Genesis · chapter 13 · verse 8
Genesis 13:8 in Hindi
तब अब्राम लूत से कहने लगा, मेरे और तेरे बीच, और मेरे और तेरे चरवाहों के बीच में झगड़ा न होने पाए; क्योंकि हम लोग भाई बन्धु हैं।
Tab abraam loot se kahane lagaa, mere aur tere beech, aur mere aur tere charavaahom ke beech mem jhagadaa na hone paae; kyonki ham log bhaaee bandhu hain.
Genesis 13:8 in English
- King James Version (KJV)
- And Abram said unto Lot, Let there be no strife, I pray thee, between me and thee, and between my herdmen and thy herdmen; for we [be] brethren.
- World English Bible (WEB)
- Abram said to Lot, “Please, let there be no strife between you and me, and between your herdsmen and my herdsmen; for we are relatives.
- American Standard Version (ASV)
- And Abram said unto Lot, Let there be no strife, I pray thee, between me and thee, and between my herdsmen and thy herdsmen; for we are brethren.
- Bible in Basic English (BBE)
- Then Abram said to Lot, Let there be no argument between me and you, and between my herdmen and your herdmen, for we are brothers.
- Darby Translation (DBY)
- And Abram said to Lot, I pray thee let there be no contention between me and thee, and between my herdsmen and thy herdsmen, for we are brethren.
- Webster's Bible (WBS)
- And Abram said to Lot, Let there be no strife, I pray thee, between me and thee, and between my herdmen and thy herdmen; for we [are] brethren.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Abram saith unto Lot, 'Let there not, I pray thee, be strife between me and thee, and between my shepherds and thy shepherds, for we [are] men — brethren.
Read in context
- 6सो उस देश में उन दोनों की समाई न हो सकी कि वे इकट्ठे रहें: क्योंकि उनके पास बहुत धन था इसलिये वे इकट्ठे न रह सके।
- 7सो अब्राम, और लूत की भेड़- बकरी, और गाय- बैल के चरवाहों के बीच में झगड़ा हुआ: और उस समय कनानी, और परिज्जी लोग, उस देश में रहते थे।
- 8तब अब्राम लूत से कहने लगा, मेरे और तेरे बीच, और मेरे और तेरे चरवाहों के बीच में झगड़ा न होने पाए; क्योंकि हम लोग भाई बन्धु हैं।
- 9क्या सारा देश तेरे साम्हने नहीं? सो मुझ से अलग हो, यदि तू बाईं ओर जाए तो मैं दहिनी ओर जाऊंगा; और यदि तू दहिनी ओर जाए तो मैं बाईं ओर जाऊंगा।
- 10तब लूत ने आंख उठाकर, यरदन नदी के पास वाली सारी तराई को देखा, कि वह सब सिंची हुई है।
Cross references
- 1 Corinthians 6:6–7 1 कुरिन्थियों 6:6–7बरन भाई भाई में मुक मा होता है, और वह भी अविश्वासियों के साम्हने। परन्तु सचमुच तुम में बड़ा दोष तो यह है, कि आपस में मुक मा करते हो: बरन अन्याय क्यों नहीं सहते? अपनी हानि क्यों नहीं सहते?
- Acts 7:26 प्रेरितों के काम 7:26दूसरे दिन जब वे आपस में लड़ रहे थे, तो वह वहां आ निकला; और यह कहके उन्हें मेल करने के लिये समझाया, कि हे पुरूषो, तुम तो भाई भाई हो, एक दूसरे पर क्यों अन्याय करते हो?
- Psalm 133:1 भजन संहिता 133:1देखो, यह क्या ही भली और मनोहर बात है कि भाई लोग आपस में मिले रहें!
- Romans 12:10 रोमियों 12:10भाईचारे के प्रेम से एक दूसरे पर मया रखो; परस्पर आदर करने में एक दूसरे से बढ़ चलो।
- 2 Peter 1:7 2 पतरस 1:7और भक्ति पर भाईचारे की प्रीति, और भाईचारे की प्रीति पर प्रेम बढ़ाते जाओ।
- Proverbs 15:1 नीतिवचन 15:1कोमल उत्तर सुनने से जलजलाहट ठण्डी होती है, परन्तु कटुवचन से क्रोध धधक उठता है।
- 1 John 2:9–11 1 यूहन्ना 2:9–11जो कोई यह कहता है, कि मैं ज्योति में हूं; और अपने भाई से बैर रखता है, वह अब तक अन्धकार ही में है। जो कोई अपने भाई से प्रेम रखता है, वह ज्योति में रहता है, और ठोकर नहीं खा सकता। पर जो कोई अपने भाई से बैर रखता है, वह अन्धकार में है, और अन्धकार में चलता है; और नहीं जानता, कि कहां जाता है, क्योंकि अन्धकार ने उस की आंखे अन्धी कर दी हैं।।
- 1 John 3:14–19 1 यूहन्ना 3:14–19हम जानते हैं, कि हम मृत्यु से पार होकर जीवन में पहुंचे हैं; क्योंकि हम भाइयों से प्रेम रखते हैं: जो प्रेम नहीं रखता, वह मृत्यु की दशा में रहता है। जो कोई अपने भाई से बैर रखता है, वह हत्यारा है; और तुम जानते हो, कि किसी हत्यारे में अनन्त जीवन नहीं रहता। हम ने प्रेम इसी से जाना, कि उस ने हमारे अपने प्राण दे दिए; और हमें भी भाइयों के लिये प्राण देना चाहिए। पर जिस किसी के पास संसार की संपत्ति हो और वह अपने भाई को कंगाल देखकर उस पर तरस न खाना चाहे, तो उस में परमेश्वर का प्रेम क्योंकर बना रह सकता है? हे बालको, हम वचन और जीभ ही से नहीं, पर काम और सत्य के द्वारा भी प्रेम करें। इसी से हम जानेंगे, कि हम सत्य के हैं; और जिस बात में हमारा मन हमें दोष देगा, उसे विषय में हम उसके साम्हने अपने अपने मन को ढाढ़स दे सकेंगे।
- 1 Peter 4:8 1 पतरस 4:8और सब में श्रेष्ठ बात यह है कि एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो; क्योंकि प्रेम अनेक पापों को ढ़ाप देता है।
- 1 John 4:20–21 1 यूहन्ना 4:20–21यदि कोई कहे, कि मैं परमेश्वर से प्रेम रखता हूं; और अपने भाई से बैर रखे; तो वह झूठा है: क्योंकि जो अपने भाई से, जिस उस ने देखा है, प्रेम नहीं रखता, तो वह परमेश्वर से भी जिसे उस ने नहीं देखा, प्रेम नहीं रख सकता। और उस से हमें यह आज्ञा मिली है, कि जो कोई अपने परमेश्वर से प्रेम रखता है, वह अपने भाई से भी प्रेम रखे।।
- Genesis 11:27–31 उत्पत्ति 11:27–31तेरह की यह वंशावली है। तेरह ने अब्राम, और नाहोर, और हारान को जन्म दिया; और हारान ने लूत को जन्म दिया। और हारान अपने पिता के साम्हने ही, कस्दियों के ऊर नाम नगर में, जो उसकी जन्मभूमि थी, मर गया। अब्राम और नाहोर ने स्त्रियां ब्याह लीं: अब्राम की पत्नी का नाम तो सारै, और नाहोर की पत्नी का नाम मिल्का था, यह उस हारान की बेटी थी, जो मिल्का और यिस्का दोनों का पिता था। सारै तो बांझ थी; उसके संतान न हुई। और तेरह अपना पुत्रा अब्राम, और अपना पोता लूत जो हारान का पुत्रा था, और अपनी बहू सारै, जो उसके पुत्रा अब्राम की पत्नी थी इन सभों को लेकर कस्दियों के ऊर नगर से निकल कनान देश जाने को चला; पर हारान नाम देश में पहुचकर वहीं रहने लगा।
- 1 Peter 3:8 1 पतरस 3:8निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखनेवाले, और करूणामय, और नम्र बनो।