Genesis · chapter 19 · verse 9
Genesis 19:9 in Hindi
उनहों ने कहा, हट जा। फिर वे कहने लगे, तू एक परदेशी होकर यहां रहने के लिये आया पर अब न्यायी भी बन बैठा है: सो अब हम उन से भी अधिक तेरे साथ बुराई करेंगे। और वे पुरूष लूत को बहुत दबाने लगे, और किवाड़ तोड़ने के लिये निकट आए।
Unahom ne kahaa, hat jaa. Phir ve kahane lage, too ek paradeshee hokar yahaam rahane ke liye aayaa par ab nyaayee bhee ban baithaa hai: so ab ham un se bhee adhik tere saath buraaee karenge. Aur ve puroosh loot ko bahut dabaane lage, aur kivaad todane ke liye nikat aae.
Genesis 19:9 in English
- King James Version (KJV)
- And they said, Stand back. And they said [again], This one [fellow] came in to sojourn, and he will needs be a judge: now will we deal worse with thee, than with them. And they pressed sore upon the man, [even] Lot, and came near to break the door.
- World English Bible (WEB)
- They said, “Stand back!” Then they said, “This one fellow came in to live as a foreigner, and he appoints himself a judge. Now we will deal worse with you than with them!” They pressed hard on the man Lot, and came near to break the door.
- American Standard Version (ASV)
- And they said, Stand back. And they said, This one fellow came in to sojourn, and he will needs be a judge: now will we deal worse with thee, than with them. And they pressed sore upon the man, even Lot, and drew near to break the door.
- Bible in Basic English (BBE)
- And they said, Give way there. This one man, they said, came here from a strange country, and will he now be our judge? now we will do worse to you than to them; and pushing violently against Lot, they came near to get the door broken in.
- Darby Translation (DBY)
- And they said, Back there! And they said [again], This one came to sojourn, and he must be a judge? Now we will deal worse with thee than with them. And they pressed hard on the man — on Lot; and drew near to break the door.
- Webster's Bible (WBS)
- And they said, Stand back. And they said [again], This one [man] came in to sojourn, and he will needs be a judge: Now will we deal worse with thee than with them. And they pressed hard upon the man, Lot, and came near to break the door.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And they say, 'Come nigh hither;' they say also, 'This one hath come in to sojourn, and he certainly judgeth! now, we do evil to thee more than [to] them;' and they press against the man, against Lot greatly, and come nigh to break the door.
Read in context
- 7हे मेरे भाइयों, ऐसी बुराई न करो।
- 8सुनो, मेरी दो बेटियां हैं जिन्हों ने अब तक पुरूष का मुंह नहीं देखा, इच्छा हो तो मैं उन्हें तुम्हारे पास बाहर ले आऊं, और तुम को जैसा अच्छा लगे वैसा व्यवहार उन से करो: पर इन पुरूषों से कुछ न करो; क्योंकि ये मेरी छत के तले आए हैं।
- 9उनहों ने कहा, हट जा। फिर वे कहने लगे, तू एक परदेशी होकर यहां रहने के लिये आया पर अब न्यायी भी बन बैठा है: सो अब हम उन से भी अधिक तेरे साथ बुराई करेंगे। और वे पुरूष लूत को बहुत दबाने लगे, और किवाड़ तोड़ने के लिये निकट आए।
- 10तब उन पाहुनों ने हाथ बढ़ाकर, लूत को अपने पास घर में खींच लिया, और किवाड़ को बन्द कर दिया।
- 11और उन्हों ने क्या छोटे, क्या बड़े, सब पुरूषों को जो घर के द्वार पर थे अन्धा कर दिया, सो वे द्वार को टटोलते टटोलते थक गए।
Cross references
- Exodus 2:14 निर्गमन 2:14उस ने कहा, किस ने तुझे हम लोगों पर हाकिम और न्यायी ठहराया? जिस भांति तू ने मिद्दी को घात किया क्या उसी भांति तू मुझे भी घात करना चाहता है? तब मूसा यह सोचकर डर गया, कि निश्चय वह बात खुल गई है।
- 2 Peter 2:7–8 2 पतरस 2:7–8और धर्मी लूत को जो अधर्मियों के अशुद्ध चाल- चलन से बहुत दुखी था छुटकारा दिया। ( क्योंकि वह धर्मी उन के बीच में रहते हुए, और उन के अधर्म के कामों को देख देखकर, और सुन सुनकर, हर दिन अपने सच्चे मन को पीड़ित करता था)।
- Genesis 13:12 उत्पत्ति 13:12अब्राम तो कनान देश में रहा, पर लूत उस तराई के नगरों में रहने लगा; और अपना तम्बू सदोम के निकट खड़ा किया।
- Daniel 3:19–22 दानिय्येल 3:19–22तब नबूकदनेस्सर झुंझला उठा, और उसके चेहरे का रंग शद्रक, मेशक और अबेदनगो की ओर बदल गया। और उस ने आज्ञा दी कि भट्ठे को सातगुणा अधिक धधका दो। फिर अपनी सेना में के कई एक बलवान् पुरूषों को उस ने आज्ञा दी, कि शद्रक, मेशक और अबेदनगो को बान्धकर उन्हें धधकते हुए भट्ठे में डाल दो। तब वे पुरूष अपने मोजों, अंगरखों, बागों और और वस्त्रों सहित बान्धकर, उस धधकते हुए भट्ठे में डाल दिए गए। वह भट्ठा तो राजा की दृढ़ आज्ञा होने के कारण अत्यन्त धधकाया गया था, इस कारण जिन पुरूषों ने शद्रक, मेशक और अबेदनगो को उठाया वे ही आग की आंच से जल मरे।
- Matthew 7:6 मत्ती 7:6मोंगो, तो तुम्हें दिया जाएगा; ढूंढ़ो, तो तुम पाओगे; खटखटाओ, तो तुम्हारे लिये खोला जाएगा।
- Ecclesiastes 9:3 सभोपदेशक 9:3जो कुछ सूर्य के नीचे किया जाता है उस में यह एक दोष है कि सब लोगों की एक सी दशा होती है; और मनुष्यों के मनों में बुराई भरी हुई है, और जब तक वे जीवित रहते हैं उनके मन में बावलापन रहता है, और उसके बाद वे मरे हुओं में जा मिलते हैं।
- Jeremiah 6:15 यिर्मयाह 6:15क्या वे कभी अपने घृणित कामों के कारण लज्जित हुए? नहीं, वे कुछ भी लज्जित नहीं हुए; वे लज्जित होना जानते ही नहीं; इस कारण जब और लोग नीचे गिरें, तब वे भी गिरेंगे, और जब मैं उनको दणड देने लगूंगा, तब वे ठोकर खाकर गिरेंगे, यहोवा का यही वचन है।
- Acts 7:26–28 प्रेरितों के काम 7:26–28दूसरे दिन जब वे आपस में लड़ रहे थे, तो वह वहां आ निकला; और यह कहके उन्हें मेल करने के लिये समझाया, कि हे पुरूषो, तुम तो भाई भाई हो, एक दूसरे पर क्यों अन्याय करते हो? परन्तु जो अपने पड़ोसी पर अन्याय कर रहा था, उस ने उसे यह कहकर हटा दिया, कि तुझे किस ने हम पर हाकिम और न्यायी ठहराया है? क्या जिस रीति से तू ने कल मिसरी को मार डाला मुझे भी मार डालना चाहता है?
- Isaiah 65:5 यशायाह 65:5जो कहते हैं, हट जा, मेरे निकट मत आ, क्योंकि मैं तुझ से पवित्रा हूं। ये मेरी नाक में धूंएं व उस आग के समान हैं जो दिन भर जलती रहती है।
- Proverbs 17:12 नीतिवचन 17:12बच्चा- छीनी- हुई- रीछनी से मिलना तो भला है, परन्तु मूढ़ता में डूबे हुए मूर्ख से मिलना भला नहीं।
- Ecclesiastes 10:13 सभोपदेशक 10:13उसकी बात का आरम्भ मूर्खता का, और उनका अन्त दुखदाई बावलापन होता है।
- Genesis 11:6 उत्पत्ति 11:6और यहोवा ने कहा, मैं क्या देखता हूं, कि सब एक ही दल के हैं और भाषा भी उन सब की एक ही है, और उन्हों ने ऐसा ही काम भी आरम्भ किया; और अब जितना वे करने का यत्न करेंगे, उस में से कुछ उनके लिये अनहोना न होगा।
Original words (Hebrew)
- said · H559אָמַר ʼâmar
- Stand · H5066נָגַשׁ nâgash
- back · H1973הָלְאָה hâlᵉʼâh
- said · H559אָמַר ʼâmar
- one · H259אֶחָד ʼechâd
- in · H935בּוֹא bôwʼ
- sojourn · H1481גּוּר gûwr
- needs · H8199שָׁפַט shâphaṭ
- judge · H8199שָׁפַט shâphaṭ
- worse · H7489רָעַע râʻaʻ
- pressed · H6484פָּצַר pâtsar
- sore · H3966מְאֹד mᵉʼôd
- man · H376אִישׁ ʼîysh
- Lot · H3876לוֹט Lôwṭ
- near · H5066נָגַשׁ nâgash
- break · H7665שָׁבַר shâbar
- door · H1817דֶּלֶת deleth