Exodus · chapter 2 · verse 14
Exodus 2:14 in Hindi
उस ने कहा, किस ने तुझे हम लोगों पर हाकिम और न्यायी ठहराया? जिस भांति तू ने मिद्दी को घात किया क्या उसी भांति तू मुझे भी घात करना चाहता है? तब मूसा यह सोचकर डर गया, कि निश्चय वह बात खुल गई है।
Us ne kahaa, kis ne tujhe ham logom par haakim aur nyaayee thaharaayaa? Jis bhaanti too ne middee ko ghaat kiyaa kyaa usee bhaanti too mujhe bhee ghaat karanaa chaahataa hai? Tab moosaa yah sochakar dar gayaa, ki nishchay vah baat khul gaee hai.
Exodus 2:14 in English
- King James Version (KJV)
- And he said, Who made thee a prince and a judge over us? intendest thou to kill me, as thou killedst the Egyptian? And Moses feared, and said, Surely this thing is known.
- World English Bible (WEB)
- He said, “Who made you a prince and a judge over us? Do you plan to kill me, as you killed the Egyptian?” Moses was afraid, and said, “Surely this thing is known.”
- American Standard Version (ASV)
- And he said, Who made thee a prince and a judge over us? thinkest thou to kill me, as thou killedst the Egyptian? And Moses feared, and said, Surely the thing is known.
- Bible in Basic English (BBE)
- And he said, Who made you a ruler and a judge over us? are you going to put me to death as you did the Egyptian? And Moses was in fear, and said, It is clear that the thing has come to light.
- Darby Translation (DBY)
- And he said, Who made thee ruler and judge over us? dost thou intend to kill me, as thou killedst the Egyptian? Then Moses feared, and said, Surely the matter is known.
- Webster's Bible (WBS)
- And he said, Who made thee a prince and a judge over us? intendest thou to kill me, as thou killedst the Egyptian? And Moses feared, and said, Surely this thing is known.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and he saith, 'Who set thee for a head and a judge over us? to slay me art thou saying [it], as thou hast slain the Egyptian?' and Moses feareth, and saith, 'Surely the thing hath been known.'
Read in context
- 12जब उस ने इधर उधर देखा कि कोई नहीं है, तब उस मिद्दी को मार डाला और बालू में छिपा दिया।।
- 13फिर दूसरे दिन बाहर जाकर उस ने देखा कि दो इब्री पुरूष आपस में मारपीट कर रहे हैं; उस ने अपराधी से कहा, तू अपने भाई को क्यों मारता है?
- 14उस ने कहा, किस ने तुझे हम लोगों पर हाकिम और न्यायी ठहराया? जिस भांति तू ने मिद्दी को घात किया क्या उसी भांति तू मुझे भी घात करना चाहता है? तब मूसा यह सोचकर डर गया, कि निश्चय वह बात खुल गई है।
- 15जब फिरौन ने यह बात सुनी तब मूसा को घात करने की युक्ति की। तब मूसा फिरौन के साम्हने से भागा, और मिद्यान देश में जाकर रहने लगा; और वह वहां एक कुएं के पास बैठ गया।
- 16मिद्यान के याजक की सात बेटियां थी; और वे वहां आकर जल भरने लगीं, कि कठौतों में भरके अपने पिता की भेड़बकरियों को पिलाएं।
Cross references
- Luke 12:14 लूका 12:14उस ने उस से कहा; हे मनुष्य, किस ने मुझे तुम्हारा न्यायी या बांटनेवाला नियुक्त किया है?
- Matthew 21:23 मत्ती 21:23वह मन्दिर में जाकर उपदेश कर रहा था, कि महायाजकों और लोगों के पुरनियों ने उसके पास आकर पूछा, तू ये काम किस के अधिकार से करता है? और तुझे यह अधिकार किस ने दिया है?
- Luke 19:14 लूका 19:14परन्तु उसके नगर के रहनेवाले उस से बैर रखते थे, और उसके पीछे दूतों के द्वारा कहला भेजा, कि हम नहीं चाहते, कि यह हम पर राज्य करे।
- Genesis 19:9 उत्पत्ति 19:9उनहों ने कहा, हट जा। फिर वे कहने लगे, तू एक परदेशी होकर यहां रहने के लिये आया पर अब न्यायी भी बन बैठा है: सो अब हम उन से भी अधिक तेरे साथ बुराई करेंगे। और वे पुरूष लूत को बहुत दबाने लगे, और किवाड़ तोड़ने के लिये निकट आए।
- Genesis 37:19–20 उत्पत्ति 37:19–20और वे आपस में कहने लगे, देखो, वह स्वप्न देखनेहारा आ रहा है। सो आओ, हम उसको घात करके किसी गड़हे में डाल दें, और यह कह देंगे, कि कोई दुष्ट पशु उसको खा गया। फिर हम देखेंगे कि उसके स्वप्नों का क्या फल होगा।
- Psalm 2:2–6 भजन संहिता 2:2–6यहोवा के और उसके अभिषिक्त के विरूद्ध पृथ्वी के राजा मिलकर, और हाकिम आपस में सम्मति करके कहते हैं, कि आओ, हम उनके बन्धन तोड़ डालें, और उनकी रस्सियों को अपने ऊपर से उतार फेंके।। वह जो स्वर्ग में विराजमान है, हंसेगा, प्रभु उनको ठट्ठों में उड़ाएगा। तब वह उन से क्रोध करके बातें करेगा, और क्रोध में कहकर उन्हें घबरा देगा, कि मैं तो अपने ठहराए हुए राजा को अपने पवित्रा पर्वत सिरयोन की राजगद्दी पर बैठा चुका हूं।
- Proverbs 19:12 नीतिवचन 19:12राजा का क्रोध सिंह की गरजन के समान है, परन्तु उसकी प्रसन्नता घास पर की ओस के तुल्य होती है।
- Numbers 16:3 गिनती 16:3और वे मूसा और हारून के विरूद्ध उठ खड़े हुए, और उन से कहने लगे, तुम ने बहुत किया, अब बस करो; क्योंकि सारी मण्डली का एक एक मनुष्य पवित्रा है, और यहोवा उनके मध्य में रहता है; इसलिये तुम यहोवा की मण्डली में ऊंचे पदवाले क्यों बन बैठे हो?
- Acts 7:35 प्रेरितों के काम 7:35जिस मूसा को उन्होंने यह कहकर नकारा था कि तुझे किस ने हम पर हाकिम और न्यायी ठहराया है; उसी को परमेश्वर ने हाकिम और छुड़ाने वाला ठहरा कर, उस स्वर्ग दूत के द्वारा जिस ने उसे झाड़ी में दर्शन दिया था, भेजा।
- Genesis 13:8 उत्पत्ति 13:8तब अब्राम लूत से कहने लगा, मेरे और तेरे बीच, और मेरे और तेरे चरवाहों के बीच में झगड़ा न होने पाए; क्योंकि हम लोग भाई बन्धु हैं।
- Proverbs 29:25 नीतिवचन 29:25मनुष्य का भय खाना फन्दा हो जाता है, परन्तु जो यहोवा पर भरोसा रखता है वह ऊंचे स्थान पर चढ़ाया जाता है।
- Numbers 16:13 गिनती 16:13क्या यह एक छोटी बात है, कि तू हम को ऐसे देश से जिस में दूध और मधु की धाराएं बहती है इसलिये निकाल लाया है, कि हमें जंगल में मार डाले, फिर क्या तू हमारे ऊपर प्रधान भी बनकर अधिकार जताता है?
Original words (Hebrew)
- said · H559אָמַר ʼâmar
- made · H7760שׂוּם sûwm
- thee · H376אִישׁ ʼîysh
- prince · H8269שַׂר sar
- judge · H8199שָׁפַט shâphaṭ
- intendest · H559אָמַר ʼâmar
- kill · H2026הָרַג hârag
- killedst · H2026הָרַג hârag
- Egyptian · H4713מִצְרִי Mitsrîy
- Moses · H4872מֹשֶׁה Môsheh
- feared · H3372יָרֵא yârêʼ
- said · H559אָמַר ʼâmar
- Surely · H403אָכֵן ʼâkên
- thing · H1697דָּבָר dâbâr
- known · H3045יָדַע yâdaʻ