Exodus · chapter 14 · verse 5
Exodus 14:5 in Hindi
जब मि के राजा को यह समाचार मिला कि वे लोग भाग गए, तब फिरौन और उसके कर्मचारियों का मन उनके विरूद्ध पलट गया, और वे कहने लगे, हम ने यह क्या किया, कि इस्राएलियों को अपनी सेवकाई से छुटकारा देकर जाने दिया?
Jab mi ke raajaa ko yah samaachaar milaa ki ve log bhaag gae, tab phiraun aur usake karmachaariyom kaa man unake virooddh palat gayaa, aur ve kahane lage, ham ne yah kyaa kiyaa, ki israaeliyom ko apanee sevakaaee se chhutakaaraa dekar jaane diyaa?
Exodus 14:5 in English
- King James Version (KJV)
- And it was told the king of Egypt that the people fled: and the heart of Pharaoh and of his servants was turned against the people, and they said, Why have we done this, that we have let Israel go from serving us?
- World English Bible (WEB)
- The king of Egypt was told that the people had fled; and the heart of Pharaoh and of his servants was changed toward the people, and they said, “What is this we have done, that we have let Israel go from serving us?”
- American Standard Version (ASV)
- And it was told the king of Egypt that the people were fled: and the heart of Pharaoh and of his servants was changed towards the people, and they said, What is this we have done, that we have let Israel go from serving us?
- Bible in Basic English (BBE)
- And word came to Pharaoh of the flight of the people: and the feeling of Pharaoh and of his servants about the people was changed, and they said, Why have we let Israel go, so that they will do no more work for us?
- Darby Translation (DBY)
- And it was told the king of Egypt that the people had fled; and the heart of Pharaoh and of his bondmen was turned against the people, and they said, Why have we done this, that we have let Israel go from our service?
- Webster's Bible (WBS)
- And it was told to the king of Egypt that the people fled: and the heart of Pharaoh and of his servants was turned against the people, and they said, Why have we done this, that we have let Israel go from serving us?
- Young's Literal Translation (YLT)
- And it is declared to the king of Egypt that the people hath fled, and the heart of Pharaoh and of his servants is turned against the people, and they say, 'What [is] this we have done? that we have sent Israel away from our service.'
Read in context
- 3तब फिरौन इस्राएलियों के विषय में सोचेगा, कि वे देश के उलझनों में बझे हैं और जंगल में घिर गए हैं।
- 4तब मैं फिरौन के मन को कठोर कर दूंगा, और वह उनका पीछा करेगा, तब फिरौन और उसकी सारी सेना के द्वारा मेरी महिमा होगी; और मिद्दी जान लेंगे कि मैं यहोवा हूं। और उन्हों ने वैसा ही किया।
- 5जब मि के राजा को यह समाचार मिला कि वे लोग भाग गए, तब फिरौन और उसके कर्मचारियों का मन उनके विरूद्ध पलट गया, और वे कहने लगे, हम ने यह क्या किया, कि इस्राएलियों को अपनी सेवकाई से छुटकारा देकर जाने दिया?
- 6तब उस ने अपना रथ जुतवाया और अपनी सेना को संग लिया।
- 7उस ने छ: सौ अच्दे से अच्छे रथ वरन मि के सब रथ लिए और उन सभों पर सरदार बैठाए।
Cross references
- Psalm 105:25 भजन संहिता 105:25उस ने मिस्त्रियों के मन को ऐसा फेर दिया, कि वे उसकी प्रजा से बैर रखने, और उसके दासों से छल करने लगे।।
- Jeremiah 34:10–17 यिर्मयाह 34:10–17तब सब हाकिमों और सारी प्रजा ने यह प्रण किया कि हम अपने अपने दास- दासियों को स्वतंत्रा कर देंगे और फिर उन से अपनी सेवा न कराएंगे; सो उस प्रण के अनुसार उनको स्वतंत्रा कर दिया। परन्तु इसके बाद वे फिर गए और जिन दास- दासियों को उन्हों ने स्वतत्रा करके जाने दिया था उनको फिर अपने वश में लाकर दास और दासी बना लिया। तब यहोवा की ओर से यह वचन यिर्मयाह के पास पहुंचा, इस्राएल का परमेश्वर यहोवा तुम से यों कहता है, जिस समय मैं तुम्हारे पितरों को दासत्व के घर अर्थात् मिस्र देश से निकाल ले आया, उस समय मैं ने आप उन से यह कहकर वाचा बान्धी कि तुम्हारा जो इब्री भाई तुम्हारे हाथ में बेचा जाए उसको तुम सातवें बरस में छोड़ देना; छे बरस तो वह तुम्हारी सेवा करे परन्तु इसके बाद तुम उसको स्वतंत्रा करके अपने पास से जाने देना। परन्तु तुम्हारे पितरों ने मेरी न सुनी, न मेरी ओर कान लगाया। तुम अभी फिरे तो थे और अपने अपने भाई को स्वतंत्रा कर देने का प्रचार कराके जो काम मेरी दृष्टि में भला हे उसे तुम ने किया भी था, और जो भवन मेरा कहलाता है उस में मेरे साम्हने वाचा भी बान्धी थी; पर तुम भटक गए और मेरा नाम इस रीति से अशुठ्ठ किया कि जिन दास- दासियों को तुम स्वतंत्रा करके उनकी इच्छा पर छोड़ चुके थे उन्हें तुम ने फिर अपने वश में कर लिया है, और वे फिर तुम्हारे दास- दासियां बन गए हैं। इस कारण यहोवा यों कहता है कि तुम ने जो मेरी आज्ञा के अनुसार अपने अपने भाई के स्वतंत्रा होने का प्रचार नहीं किया, सो यहोवा का यह वचन है, सुनो, मैं तुम्हारे इस प्रकार से स्वतंत्रा होने का प्रचार करता हूँ कि तुम तलवार, मरी और महंगी में पड़ोगे; और मैं ऐसा करूंगा कि तुम पृथ्वी के राज्य राज्य में मारे मारे फिरोगे।
- Luke 11:24–26 लूका 11:24–26जब अशुद्ध आत्मा मनुष्य में से निकल जाती है तो सूखी जगहों में विश्राम ढूंढ़ती फिरती है; और जब नहीं पाती तो कहती है; कि मैं अपने उसी घर में जहां से निकली थी लौट जाऊंगी। औश्र आकर उसे झाड़ा- बुहारा और सजाढाया पाती है। तब वह आकर अपने से और बुरी सात आत्माओं को अपने साथ ले आती है, और वे उस में पैठकर वास करती हैं, और उस मनुष्य की पिछली दशा पहिले से भी बुरी हो जाती है।।
- Exodus 12:33 निर्गमन 12:33और मिद्दी जो कहते थे, कि हम तो सब मर मिटे हैं, उन्हों ने इस्राएली लोगों पर दबाव डालकर कहा, कि देश से झटपट निकल जाओ।
- 2 Peter 2:20–22 2 पतरस 2:20–22और जब वे प्रभु और उद्धारकर्ता यीशु मसीह की पहचान के द्वारा संसार की नाना प्रकार की अशुद्धता से बच निकले, और फिर उन में फंसकर हार गए, तो उन की पिछली दशा पहिली से भी बुरी हो गई है। क्योंकि धर्म के मार्ग में न जानना ही उन के लिये इस से भला होता, कि उसे जानकर, उस पवित्रा आज्ञा से फिर जाते, जो उन्हें सौंपी गई थी। उन पर यह कहावत ठीक बैठती है, कि कुत्ता अपनी छांट की ओर और धोई हुई सुअरनी कीचड़ में लोटने के लिये फिर चली जाती है।।
Original words (Hebrew)
- told · H5046נָגַד nâgad
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Egypt · H4714מִצְרַיִם Mitsrayim
- people · H5971עַם ʻam
- fled · H1272בָּרַח bârach
- heart · H3824לֵבָב lêbâb
- Pharaoh · H6547פַּרְעֹה Parʻôh
- servants · H5650עֶבֶד ʻebed
- turned · H2015הָפַךְ hâphak
- people · H5971עַם ʻam
- said · H559אָמַר ʼâmar
- done · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- go · H7971שָׁלַח shâlach
- serving · H5647עָבַד ʻâbad