहोवा हूं जो तुम्हें मि देश से इसलिये निकाल ले आया हूं कि तुम्हारा परमेश्वर ठहरूं; इसलिये तुम पवित्रा बनो, क्योंकि मैं पवित्रा हूं।।
- 1 John 3:1–2 1 यूहन्ना 3:1–2देखो पिता ने हम से कैसा प्रेम किया है, कि हम परमेश्वर की सन्तान कहलाएं, और हम हैं भी: इस कारण संसार हमें नहीं जानता, क्योंकि उस ने उसे भी नहीं जाना। हे प्रियों, अभी हम परमेश्वर की सन्तान हैं, और अब तक यह प्रगट नहीं हुआ, कि हम क्या कुछ होंगे! इतना जानते हैं, कि जब वह प्रगट होगा तो हम भी उसके समान होंगे, क्योंकि उस को वैसा ही देखेंगे जैसा वह है।
- John 1:12 यूहन्ना 1:12परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उस ने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात् उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं।
- Matthew 5:45 मत्ती 5:45जिस से तुम अपने स्वर्गीय पिता की सन्तान ठहरोगे क्योंकि वह भलों और बुरों दोनो पर अपना सूर्य उदय करता है, और धर्मियों और अधर्मियों दोनों पर मेंह बरसाता है।
- Jeremiah 31:20 यिर्मयाह 31:20क्या एप्रैम मेरा प्रिय पुत्र नहीं है? क्या वह मेरा दुलारा लड़का नहीं है? जब जब मैं उसके विरुद्ध बातें करता हूं, तब तब मुझे उसका स्मरण हो आता है। इसलिये मेरा मन उसके कारण भर आता है; और मैं निश्चय उस पर दया करूंगा, यहोवा की यही वाणी है।
- Hosea 1:10 होशे 1:10तौभी इस्राएलियों की गिनती समुद्र की बालू की सी हो जाएगी, जिनका मापना- गिनना अनहोना है; और जिस स्थान में उन से यह कहा जाता था कि तुम मेरी प्रजा नहीं हो, उसी स्थान में वे जीवित परमेश्वर के पुत्रा कहलाएंगे।